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दुनियावी तालीम भी जरूरी : नजीब जंग
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
Updated Wed, 04 May 2016 12:01 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कांधला। दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग ने कांधला में इस्लामिक धर्मगुरु हजरत मौलाना इफ्तेखारुल हसन से मुलाकात कर दुआ कराई आैर अपने काफिले के साथ दिल्ली रवाना हो गए।
मंगलवार को दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने काफिले के साथ इस्लामिक धर्मगुरु हजरत मौलाना इफ्तेखारूल हसन से मिलने के लिए 11 बजे उनके आवास पर पहुंचे। जहां पर हजरत मौलाना इफ्तेखारुल हसन के पुत्र मौलाना राशिद नूरुल हसन, मौलाना बदर और नगर पालिका चेयरमैन हाजी वाजिद हसन सहित अनेक गण्यमान्य लोगों ने उप राज्यपाल का जोरदार स्वागत किया।
उप राज्यपाल हजरत मौलाना से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे। दोनों के बीच कमरे में काफी देर तक वार्ता चलती रही। हजरत मौलाना के पुत्र मौलाना राशिद नुरुल हसन, मौलाना बदर व मौलाना जिया सहित परिवार के लोगों ने भेंट की।
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मौलाना राशिद नुरुल हसन ने अपनी ऐतिहासिक लाइब्रेरी में इस्लामिक इतिहास और भारत की संस्कृति से ओत प्रोत किताबों के बारे में जानकारी दी। उप राज्यपाल ने कहा कि ऐसी अनोखी व अद्भुत किताबों को हमेशा संजोकर रखना चाहिए। हजरत मौलाना के द्वारा बनाए गए ईदगाह मदरसे में दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था भी होनी चाहिए। जिससे मुस्लिम समाज शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सके।
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मंगलवार को दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने काफिले के साथ इस्लामिक धर्मगुरु हजरत मौलाना इफ्तेखारूल हसन से मिलने के लिए 11 बजे उनके आवास पर पहुंचे। जहां पर हजरत मौलाना इफ्तेखारुल हसन के पुत्र मौलाना राशिद नूरुल हसन, मौलाना बदर और नगर पालिका चेयरमैन हाजी वाजिद हसन सहित अनेक गण्यमान्य लोगों ने उप राज्यपाल का जोरदार स्वागत किया।
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उप राज्यपाल हजरत मौलाना से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे। दोनों के बीच कमरे में काफी देर तक वार्ता चलती रही। हजरत मौलाना के पुत्र मौलाना राशिद नुरुल हसन, मौलाना बदर व मौलाना जिया सहित परिवार के लोगों ने भेंट की।
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मौलाना राशिद नुरुल हसन ने अपनी ऐतिहासिक लाइब्रेरी में इस्लामिक इतिहास और भारत की संस्कृति से ओत प्रोत किताबों के बारे में जानकारी दी। उप राज्यपाल ने कहा कि ऐसी अनोखी व अद्भुत किताबों को हमेशा संजोकर रखना चाहिए। हजरत मौलाना के द्वारा बनाए गए ईदगाह मदरसे में दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था भी होनी चाहिए। जिससे मुस्लिम समाज शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सके।