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कैसे हो गुंडागर्दी कम, शासन भी गंभीर नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 24 Jun 2016 11:44 PM IST
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अपराध
- फोटो : प्रतीकात्मक
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शामली में पलायन प्रकरण ने जिले की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अपराध लगातार बढ़ रहा है, मगर अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस के मानो हाथ बंधे हैं। कारण बताया जाता है पुलिस की कमी। इसमें शासन स्तर से भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। तभी जिले में चार नए थानों की स्थापना का प्रस्ताव दो साल से भी ज्यादा समय से शासन स्तर पर लंबित है।
शासन स्तर से लंबित
कैराना देहात, शामली देहात, ऊन और चौसाना में नए थाने बनाए जाने हैं। दो साल पूर्व इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। पलायन प्रकरण को लेकर जिले की कानून व्यवस्था को लेकर हल्ला मचा है।
प्रदेश सरकार की तरफ से भेजे गए संतों के दल ने भी माना कि स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था खराब है। उसके पीछे संतों के दल ने बदमाशों को राजनीतिक संरक्षण बताया, मगर सच्चाई यह भी है कि जिले में पुलिसकर्मियों की तैनाती पर कभी शासन गंभीर नहीं दिखा। यदि गंभीरता बरती जाती, तो नए थाने खोलने को अब तक स्वीकृति मिल जानी चाहिए थी।
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शासन स्तर से लंबित
कैराना देहात, शामली देहात, ऊन और चौसाना में नए थाने बनाए जाने हैं। दो साल पूर्व इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। पलायन प्रकरण को लेकर जिले की कानून व्यवस्था को लेकर हल्ला मचा है।
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प्रदेश सरकार की तरफ से भेजे गए संतों के दल ने भी माना कि स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था खराब है। उसके पीछे संतों के दल ने बदमाशों को राजनीतिक संरक्षण बताया, मगर सच्चाई यह भी है कि जिले में पुलिसकर्मियों की तैनाती पर कभी शासन गंभीर नहीं दिखा। यदि गंभीरता बरती जाती, तो नए थाने खोलने को अब तक स्वीकृति मिल जानी चाहिए थी।
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