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ट्रक-वैन की भीषण भिड़ंत में तीन की मौत
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sat, 31 Oct 2015 12:20 AM IST
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शामली। मुजफ्फरनगर-शामली मार्ग स्थित आदर्श मंडी क्षेत्र में वैन व दस टायरा ट्रक की भीषण भिड़ंत में वैन में सवार गांव बंतीखेड़ा के एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस व आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से तीन की हालत गंभीर होने के चलते बाहर रेफर कर दिया गया। घटना से गुस्साए ग्रामीण व परिजनों ने जाम लगा दिया। ग्रामीण डीएम व एसपी को घटनास्थल पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। बाद में एडीएम पहुंचे और मुआवजे का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
बाबरी क्षेत्र के गांव बंतीखेड़ा निवासी चचेरे भाई मुजम्मिल (50) व उस्मान (55) कस्बा बनत में नगर पंचायत द्वारा बनाई जा रही सड़कों पर ईट बिछाने का काम करते थे। उनके साथ परिवार के लोग भी यहीं मजदूरी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह मुजम्मिल, उस्मान, मसरूफ पुत्र अब्बास, आरिफ पुत्र खलील, वहाब पुत्र खलील, आकिल पुत्र कामिल, मंतरीन पुत्र जमील, फुरकान पुत्र अब्बास व साकिर पुत्र लुकमान बनत में मजदूरी के लिए गए थे। यहां अन्य मजदूर न आने के कारण काम शुरू नहीं हो सका, जिस कारण सभी वैन से लौट रहे थे।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब वैन बनत व फतेहपुर के बीच पहुंची, तो सामने से तेज गति से आ रहे दस टायरा ट्रक से भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में मुजम्मिल, उस्मान, मसरूफ (26) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य लोग बुरी तरह घायल हो गए। हादसा देख वहां से गुजर रहे राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद आरोपी ट्रक चालक फरार हो गया। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से परिजनों व ग्रामीणों में कोहराम मच गया।
सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल भिजवा दिया, जहां से दो घायलों को मुजफ्फरनगर रेफर किया गया। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने शव उठाने नहीं दिए। ग्रामीणों ने मुआवजा व आरोपी चालक को पकड़ने की मांग को लेकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर सीओ थानाभवन कुलदीप कुकरेती व सीओ सिटी निशांक शर्मा पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण डीएम व एसपी को बुलाने की मांग पर अड़ गए। बाद में एडीएम भरत पांडे, एडिश्नल एसपी वीके मिश्रा, एसडीएम श्याम अवध चौहान व तहसीलदार वीरेंद्र मित्तल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही जाम खोला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया।
सीओ सिटी निशांक शर्मा ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिए हैं। आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। एडीएम भरत पांडे ने बताया कि मृतकों के परिजनों को मुआवजे के लिए शासन को लिखा जाएगा। इसके अलावा उन्हें पारिवारिक पेंशन बीमा योजना का लाभ भी दिया जाएगा। परिजनों ने आश्वासन मिलते ही जाम भी खोल दिया।
रोजाना वैन से मजदूरी के लिए जाते थे बनत
शामली। पिछले करीब डेढ़ साल से मुजम्मिल व उस्मान का पूरा परिवार बनत में नगर पंचायत द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहे थे। रोजाना मजदूरी करने वाले परिवार के सभी लोग अपनी वैन से आते और शाम को उसी से गांव लौटते थे। शुक्रवार को भी वैन में परिवार के ही नौ लोग मजदूरी के लिए बनत गए, जहां अन्य मजदूर न आने व जुमे की नमाज पढ़ने के कारण उन्होंने भी छुट्टी करने का फैसला कर दिया। इसके बाद सभी लोग वापस लौट रहे थे, जहां रास्ते में उनके साथ दुर्घटना हो गई।
दरोगा के साथ हुई तीखी नोकझोंक
शामली। दर्दनाक हादसे के बारे में एक दरोगा ने आलाधिकारियों को फोन पर वैन का टायर फटने से दुर्घटना होने के बारे में जानकारी दी, जिससे वहां मौजूद ग्रामीण भड़क उठे। इस दौरान ग्रामीणों की दरोगा के साथ तीखी नोकझोंक व गाली-गलौज हुई। बाद में अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव कराया और दरोगा को वहां से निकाला। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम लगा दिया और आलाधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़ गए।
मसरूफ की डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
शामली। घटनास्थल पर पहुंचे मसरूफ के पिता अब्बास का रो-रोकर बुरा हाल था। वह कह रहा था कि अभी डेढ़ साल पहले ही इसकी शादी हुई है। अब मैं बहू को क्या जवाब दूंगा।
ट्रक में आग लगाने का प्रयास
