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प्रदूषित पानी से मुक्ति दिलाने के लिए हाईवे जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
Updated Fri, 24 Mar 2017 12:50 AM IST
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प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : amar ujala
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शामली। फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी की वजह से लिलौन गांव में बीमारियां फैल रही हैं। गांव के लोगों ने कई बार समस्या का समाधान कराने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस पर आक्रोशित लोगों ने दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर जाम लगाकर हंगामा प्रदर्शन किया। चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कलक्ट्रेट में आमरण अनशन किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी विक्रांत चौधरी और कालखंडे खाप के चौधरी संजय कालखंडे के नेतृत्व में लिलौन गांव के लोग हाईवे पर एकत्र हुए। विक्रांत चौधरी ने कहा कि गांव के पास से गुजर रहे नाले में फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी छोड़ा जा रहा है, जिस कारण भूगर्भ जल भी प्रदूषित हो रहा है और गांव में लगे हैंडपंपों से भी जहरीला पानी निकल रहा है। इससे बीमारियां फैल रही हैं। कई बार जिला प्रशासन से मांग की गई थी कि नाले में डाले जा रहे फैक्ट्रियों के केमिकल युक्त पानी को बंद कराया जाएं। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया। बाबा संजय कालखंडे ने कहा कि प्रशासन जानबूझकर समस्या का समाधान नहीं करा रहा। इस दौरान करीब आधा घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा। मौके पर पहुंचे कोतवाली पुलिस को पांच सूत्रीय ज्ञापन दिया गया।
इसमें ग्रामीणों ने कहा कि नाले में प्रदूषित पानी डालना बंद कराया जाए, गांव के मुख्य मार्ग पर दो पुलिया काफी नीची हैं, जिस कारण जलभराव रहता है, उन पुलिया को ऊंचा कराया जाएं। गांव के बीच मुख्य मार्ग पर पत्थर बिछे हैं, जिनके स्थान पर सड़क का निर्माण कराया जाएं। साथ ही लिलौन से शुगर मिल की ओर जाने वाले रास्ते का निर्माण कराया जाएं।
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इस दौरान अनिल प्रधान, बाबू पहलवान, जय शर्मा, ओमकार सिंह, रविंद्र चौधरी, बिरम सिंह, हरेंद्र प्रधान, योगेंद्र सिंह, सचिन वर्मा, सतपाल शर्मा, राजपाल सिंह, मुकेश चौधरी, जगपाल सिंह, सुरेशपाल, दिनेश कुमार, संदीप कुमार, अमित कुमार, जयवीर सिंह, बीरबल प्रधान और राजकुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी विक्रांत चौधरी और कालखंडे खाप के चौधरी संजय कालखंडे के नेतृत्व में लिलौन गांव के लोग हाईवे पर एकत्र हुए। विक्रांत चौधरी ने कहा कि गांव के पास से गुजर रहे नाले में फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी छोड़ा जा रहा है, जिस कारण भूगर्भ जल भी प्रदूषित हो रहा है और गांव में लगे हैंडपंपों से भी जहरीला पानी निकल रहा है। इससे बीमारियां फैल रही हैं। कई बार जिला प्रशासन से मांग की गई थी कि नाले में डाले जा रहे फैक्ट्रियों के केमिकल युक्त पानी को बंद कराया जाएं। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया। बाबा संजय कालखंडे ने कहा कि प्रशासन जानबूझकर समस्या का समाधान नहीं करा रहा। इस दौरान करीब आधा घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा। मौके पर पहुंचे कोतवाली पुलिस को पांच सूत्रीय ज्ञापन दिया गया।
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इसमें ग्रामीणों ने कहा कि नाले में प्रदूषित पानी डालना बंद कराया जाए, गांव के मुख्य मार्ग पर दो पुलिया काफी नीची हैं, जिस कारण जलभराव रहता है, उन पुलिया को ऊंचा कराया जाएं। गांव के बीच मुख्य मार्ग पर पत्थर बिछे हैं, जिनके स्थान पर सड़क का निर्माण कराया जाएं। साथ ही लिलौन से शुगर मिल की ओर जाने वाले रास्ते का निर्माण कराया जाएं।
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इस दौरान अनिल प्रधान, बाबू पहलवान, जय शर्मा, ओमकार सिंह, रविंद्र चौधरी, बिरम सिंह, हरेंद्र प्रधान, योगेंद्र सिंह, सचिन वर्मा, सतपाल शर्मा, राजपाल सिंह, मुकेश चौधरी, जगपाल सिंह, सुरेशपाल, दिनेश कुमार, संदीप कुमार, अमित कुमार, जयवीर सिंह, बीरबल प्रधान और राजकुमार सिंह आदि मौजूद रहे।