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सुबह से हो गई शाम फिर भी हाथ खाली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:02 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। तीन दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को बैंक शाखाएं खुलीं, तो ग्राहकों की भीड़ बैंक शाखाओं पर उमड़ पड़ी। शहर की अधिकांश बैंक शाखाओं पर दोपहर तक ही नो कैश की स्थिति हो गई, जिसके चलते हंगामा हुआ। कहीं ग्राहकों की बैंक कर्मियों से तीखी नोकझोंक हुई।
आलम यह रहा कि मंगलवार सुबह पांच बजे से ही बैंक शाखाओं पर ग्राहकों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। दोपहर होते-होते भीड़ और बढ़ी तथा लंबी लाइन लग गई। शहर में वर्मा मार्केट स्थित इंडियन बैंक शाखा पर सुबह नौ बजे तक करीब 300 ग्राहक लाइन में लगे रहे। मार्केट के भीतर से बाहर मुख्य मार्ग तक लाइन पहुंच गई थी। अधिकांश लोग जरूरत के हिसाब से कैश लेने पहुंचे थे, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे से पहले ही नो कैश की स्थिति बन गई।
उधर, एसबीआई शाखा पर काउंटर से ग्राहकों को 10-10 हजार रुपये वितरित किए गए। वहां भी मुख्य मार्ग पर सैकड़ों ग्राहक सुबह से दोपहर बाद तक लाइन लगाकर खड़े रहे। इसी तरह मिल रोड के पास यूनियन बैंक शाखा पर मारामारी की स्थिति बनी रही। व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां पुलिसकर्मी भी तैनात थे, लेकिन ग्राहकों की भीड़ ज्यादा होने के कारण कई बार हंगामा होता रहा।
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बैंक शाखाओं पर भीड़ के साथ ही शहर के एटीएम बंद होने से ग्राहकों की दिक्कत कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को भी शहर के अधिकांश एटीएम पर नो कैश अथवा खराब ही रहे।
करना पड़ रहा कई कई दिन इंतजार
एसबीआई शाखा पर कैश निकालने पहुंचे गांव कुड़ाना निवासी शिवकुमार ने बताया कि उन्हें अपनी आंख का ऑपरेशन कराना है। बीते 10 दिन से वह अपने खाते से कैश निकालने के लिए प्रयास कर रहे हैं। कई बार लाइन में लगे, लेकिन जब तक नंबर आया, कैश खत्म हो गया। मंगलवार को उन्हें खाते से 10 हजार मिल गए। शिव विहार निवासी नीलम और माजरा रोड निवासी सरिता ने बताया कि जरूरी कार्यों के लिए खाते से कैश निकालने को वह कई दिन से बैंक के चक्कर काट रही हैं।
बैंक कर्मियों से हुई तीखी नोकझोंक
लिसाढ़ गांव स्थित केनरा बैंक शाखा पर मंगलवार सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ जुटी थी। दोपहर करीब दो बजे कैश पहुंचा और कुछ ही देर बाद बैंक कर्मियों ने कह दिया कि जितना कैश आया था, वह वितरित कर दिया गया है। इसको लेकर ग्राहकों ने हंगामा कर दिया। बैंक कर्मियों से ग्राहकों की तीखी नोकझोंक हुई और हाथापाई की नौबत आ गई। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने गुस्साए ग्राहकों को समझा बुझाकर शांत किया। वहीं, इसके अलावा पूर्व प्रधान सुरेश, सतेंद्र, सत्यप्रकाश, प्रमोद, मगन, पप्पू, बाबूराम और राजकुमार ने बताया कि बैंक कर्मी कैश वितरण में मनमानी कर उपभोक्तओं का उत्पीड़न कर रहे हैं।
ग्राहकों की समस्या का समाधान कराने की मांग
शामली। बैंकों के बाहर लाइन में लगे लोगों को कैश न देने और अभद्र व्यवहार करने को लेकर बैंक कर्मियों के खिलाफ भाजपाइयों ने लीड बैंक मैनेजर को पत्र भेजा है।
उन्होंने कहा कि ग्राहकों को कैश देने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। मंगलवार को भाजपा जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने मीटिंग करने के बाद लीड बैंक मैनेजर को पत्र भेजा। उसमें कहा गया कि नोटबंदी के बाद बैंकों द्वारा लोगों का पर्याप्त सहयोग नहीं किया जा रहा है। नए नोट निकालने में लोगों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। बैंक स्टाफ के असहयोग के कारण कई बार ग्राहकों को खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। वहीं, बैंक नए खाते खोलने तथा पुरानी करेंसी को जमा करने में भी आनाकानी कर रहे हैं।
पत्र में कहा है कि बैंक मैनेजर एवं स्टाफ द्वारा नोट बदलने में हेराफेरी की शिकायतें भी मिल रही हैं। लीड बैंक मैनेजर से मांग की गई है कि बैंक के पास उपलब्ध कैश का पारदर्शी रूप से वितरण कराया जाए। पत्र भेजने वालों में जिलाध्यक्ष पवन तरार, नगराध्यक्ष डॉक्टर विपिन कौशिक, जिला महामंत्री विशेष सरोहा, सूर्यवीर, संजीव मलिक, सचिन जैन, सुनील अरोरा, राजपाल सिंह, राजेश मलिक, पूनम, वेदपाल सिंह, पुनीत द्विवेदी, रवि गोयल, अभय तोमर, आशु नामदेव, नवीन मलिक आदि शामिल रहे।