शामली। घटना से गुस्साए कुछ ग्रामीणों ने ट्रक में आग लगाने का भी प्रयास किया, जिससे पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। इस दौरान कुछ ट्रक में चढ़ गए और तोड़फोड़ करने का प्रयास करने लगे। बाद में सीओ ने बड़ी मुश्किल से ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।
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पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से तीन की हालत गंभीर होने के चलते बाहर रेफर कर दिया गया। घटना से गुस्साए ग्रामीण व परिजनों ने जाम लगा दिया। ग्रामीण डीएम व एसपी को घटनास्थल पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। बाद में एडीएम पहुंचे और मुआवजे का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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बाबरी क्षेत्र के गांव बंतीखेड़ा निवासी चचेरे भाई मुजम्मिल (50) व उस्मान (55) कस्बा बनत में नगर पंचायत द्वारा बनाई जा रही सड़कों पर ईट बिछाने का काम करते थे। उनके साथ परिवार के लोग भी यहीं मजदूरी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह मुजम्मिल, उस्मान, मसरूफ पुत्र अब्बास, आरिफ पुत्र खलील, वहाब पुत्र खलील, आकिल पुत्र कामिल, मंतरीन पुत्र जमील, फुरकान पुत्र अब्बास व साकिर पुत्र लुकमान बनत में मजदूरी के लिए गए थे। यहां अन्य मजदूर न आने के कारण काम शुरू नहीं हो सका, जिस कारण सभी वैन से लौट रहे थे।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब वैन बनत व फतेहपुर के बीच पहुंची, तो सामने से तेज गति से आ रहे दस टायरा ट्रक से भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में मुजम्मिल, उस्मान, मसरूफ (26) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य लोग बुरी तरह घायल हो गए। हादसा देख वहां से गुजर रहे राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद आरोपी ट्रक चालक फरार हो गया। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से परिजनों व ग्रामीणों में कोहराम मच गया।
सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल भिजवा दिया, जहां से दो घायलों को मुजफ्फरनगर रेफर किया गया। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने शव उठाने नहीं दिए। ग्रामीणों ने मुआवजा व आरोपी चालक को पकड़ने की मांग को लेकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर सीओ थानाभवन कुलदीप कुकरेती व सीओ सिटी निशांक शर्मा पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण डीएम व एसपी को बुलाने की मांग पर अड़ गए। बाद में एडीएम भरत पांडे, एडिश्नल एसपी वीके मिश्रा, एसडीएम श्याम अवध चौहान व तहसीलदार वीरेंद्र मित्तल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही जाम खोला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया।
सीओ सिटी निशांक शर्मा ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिए हैं। आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। एडीएम भरत पांडे ने बताया कि मृतकों के परिजनों को मुआवजे के लिए शासन को लिखा जाएगा। इसके अलावा उन्हें पारिवारिक पेंशन बीमा योजना का लाभ भी दिया जाएगा। परिजनों ने आश्वासन मिलते ही जाम भी खोल दिया।
रोजाना वैन से मजदूरी के लिए जाते थे बनत
शामली। पिछले करीब डेढ़ साल से मुजम्मिल व उस्मान का पूरा परिवार बनत में नगर पंचायत द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहे थे। रोजाना मजदूरी करने वाले परिवार के सभी लोग अपनी वैन से आते और शाम को उसी से गांव लौटते थे। शुक्रवार को भी वैन में परिवार के ही नौ लोग मजदूरी के लिए बनत गए, जहां अन्य मजदूर न आने व जुमे की नमाज पढ़ने के कारण उन्होंने भी छुट्टी करने का फैसला कर दिया। इसके बाद सभी लोग वापस लौट रहे थे, जहां रास्ते में उनके साथ दुर्घटना हो गई।
दरोगा के साथ हुई तीखी नोकझोंक
शामली। दर्दनाक हादसे के बारे में एक दरोगा ने आलाधिकारियों को फोन पर वैन का टायर फटने से दुर्घटना होने के बारे में जानकारी दी, जिससे वहां मौजूद ग्रामीण भड़क उठे। इस दौरान ग्रामीणों की दरोगा के साथ तीखी नोकझोंक व गाली-गलौज हुई। बाद में अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव कराया और दरोगा को वहां से निकाला। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम लगा दिया और आलाधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़ गए।
मसरूफ की डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
शामली। घटनास्थल पर पहुंचे मसरूफ के पिता अब्बास का रो-रोकर बुरा हाल था। वह कह रहा था कि अभी डेढ़ साल पहले ही इसकी शादी हुई है। अब मैं बहू को क्या जवाब दूंगा।
ट्रक में आग लगाने का प्रयास
शामली। घटना से गुस्साए कुछ ग्रामीणों ने ट्रक में आग लगाने का भी प्रयास किया, जिससे पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। इस दौरान कुछ ट्रक में चढ़ गए और तोड़फोड़ करने का प्रयास करने लगे। बाद में सीओ ने बड़ी मुश्किल से ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।