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देव प्रबोधिनी एकादशी आज, भगवान विष्णु जागेंगे
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शामली। देव प्रबोधिनी एकादशी पर रविवार को भगवान श्री विष्णु का शयन काल समाप्त होगा। इस दिन श्रीहरि विष्णु निद्रा से जागेंगे। शुभ और मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे। इस दिल लोग व्रत रखेंगे, यह व्रत पापों से मुक्ति दिलाने वाला और सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना गया है।
शामली के प्रसिद्ध पंड़ित प्रभु शंकर शास्त्री और पंडित कमल शर्मा के मुताबिक 14 नवंबर रविवार को सुबह 05.48 बजे से शुरू होकर सोमवार 15 नवंबर को सुबह 06.39 बजे पर एकादशी तिथि का समापन होगा। इसी दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी जी का विवाह भी होगा। एकादशी पूजा का शुभ समय- 9:11 से 12:21 और 1:56 से 3:32 बजे तक रहेगा।
कैसे करें व्रत-पूजन
पूजन के लिए भगवान का मंदिर व सिंहासन को लता पत्र, फल, पुष्प और वंदनबार आदि से सजाएं। फल, पकवान, सिंघाड़े, गन्ने आदि चढ़ाकर डलिया से ढक दें और दीपक जलाएं। विष्णु पूजा या पंचदेव पूजा विधान अथवा रामार्चनचंद्रिका आदि के अनुसार श्रद्धापूर्वक पूजन तथा दीपक, कपूर आदि से आरती करें। इस दिन तुलसी विवाह करने से अनंत पुण्य प्राप्त होता है।
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शामली के प्रसिद्ध पंड़ित प्रभु शंकर शास्त्री और पंडित कमल शर्मा के मुताबिक 14 नवंबर रविवार को सुबह 05.48 बजे से शुरू होकर सोमवार 15 नवंबर को सुबह 06.39 बजे पर एकादशी तिथि का समापन होगा। इसी दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी जी का विवाह भी होगा। एकादशी पूजा का शुभ समय- 9:11 से 12:21 और 1:56 से 3:32 बजे तक रहेगा।
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कैसे करें व्रत-पूजन
पूजन के लिए भगवान का मंदिर व सिंहासन को लता पत्र, फल, पुष्प और वंदनबार आदि से सजाएं। फल, पकवान, सिंघाड़े, गन्ने आदि चढ़ाकर डलिया से ढक दें और दीपक जलाएं। विष्णु पूजा या पंचदेव पूजा विधान अथवा रामार्चनचंद्रिका आदि के अनुसार श्रद्धापूर्वक पूजन तथा दीपक, कपूर आदि से आरती करें। इस दिन तुलसी विवाह करने से अनंत पुण्य प्राप्त होता है।
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