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बदल रहा कलस्यान चौपाल का सियासी सरोकार
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
Updated Sun, 22 Jan 2017 12:00 AM IST
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policital
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। कलस्यान चौपाल राजनीति का केंद्र बन गया है। अब तक जहां चौपाल पर भाजपा का झंडा फहराता था, वहीं अनिल चौहान के रालोद में शामिल होने से कलस्यान चौपाल पर रालोद का झंडा भी लहराने लगा।
शनिवार को भाजपा और रालोद के झंडे साथ साथ कलस्यान चौपाल पर लहराना, लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। कैराना में हिंदू गुर्जरों की कलस्यान चौपाल है।
कलस्यान खाप से जुड़े भाजपा सांसद हुकुम सिंह 1996 से भाजपा में हैं। खाप के चौधरी रामपाल सिंह भी हुकुम सिंह के भतीजे लगते हैं। तब से कलस्यान चौपाल पर भाजपा का झंडा लहराता रहा है। उन्हीं के परिवार के अनिल चौहान कैराना सीट से भाजपा के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे थे, लेकिन खुद को उपेक्षित महसूस होता देख अनिल चौहान ने राह बदल दी और रालोद ज्वाइन कर ली।
शनिवार को रालोद ने प्रत्याशियों की सूची जारी की, जिसमें अनिल चौहान को कैराना से प्रत्याशी घोषित किया गया। इसी दौरान अनिल चौहान समर्थकों ने कलस्यान चौपाल पर रालोद का झंडा भी लहरा दिया। शनिवार को चौपाल के मुख्य दरवाजे पर दोनों तरफ रालोद का झंडा था, तो बीच में भाजपा का। उधर, हिन्दू गुर्जरों के दो धड़ों में बंटने के बाद असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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शनिवार को भाजपा और रालोद के झंडे साथ साथ कलस्यान चौपाल पर लहराना, लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। कैराना में हिंदू गुर्जरों की कलस्यान चौपाल है।
कलस्यान खाप से जुड़े भाजपा सांसद हुकुम सिंह 1996 से भाजपा में हैं। खाप के चौधरी रामपाल सिंह भी हुकुम सिंह के भतीजे लगते हैं। तब से कलस्यान चौपाल पर भाजपा का झंडा लहराता रहा है। उन्हीं के परिवार के अनिल चौहान कैराना सीट से भाजपा के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे थे, लेकिन खुद को उपेक्षित महसूस होता देख अनिल चौहान ने राह बदल दी और रालोद ज्वाइन कर ली।
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शनिवार को रालोद ने प्रत्याशियों की सूची जारी की, जिसमें अनिल चौहान को कैराना से प्रत्याशी घोषित किया गया। इसी दौरान अनिल चौहान समर्थकों ने कलस्यान चौपाल पर रालोद का झंडा भी लहरा दिया। शनिवार को चौपाल के मुख्य दरवाजे पर दोनों तरफ रालोद का झंडा था, तो बीच में भाजपा का। उधर, हिन्दू गुर्जरों के दो धड़ों में बंटने के बाद असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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