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Shamli News: वीआईपी नंबर से लेकर गाड़ी नाम ट्रांसफर तक में हो रही वसूली

Wed, 10 Jun 2026 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Wed, 10 Jun 2026 12:44 AM IST
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Extortion is taking place in everything from VIP number allocations to vehicle ownership transfers.
शामली। एआरटीओ कार्यालय के बाहर एक बार फिर दलाल सक्रिय हैं। वाहन संबंधी विभिन्न कार्यों को जल्द कराने के नाम पर लोगों से अतिरिक्त रकम वसूली जा रही है। वीआईपी नंबर दिलाने से लेकर वाहन नाम ट्रांसफर तक के लिए यहां रेट तय है। दलालों का दावा है कि कार्यालय में उनकी पैठ है। वे कम समय में काम कराने का दावा कर रहे हैं। संवाद
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आसानी से मिल जाएगा वीआईपी नंबर
संवाददाता ने कार के लिए वीआईपी नंबर लेने के लिए एआरटीओ कार्यालय के बाहर एक दलाल से बातचीत की। दलाल ने तुरंत विभिन्न नंबरों की सूची दिखाते हुए बताया कि 0010, 0099, 1111, 1800, 9000 और अन्य पसंदीदा नंबर आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। उसने बताया कि नंबर की श्रेणी के अनुसार 25 हजार से 50 हजार रुपये तक खर्च आएगा, जबकि उसकी फीस अलग से होगी। दलाल ने दावा किया कि एक सप्ताह के भीतर मनचाहा नंबर आवंटित करा दिया जाएगा।
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बोली में शामिल होने की जरूरत नहीं
एक अन्य दलाल ने दावा किया कि 0001 और 0002 जैसे अत्यधिक मांग वाले नंबर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं। ऐसे नंबरों के लिए ग्राहक को स्वयं ऑनलाइन बोली लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उसके अनुसार कुछ लोग बोली प्रक्रिया में शामिल हो जाएंगे और ग्राहक को केवल अतिरिक्त राशि देनी होगी। उसने कहा कि नंबर की कीमत के अलावा 20 हजार रुपये तक अतिरिक्त खर्च देना होगा।
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ऊपर तक देना पड़ता है पैसा
पड़ताल के दौरान एक दलाल ने दावा किया कि वीआईपी नंबरों पर अतिरिक्त रकम इसलिए ली जाती है क्योंकि कई जगह पैसा देना पड़ता है। उसने बताया कि यदि किसी नंबर की कीमत 50 हजार रुपये है तो 10 से 15 हजार रुपये अतिरिक्त और यदि नंबर एक लाख रुपये की श्रेणी का है तो 20 से 30 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

वाहन नाम कराने के भी तय रेट
दलालों ने वाहन स्वामित्व परिवर्तन (नामांतरण) के लिए भी तय रकम बताई। एक दलाल ने कार का नामांतरण कराने के लिए पांच हजार रुपये और बाइक के लिए तीन हजार रुपये तक लेने की बात कही। उसका दावा था कि सभी औपचारिकताएं वह खुद पूरी करा देगा और आवेदक को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।

कार्यालय के बाहर फैला है नेटवर्क
पड़ताल में सामने आया कि एआरटीओ कार्यालय के आसपास 20 से अधिक लोगों ने स्थायी या अस्थायी रूप से अपने खोखे और कार्यालय बना रखे हैं। इनमें से अधिकांश वाहन संबंधी कार्य कराने का दावा कर रहे हैं। वे लाइसेंस, आरसी, परमिट, फिटनेस, टैक्स और अन्य कार्य कम समय में कराने का दावा कर रहे है


दलालों के बहकावे में न आएं, ऐसे करें खुद वीआईपी नंबर की बुकिंग
वाहन के लिए फैंसी या वीआईपी नंबर परिवहन विभाग की आधिकारिक ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।
परिवहन विभाग के पोर्टल पर जाएं।
मोबाइल नंबर और ई-मेल के माध्यम से पंजीकरण करें।
राज्य, आरटीओ और वाहन श्रेणी का चयन करें।
उपलब्ध नंबरों की सूची देखें।
निर्धारित शुल्क जमा करें।
आवश्यकता होने पर ई-नीलामी में भाग लें।
सफल बोली के बाद आवंटन पत्र डाउनलोड करें।
वीआईपी नंबरों के नाम पर दलालों द्वारा वसूली करने के मामले की जानकारी नहीं है। यदि इस प्रकार की शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। दलालों के खिलाफ अभियान चलाकर शिकंजा कसा जाएगा। – प्रवेश कुमार, एआरटीओ शामली

कल की किस्त में पढ़िए... तीन से चार हजार रुपये लेकर बनवाए जा रहे ड्राइविंग लाइसेंस! एआरटीओ कार्यालय तक में सेटिंग का दावा
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