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एक्सईएन-एई के वेतन से होगी क्षतिपूर्ति कटौती
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sun, 08 Nov 2015 01:16 AM IST
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शामली। विद्युत निगम ने अजीबो गरीब कारनामा किया। एक किसान से कनेक्शन के नाम पर एस्टीमेट बनाकर धनराशि तो जमा करा ली, लेकिन न तो उसे विद्युत लाइन डलवाने का सामान दिया और न कनेक्शन, इसके बावजूद उसे विद्युत बिल और 63 हजार बकाया का नोटिस भेज दिया। पीड़ित किसान उपभोक्ता फोरम गया ,जिस पर फोरम ने विद्युत निगम के नोटिस को खारिज करते हुए परिवाद और क्षतिपूर्ति के रुप में सात हजार रुपये तत्कालीन अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता के वेतन से वसूलकर निगम में जमा कराने के आदेश दिए हैं।
थाना बाबरी के ग्राम कैडी निवासी देवेेंद सिंह ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में 27 जनवरी 2009 को वाद दायर कर कहा था कि उसने सिंचाई हेतु 10 हार्सपावर के विद्युत कनेक्शन लेने के लिए विद्युत निगम में 200 रुपए जमा कर रसीद प्राप्त की थी। अधिशासी अभियता विद्युत वितरण खंड प्रथम शामली के कहने पर 31 जुलाई 2009 को 11 हजार 800 रूपए की स्टीमेट धनराशि जमा कराई।
आरोप है कि विद्युत निगम ने एचटी लाइन का सामान नहीं दिया और न ही उनका विद्युत कनेक्शन चालू किया गया। इसके बावजूद सितंबर 2010 का 5178 रुपये का बिल भेज दिया। निगम ने उसे 63 हजार 820 रुपये बकाया दिखाते हुए नोटिस भी जारी कर दिया। किसान का आरोप है कि अवर अभियंता ने उनसे कनेक्शन स्वीकृत करने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत भी मांगी।
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उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव, सदस्य श्रवण कुमार, इंदु चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए पीड़ित किसान को विद्युत निगम द्वारा भेजे गए नोटिस को खारिज करने का आदेश दिया, साथ ही इस परिवाद और क्षतिपूर्ति के रूप में सात हजार रूपए तत्कालीन अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता के वेतन से वसूलकर निगम में जमा कराई जाएगी।
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थाना बाबरी के ग्राम कैडी निवासी देवेेंद सिंह ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में 27 जनवरी 2009 को वाद दायर कर कहा था कि उसने सिंचाई हेतु 10 हार्सपावर के विद्युत कनेक्शन लेने के लिए विद्युत निगम में 200 रुपए जमा कर रसीद प्राप्त की थी। अधिशासी अभियता विद्युत वितरण खंड प्रथम शामली के कहने पर 31 जुलाई 2009 को 11 हजार 800 रूपए की स्टीमेट धनराशि जमा कराई।
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आरोप है कि विद्युत निगम ने एचटी लाइन का सामान नहीं दिया और न ही उनका विद्युत कनेक्शन चालू किया गया। इसके बावजूद सितंबर 2010 का 5178 रुपये का बिल भेज दिया। निगम ने उसे 63 हजार 820 रुपये बकाया दिखाते हुए नोटिस भी जारी कर दिया। किसान का आरोप है कि अवर अभियंता ने उनसे कनेक्शन स्वीकृत करने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत भी मांगी।
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उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव, सदस्य श्रवण कुमार, इंदु चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए पीड़ित किसान को विद्युत निगम द्वारा भेजे गए नोटिस को खारिज करने का आदेश दिया, साथ ही इस परिवाद और क्षतिपूर्ति के रूप में सात हजार रूपए तत्कालीन अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता के वेतन से वसूलकर निगम में जमा कराई जाएगी।