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कब तक वेस्ट में सिर उठाते रहेंगे नापाक मंसूबे

Sun, 30 Oct 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Sun, 30 Oct 2016 12:20 AM IST
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How long will continue to head in West nefarious designs
crime - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वालों का पश्चिमी यूपी में नेटवर्क लंबे अरसे से जमा हैं। मेरठ में एक साल पूर्व ही एसटीएफ ने पाक जासूस मोहम्मद इजाज को गिरफ्तार किया, तो उससे पूर्व मेरठ में ही आईएसआई एजेंट आरिफ की गिरफ्तारी से कई सनसनीखेज खुलासे हो चुके हैं। 
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चिंता की बात यह है कि समय समय पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आईएसआई की गतिविधियां उजागर होती रहीं तथा आरोपियों की गिरफ्तारी भी होती रही। हर बार एसटीएफ या बाहरी राज्यों की पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन स्थानीय स्तर पर खुफिया इकाईयां और पुलिस अपनी जिम्मेदारी को ठीक से निभा नहीं पातीं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अकेले मेरठ जोन के जिले मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर और गाजियाबाद में इस तरह की हरकत करने वाले लोग पूर्व में भी सामने आ चुके हैं।  
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वेस्ट यूपी का आतंकी कनेक्शन  

मेरठ :  नवंबर 2015 में मेरठ के सदर बाजार क्षेत्र से पाक जासूस मोहम्मद इजाज उर्फ मोहम्मद कलाम को गिरफ्तार  किया गया। वहीं, देहली गेट क्षेत्र निवासी आईएसआई एजेंट आरिफ को गिरफ्तार कर झांसी में कार्यरत सेना के सिपाही को लैपटॉप और कर्नल तक कैश पहुंचाने का खुलासा हुआ। छह साल पहले मेरठ की रूबी और पाकिस्तानी असद को रुड़की (हरिद्वार) में गिरफ्तार किया गया। असद नाम बदलकर रह रहा था। कंकरखेड़ा क्षेत्र से एटीएफ ने महत्वपूर्ण नक्शों के साथ एक आरोपी दबोचा था। शाहपीर गेट निवासी युवक को मुरादाबाद में गिरफ्तार किया था। 
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मुजफ्फरनगर : बुढ़ाना के गांव जौला से आतंकी संगठन जैश- ए मोहम्मद का कमांडर मोहम्मद वारस गिरफ्तार हुआ था। दस साल पूर्व जानसठ क्षेत्र के गांव महलकी निवासी कारी सलीम गिरफ्तार हुआ था, वह नेत्रहीन था। 
सहारनपुर :  शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल पटियाला में पकड़ा गया था। सहारनपुर में उसने जन्म प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया था। दो कश्मीरी छात्र पकड़े, जो सजा पूरी होने के बाद मेरठ जेल से रिहा हुए। अयोध्या में हमले की साजिश से जुड़ा एक आरोपी डाक्टर सहारनपुर के तीतरो से गिरफ्तार हुआ था।  
शामली :  2005  में एसटीएफ ने पांच किलो आरडीएक्स और अत्याधुनिक असलहों के साथ जम्मू कश्मीर के रहने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। कैराना निवासी इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा पाकिस्तान में रहकर नकली नोटों का नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। गठरी उद्योग के जरिये कैराना पहुंची 40 पिस्टल बरामद हुई। चार महीना पूर्व ही कांधला क्षेत्र के गांव गंगेरू निवासी मोहम्मद इसराइल को अटारी बॉर्डर पर स्टील के कंटेनरों में पांच पिस्टल और आठ मैगजीन के साथ गिरफ्तार किया गया। 
बिजनौर ः निवासी दो युवकों को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था, जो आतंकी संगठन हूजी के लिए काम कर रहे थे। इसके अलावा बिजनौर से मुकीम और नासिर को गिरफ्तार किया गया, जो मेरठ जेल में बंद हैं। बिजनौर में ही आतंकियों ने बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बम बनाया, मगर वह फट गया था। 

हापुड़ ः जिले के कस्बा पिलखुवा  निवासी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा बम बनाने में माहिर रहा है और आतंकी संगठन के लिए काम करता रहा। अब्दुल करीम टुंडा को एक साल पूर्व ही गिरफ्तार किया गया। हापुड़ से चार आतंकी गिरफ्तार हुए थे।
 
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