{"_id":"581397104f1c1b994fbc4ac5","slug":"declared-the-battle-across-mahapanchayat","type":"story","status":"publish","title_hn":"महापंचायत में आरपार की लड़ाई का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महापंचायत में आरपार की लड़ाई का एलान
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 28 Oct 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
sugercane
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊन। चीनी मिल पर चल रहे धरने पर आयोजित महापंचायत में कई पार्टी व किसान संगठनों के नेता पहुंचे, लेकिन गन्ना भुगतान मामले में कोई हल नहीं निकल सका। हालांकि महापंचायत के दबाव में एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जब तक भुगतान नहीं होगा मिल के अंदर किसी भी तरह का कार्य नहीं होने दिया जाएगा ।
ऊन चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों ने अपनी मांग को लेकर एक महीने से भी ज्यादा समय से धरना दे रखा है। शुक्रवार को आयोजित महापंचायत में रालोद, भाजपा, कांग्रेस तथा भाकियू व किसान नेता बीएम सिंह भी पहुंचे किसान नेता बीएम सिंह ने प्रदेश व केन्द्र सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि सभी सरकारों ने किसानों को लूटने का काम किया है। प्रदेश सरकार किसानों के गन्ना मूल्य पर ब्याज माफ कर दिया, जबकि किसानों से केन सोसायटी ब्याज ले रही है।
उन्होंने किसानों की लड़ाई कोर्ट में लड़कर राज्य परामर्शी मूल्य दिलवाया। कई फैसले किसानों के हित में करवाए उन्होंने ऊन चीनी मिल पर स्टे तथा मिल के खिलाफ लड़ाई लड़ने का वायदा किसानों से किया।
विज्ञापन
भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस बार सभी पार्टियों का घोषणा पत्र देखकर ही समर्थन दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से वार्ता के लिए पांच सदस्य कमेटी बनाने का सुझाव दिया जो मिल व प्रशासन से वार्ता कर समस्या का समाधान निकालेगी।
वहीं भाजपा विधायक सुरेश राणा ने कहा कि 33 दिनों से किसान धरने पर बैठे हैं, लेकिन धरने पर क्षेत्रीय विधायक आज तक किसानों के बीच नहीं आए।
उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जबदस्ती किसानों से बगैर समझौता हुए मिल में कार्य कराया गया तो प्रशासन अंजाम भुगतने को तैयार रहे। विधायक पंकज मलिक ने कहा कि वे किसानों की लड़ाई में उनके साथ है। अगर प्रशासन ने जोर जबरदस्ती की तो जिला प्रशासन को हम बंधक बना लेंगे।
उन्होंने एसडीएम से किसानों के बीच जाकर भुगतान की स्थिति को स्पष्ट करने की बात कही। वहीं मिल पर तैनात फोर्स को हटाने तथा जब तक भुगतान नहीं होता तब तक मिल में तालाबंदी करने की बात कही । रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड ने भी किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी लड़ाई में रालोद उनके साथ है।
धरने पर बैठे किसान जो भी आदेश देंगे वे उनके साथ रहेंगे बाद में किसानों के बीच पहुंचे उप जिलाधिकारी विजय प्रकाश तिवारी ने आश्वासन दिया कि जब तक किसानों व मिल प्रशासन में कोई समझौता नहीं होता तब तक मिल में कोई मरम्मत कार्य नहीं होगा तथा मिल से पुलिस फोर्स भी हटा ली जाएगी। इसके बाद किसान नेता बीएम सिंह ने सुप्रीमकोर्ट के आदेश के तहत चीनी बिक्री कर किसानों का भुगतान देने की बात कही, लेकिन चीनी बिक्री से बचे भुगतान की स्थिति स्पष्ट नहीं की जिस पर सभी वक्ताओं ने मिल मालिक की गिरफ्तारी की मांग की। जिस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
