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हिंदी से रोजगार के क्षेत्र में अनेक अवसर खुलें
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शामली के जैन कन्या इंटर कॉलेज में निबंध प्रतियोगिता में भाग लेतीं छात्राएं।
- फोटो : SHAMLI
शामली। अमर उजाला के हिंदी हैं हम अभियान के तहत श्री जैन कन्या इंटर कालेज शामली में अंतर सदन निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय भारत का उज्जवल भविष्य हिंदी भाषा रखा गया। प्रतियोगिता में 40 छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। प्रधानाचार्या डॉ. रुचिता ढाका ने छात्राओं को हिंदी का महत्व बताया। कहा कि वर्तमान में हिंदी की लोकप्रियता में दिन पर दिन वृद्धि होती जा रही है। इसके चलते हिंदी भाषा के क्षेत्र में रोजगार के अनेक अवसर खुले हैं।
बृहस्पतिवार को कालेज में चारों सदन अपाला, गार्गी, घोषा और मैत्रेयी की छात्राओं ने प्रतियोगिता में भाग लेकर निबंध लेखन कर हिंदी के महत्व को बताया। निर्णायक मंडल में शिक्षिका इंदू शर्मा, ममता गर्ग व शोभा जैन रही। प्रतियोगिता के घोषित परिणाम में घोषा सदन की बुलबुल प्रथम स्थान पर रही। द्वितीय स्थान पर अपाला सदन की साहिबा और तृतीय स्थान गार्गी सदन की मुस्कान ने प्राप्त किया।
प्रधानाचार्या ने बताया कि आज विश्व के 40 से अधिक देशों के 600 से अधिक विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में हिंदी भाषा में पठन-पाठन हो रहा है। हिंदी भाषा के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विश्व की शीर्षतम सॉफ्टवेयर कंपनी ने अपने उत्पादों को हिंदी में बनाना शुरू किया है, यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। प्रतियोगिता में विजेता और प्रतिभाग करने वाली छात्राओं को बधाई दी।
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ये बोलीं छात्राएं
हिंदी भारत के लोगों की पहचान है। हिंदी भारतीय संस्कृति की परिचायक है। यही एक ऐसी भाषा है जो जीवन के मूल्यों को सार्थक करती है। यह विश्व में सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। इस भाषा से हमारे व्यक्तित्व की पहचान होती है। - अनम, कक्षा-12
एक भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है, बल्कि यह हमारे जीवन के मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है। यह सरल, सुगम व सहज भाषा होने के साथ विश्व की संभवतय सबसे वैज्ञानिक भाषा है, जिसे दुनिया में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बहुत बड़ी संख्या में मौजूद है। - सुमईयां अंसारी, कक्षा-12
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हिंदी भाषा विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में एक है। हिंदी को देश में राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। किसी भी भाषा राजभाषा बनने के लिए उसमें सर्व व्यापकता, प्रचुर साहित्य रचना, बनावट की दृष्टि आदि सब भावों को प्रकट करने के गुण होने चाहिए, जो हिंदी भाषा में है। - इकरा खातून, कक्षा-12
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भारतीय विचार और संस्कृति का वाहक होने का श्रेय हिंदी को ही जाता है। हिंदी आम आदमी की भाषा के रूप में देश की एकता का सूत्र है। सभी भारतीय भाषाओं की बड़ी बहन होने के नाते हिंदी विभिन्न भाषाओं के उपयोगी और प्रचलित शब्दों को अपने में समाहित करके सही मायनों में भारत की संपर्क भाषा होने की भूमिका निभा रही है। - गिनिशा, कक्षा-12
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बृहस्पतिवार को कालेज में चारों सदन अपाला, गार्गी, घोषा और मैत्रेयी की छात्राओं ने प्रतियोगिता में भाग लेकर निबंध लेखन कर हिंदी के महत्व को बताया। निर्णायक मंडल में शिक्षिका इंदू शर्मा, ममता गर्ग व शोभा जैन रही। प्रतियोगिता के घोषित परिणाम में घोषा सदन की बुलबुल प्रथम स्थान पर रही। द्वितीय स्थान पर अपाला सदन की साहिबा और तृतीय स्थान गार्गी सदन की मुस्कान ने प्राप्त किया।
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प्रधानाचार्या ने बताया कि आज विश्व के 40 से अधिक देशों के 600 से अधिक विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में हिंदी भाषा में पठन-पाठन हो रहा है। हिंदी भाषा के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विश्व की शीर्षतम सॉफ्टवेयर कंपनी ने अपने उत्पादों को हिंदी में बनाना शुरू किया है, यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। प्रतियोगिता में विजेता और प्रतिभाग करने वाली छात्राओं को बधाई दी।
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ये बोलीं छात्राएं
हिंदी भारत के लोगों की पहचान है। हिंदी भारतीय संस्कृति की परिचायक है। यही एक ऐसी भाषा है जो जीवन के मूल्यों को सार्थक करती है। यह विश्व में सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। इस भाषा से हमारे व्यक्तित्व की पहचान होती है। - अनम, कक्षा-12
एक भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है, बल्कि यह हमारे जीवन के मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है। यह सरल, सुगम व सहज भाषा होने के साथ विश्व की संभवतय सबसे वैज्ञानिक भाषा है, जिसे दुनिया में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बहुत बड़ी संख्या में मौजूद है। - सुमईयां अंसारी, कक्षा-12
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हिंदी भाषा विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में एक है। हिंदी को देश में राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। किसी भी भाषा राजभाषा बनने के लिए उसमें सर्व व्यापकता, प्रचुर साहित्य रचना, बनावट की दृष्टि आदि सब भावों को प्रकट करने के गुण होने चाहिए, जो हिंदी भाषा में है। - इकरा खातून, कक्षा-12
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भारतीय विचार और संस्कृति का वाहक होने का श्रेय हिंदी को ही जाता है। हिंदी आम आदमी की भाषा के रूप में देश की एकता का सूत्र है। सभी भारतीय भाषाओं की बड़ी बहन होने के नाते हिंदी विभिन्न भाषाओं के उपयोगी और प्रचलित शब्दों को अपने में समाहित करके सही मायनों में भारत की संपर्क भाषा होने की भूमिका निभा रही है। - गिनिशा, कक्षा-12