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Khaki and khadi mail Mining games

Thu, 31 Mar 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली Updated Thu, 31 Mar 2016 01:28 AM IST
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Khaki and khadi mail Mining games
झिंझाना हाईवे के पास खड़ी रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली। - फोटो : अमर उजाला
झिंझाना। खादर क्षेत्र में खाकी और खादी के मेल से खनन का खेल चल रहा है। आखिर पुलिस क्यों चुप है। कही सिक्कों की चमक से पुलिस की आंखें चकाचौंध तो नहीं हो गई। जिस कारण तमाम पाबंदियों के बावजूद यमुना का सीना चीरा जा रहा है। जेसीबी, पोकलेन मशीनें लगाकर अवैध खनन चल रहा है। क्षेत्र में सड़कों पर दौड़ते डंपर अवैध रेत खनन की गवाही दे रहे हैं। 
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झिंझाना क्षेत्र में खनन माफियाओं का बोलबाला है। वर्तमान में क्षेत्र के गांव शीतलगढ़ी, बिड़ौली सादात, ख्वाजपुरा, मंगलौरा, चौतरा, मंसूरा व चौसाना के भड़ी में जेसीबी से खनन हो रहा है। रेत से भरे वाहन रात भर  शामली करनाल हाईवे, ऊन-थानाभवन व गंगोह-चौसाना मार्ग से गुजरते हैं।
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ऐसा नहीं है कि पुलिस को इसकी जानकारी ना हो सब कुछ मिली भगत से हो रहा है। शीतलगढ़ी में पहले खनन का ठेका था, जिसकी समय सीमा समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद भी वहां पर खनन हो रहा है। अब माफिया स्टाक पड़ा होना बताकर रात्री में जेसीबी से खनन करते हैं। दिन में रायल्टी लेकर ट्रैक्टर ट्राली निकालते हैं।  
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इस दौरान एक दिन में रॉयल्टी की करीब 20 ट्रॉली निकलती हैं, लेकिन बाकी के छह खनन स्थानों से लगभग 300 ट्रॉली रेत की निकल रही हैं। इन ट्रॉलियों से एक हजार से दो हजार तक वसूली की जाती है।


गांव के लोगों ने कई बार आला अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। समाजसेवी धर्मवीर सिंह ने भी छह माह पूर्व सूचना के अधिकार के तहत डीएम शामली से रेत खनन की जानकारी मांगी, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। अब धर्मवीर सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। 
 
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