पंचायत की अध्यक्षता पूर्व विधायक बाबू सिंह तथा संचालन राजबीर सिंह ऊन ने किया। पंचायत में भाजपा जिलाध्यक्ष पवनतरार, अनिल चौहान, जिला पंचायत चेयरमैन पति प्रसन्न चौधरी, पूर्व विधायक बलबीर मलिक, जिला पंचायत सदस्य सुनील चौधरी, मुकेश सैनी, मा. जाहिद, सचिन सरोहा, अनवार चौधरी, राजेन्द्र खोडसमा, राजबीर मुंडेट, जावेद तोमर भास्कर चौधरी, कपिल चौधरी, आशुतोष पंवार, धीर सिंह, नीटू ऊन, प्रदीप चौधरी, बेदपाल चिकारा, रवि सिरोही, बिट्टू, मोनू चिकारा, जगमेर चेयरमैन आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
ऊन चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों ने अपनी मांग को लेकर एक महीने से भी ज्यादा समय से धरना दे रखा है। शुक्रवार को आयोजित महापंचायत में रालोद, भाजपा, कांग्रेस तथा भाकियू व किसान नेता बीएम सिंह भी पहुंचे किसान नेता बीएम सिंह ने प्रदेश व केन्द्र सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि सभी सरकारों ने किसानों को लूटने का काम किया है। प्रदेश सरकार किसानों के गन्ना मूल्य पर ब्याज माफ कर दिया, जबकि किसानों से केन सोसायटी ब्याज ले रही है।
विज्ञापन
उन्होंने किसानों की लड़ाई कोर्ट में लड़कर राज्य परामर्शी मूल्य दिलवाया। कई फैसले किसानों के हित में करवाए उन्होंने ऊन चीनी मिल पर स्टे तथा मिल के खिलाफ लड़ाई लड़ने का वायदा किसानों से किया।
विज्ञापन
भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस बार सभी पार्टियों का घोषणा पत्र देखकर ही समर्थन दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से वार्ता के लिए पांच सदस्य कमेटी बनाने का सुझाव दिया जो मिल व प्रशासन से वार्ता कर समस्या का समाधान निकालेगी।
वहीं भाजपा विधायक सुरेश राणा ने कहा कि 33 दिनों से किसान धरने पर बैठे हैं, लेकिन धरने पर क्षेत्रीय विधायक आज तक किसानों के बीच नहीं आए।
उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जबदस्ती किसानों से बगैर समझौता हुए मिल में कार्य कराया गया तो प्रशासन अंजाम भुगतने को तैयार रहे। विधायक पंकज मलिक ने कहा कि वे किसानों की लड़ाई में उनके साथ है। अगर प्रशासन ने जोर जबरदस्ती की तो जिला प्रशासन को हम बंधक बना लेंगे।
उन्होंने एसडीएम से किसानों के बीच जाकर भुगतान की स्थिति को स्पष्ट करने की बात कही। वहीं मिल पर तैनात फोर्स को हटाने तथा जब तक भुगतान नहीं होता तब तक मिल में तालाबंदी करने की बात कही । रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड ने भी किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी लड़ाई में रालोद उनके साथ है।
धरने पर बैठे किसान जो भी आदेश देंगे वे उनके साथ रहेंगे बाद में किसानों के बीच पहुंचे उप जिलाधिकारी विजय प्रकाश तिवारी ने आश्वासन दिया कि जब तक किसानों व मिल प्रशासन में कोई समझौता नहीं होता तब तक मिल में कोई मरम्मत कार्य नहीं होगा तथा मिल से पुलिस फोर्स भी हटा ली जाएगी। इसके बाद किसान नेता बीएम सिंह ने सुप्रीमकोर्ट के आदेश के तहत चीनी बिक्री कर किसानों का भुगतान देने की बात कही, लेकिन चीनी बिक्री से बचे भुगतान की स्थिति स्पष्ट नहीं की जिस पर सभी वक्ताओं ने मिल मालिक की गिरफ्तारी की मांग की। जिस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
पंचायत की अध्यक्षता पूर्व विधायक बाबू सिंह तथा संचालन राजबीर सिंह ऊन ने किया। पंचायत में भाजपा जिलाध्यक्ष पवनतरार, अनिल चौहान, जिला पंचायत चेयरमैन पति प्रसन्न चौधरी, पूर्व विधायक बलबीर मलिक, जिला पंचायत सदस्य सुनील चौधरी, मुकेश सैनी, मा. जाहिद, सचिन सरोहा, अनवार चौधरी, राजेन्द्र खोडसमा, राजबीर मुंडेट, जावेद तोमर भास्कर चौधरी, कपिल चौधरी, आशुतोष पंवार, धीर सिंह, नीटू ऊन, प्रदीप चौधरी, बेदपाल चिकारा, रवि सिरोही, बिट्टू, मोनू चिकारा, जगमेर चेयरमैन आदि शामिल रहे।