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आलम यह रहा कि मंगलवार सुबह पांच बजे से ही बैंक शाखाओं पर ग्राहकों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। दोपहर होते-होते भीड़ और बढ़ी तथा लंबी लाइन लग गई। शहर में वर्मा मार्केट स्थित इंडियन बैंक शाखा पर सुबह नौ बजे तक करीब 300 ग्राहक लाइन में लगे रहे। मार्केट के भीतर से बाहर मुख्य मार्ग तक लाइन पहुंच गई थी। अधिकांश लोग जरूरत के हिसाब से कैश लेने पहुंचे थे, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे से पहले ही नो कैश की स्थिति बन गई।
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उधर, एसबीआई शाखा पर काउंटर से ग्राहकों को 10-10 हजार रुपये वितरित किए गए। वहां भी मुख्य मार्ग पर सैकड़ों ग्राहक सुबह से दोपहर बाद तक लाइन लगाकर खड़े रहे। इसी तरह मिल रोड के पास यूनियन बैंक शाखा पर मारामारी की स्थिति बनी रही। व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां पुलिसकर्मी भी तैनात थे, लेकिन ग्राहकों की भीड़ ज्यादा होने के कारण कई बार हंगामा होता रहा।
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बैंक शाखाओं पर भीड़ के साथ ही शहर के एटीएम बंद होने से ग्राहकों की दिक्कत कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को भी शहर के अधिकांश एटीएम पर नो कैश अथवा खराब ही रहे।
करना पड़ रहा कई कई दिन इंतजार
एसबीआई शाखा पर कैश निकालने पहुंचे गांव कुड़ाना निवासी शिवकुमार ने बताया कि उन्हें अपनी आंख का ऑपरेशन कराना है। बीते 10 दिन से वह अपने खाते से कैश निकालने के लिए प्रयास कर रहे हैं। कई बार लाइन में लगे, लेकिन जब तक नंबर आया, कैश खत्म हो गया। मंगलवार को उन्हें खाते से 10 हजार मिल गए। शिव विहार निवासी नीलम और माजरा रोड निवासी सरिता ने बताया कि जरूरी कार्यों के लिए खाते से कैश निकालने को वह कई दिन से बैंक के चक्कर काट रही हैं।
बैंक कर्मियों से हुई तीखी नोकझोंक
लिसाढ़ गांव स्थित केनरा बैंक शाखा पर मंगलवार सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ जुटी थी। दोपहर करीब दो बजे कैश पहुंचा और कुछ ही देर बाद बैंक कर्मियों ने कह दिया कि जितना कैश आया था, वह वितरित कर दिया गया है। इसको लेकर ग्राहकों ने हंगामा कर दिया। बैंक कर्मियों से ग्राहकों की तीखी नोकझोंक हुई और हाथापाई की नौबत आ गई। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने गुस्साए ग्राहकों को समझा बुझाकर शांत किया। वहीं, इसके अलावा पूर्व प्रधान सुरेश, सतेंद्र, सत्यप्रकाश, प्रमोद, मगन, पप्पू, बाबूराम और राजकुमार ने बताया कि बैंक कर्मी कैश वितरण में मनमानी कर उपभोक्तओं का उत्पीड़न कर रहे हैं।
ग्राहकों की समस्या का समाधान कराने की मांग
शामली। बैंकों के बाहर लाइन में लगे लोगों को कैश न देने और अभद्र व्यवहार करने को लेकर बैंक कर्मियों के खिलाफ भाजपाइयों ने लीड बैंक मैनेजर को पत्र भेजा है।
उन्होंने कहा कि ग्राहकों को कैश देने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। मंगलवार को भाजपा जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने मीटिंग करने के बाद लीड बैंक मैनेजर को पत्र भेजा। उसमें कहा गया कि नोटबंदी के बाद बैंकों द्वारा लोगों का पर्याप्त सहयोग नहीं किया जा रहा है। नए नोट निकालने में लोगों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। बैंक स्टाफ के असहयोग के कारण कई बार ग्राहकों को खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। वहीं, बैंक नए खाते खोलने तथा पुरानी करेंसी को जमा करने में भी आनाकानी कर रहे हैं।
पत्र में कहा है कि बैंक मैनेजर एवं स्टाफ द्वारा नोट बदलने में हेराफेरी की शिकायतें भी मिल रही हैं। लीड बैंक मैनेजर से मांग की गई है कि बैंक के पास उपलब्ध कैश का पारदर्शी रूप से वितरण कराया जाए। पत्र भेजने वालों में जिलाध्यक्ष पवन तरार, नगराध्यक्ष डॉक्टर विपिन कौशिक, जिला महामंत्री विशेष सरोहा, सूर्यवीर, संजीव मलिक, सचिन जैन, सुनील अरोरा, राजपाल सिंह, राजेश मलिक, पूनम, वेदपाल सिंह, पुनीत द्विवेदी, रवि गोयल, अभय तोमर, आशु नामदेव, नवीन मलिक आदि शामिल रहे।