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ब्लड चढ़ाने के नाम पर रिश्वत मांगी
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Sat, 09 Jun 2018 11:50 PM IST
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सीएचसी में पैसे मांगने का आरोप लगाती गर्भवती महिला।
- फोटो : अमर उजाला
शामली सरकारी अस्पताल में गर्भवती महिला को ब्लड चढ़ाने के नाम पर रुपये मांगने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने इसकी शिकायत चिकित्साधीक्षक से की है। जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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गांव बरला जट निवासी महिला कविता शनिवार को सीएचसी में अपना चेकअप कराने आई थी। जांच में उसका हिमोग्लोबिन छह के करीब निकला। जिस कारण डॉक्टर ने उसको ब्लड चढ़वाने की सलाह दे दी। जिसके बाद वह ब्लड स्टोरेज यूनिट में पहुंची। आरोप है कि महिला से वहां ब्लड देने के नाम पर बदले में दूसरा ब्लड मांगा। महिला द्वारा इससे मना करने पर उससे साढ़े सात हजार रुपये मांगे गए। आरोप है कि वहां मौजूद युवक ने सौदेबाजी शुरू कर दी। पहले उससे साढ़े सात हजार, फिर पांच हजार, फिर तीन हजार और उसके बाद एक हजार रुपये मांगे गए, लेकिन महिला ने रुपये होने से मना कर दिए। जिसके बाद पीड़िता चिकित्साधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा के पास पहुंची और इसकी शिकायत की। उधर, डॉ. रमेश चंद्रा चिकित्साधीक्षक ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जा रही है, पूरे मामले में कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं को जांच के बाद नहीं मिला पौष्टिक आहार
शामली। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में हर माह की नौ तारीख को सरकारी अस्पताल में जांच कराने के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को सरकार द्वारा दूध या अन्य पौष्टिक आहार देना तय है। मगर सीएचसी में पूर्व की भांति महिलाएं बिना दूध और षौष्टिक आहार लिए लौट रही हैं।
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शनिवार को पूरे जिले में नौ तारीख को एचआरपी-डे यानी हाई रिस्क प्रेग्नेंसी-डे के रूप में मनाया गया। जिला अस्पताल के रूप में काम कर रही सीएचसी शामली में भी शनिवार को 62 गर्भवती महिलाओं ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। इनमें से 50 से अधिक महिलाएं बिना पोषाहार लिए ही लौट गईं। गर्भवती महिला आसमा ने बताया कि उनको कुछ नहीं दिया गया। इसके अलावा कविता, शाहिदा आदि महिलाओं ने भी पोषाहार मिलने से मना किया। हालांकि जिन कुछ महिलाओं को अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनको स्वयं चिकित्साधीक्षक ने दूध का वितरण किया। उधर, डॉ. सुशील एसीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह की नौ तारीख केे प्रत्येक गर्भवती महिला अपनी जांच कराती है तो उसको पोषाहार निशुल्क वितरित किया जाएगा। सभी सीएचसी प्रभारियों को आदेश दिया गया है।
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