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मौसम में बदलाव बिगाड़ सकता है स्वास्थ्य
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मौसम में बदलाव बिगाड़ सकता है स्वास्थ्य
शामली। वैसे तो जनवरी और फरवरी के महीने हेल्दी सीजन वाले होते हैं, लेकिन इस बार मौसम कभी गर्म तो कभी ठंडा हो रहा है। बार-बार मौसम में बदलाव हो रहा है। पिछले कई दिन से मौसम गर्म हो रहा था, लेकिन बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम फिर ठंडा हो गया। अचानक बदले मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों के साथ सांस, हृदय, ब्लड प्रेशर आदि के मरीजों को यह मौसम बीमार कर सकता है।
फरवरी के मध्य तक आते ही सुबह-शाम की ठंड रह गई थी। शुक्रवार रात को बारिश के साथ ओलावृष्टि होने पर मौसम फिर से ठंडा हो गया है। इस बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी होने की आशंका ज्यादा बन जाती है। इससे बचाव के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर इसमें लापरवाही होती है तो बीमार पड़ सकते हैं। फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि मौसम में जब भी बदलाव होता है तो सबसे ज्यादा बीमार होने का डर उन्हें होता है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। इसके साथ ही सांस, हृदय, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि बीमारी के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों को सर्दी से बचाव करना चाहिए। गर्म कपड़ों को पहनकर रखें। पंखे का इस्तेमाल न करें और सुबह शाम गुनगुना पानी पीये।
आईएमए के अध्यक्ष बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान का कहना है कि वैसे तो यह हेल्दी सीजन है। बच्चों में बीमारियां भी कम हैं, लेकिन मौसम में बदलाव होने पर खांसी, नजला, बुखार आदि हो सकता है। इससे बचने के लिए गर्म कपड़े पहने और ठंड से बचाव करें। अगर किसी को नजला, जुकाम या खांसी हो तो उससे दूरी बनाकर रखे ताकि संक्रमण फैलने से बचाया जा सके। अस्थमा, सांस, एलर्जी, दमा वाले मरीजों को तापमान में बदलाव होने पर ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में चिकित्सकों ने उन्हें जो दवा लेने की सलाह दी है, उन दवाओं को लेना शुरू कर दें।
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ये बरते सावधानियां
खानपान संतुलित रखें।
इम्यूनिटी पावर बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करें।
सर्दी से बचाव के लिए सुबह-शाम गरम कपड़े पहनें।
कमरे में पंखे का इस्तेमाल न करें।
सुबह-शाम गुनगुना पानी पीये, ठंडे पानी का सेवन न करें।
बच्चों को सुबह-शाम नंगे पैर फर्श पर न घूमने दें।
ताजी, हरी सब्जियों का सेवन करें।
तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।
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शामली। वैसे तो जनवरी और फरवरी के महीने हेल्दी सीजन वाले होते हैं, लेकिन इस बार मौसम कभी गर्म तो कभी ठंडा हो रहा है। बार-बार मौसम में बदलाव हो रहा है। पिछले कई दिन से मौसम गर्म हो रहा था, लेकिन बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम फिर ठंडा हो गया। अचानक बदले मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों के साथ सांस, हृदय, ब्लड प्रेशर आदि के मरीजों को यह मौसम बीमार कर सकता है।
फरवरी के मध्य तक आते ही सुबह-शाम की ठंड रह गई थी। शुक्रवार रात को बारिश के साथ ओलावृष्टि होने पर मौसम फिर से ठंडा हो गया है। इस बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी होने की आशंका ज्यादा बन जाती है। इससे बचाव के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर इसमें लापरवाही होती है तो बीमार पड़ सकते हैं। फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि मौसम में जब भी बदलाव होता है तो सबसे ज्यादा बीमार होने का डर उन्हें होता है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। इसके साथ ही सांस, हृदय, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि बीमारी के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों को सर्दी से बचाव करना चाहिए। गर्म कपड़ों को पहनकर रखें। पंखे का इस्तेमाल न करें और सुबह शाम गुनगुना पानी पीये।
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आईएमए के अध्यक्ष बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान का कहना है कि वैसे तो यह हेल्दी सीजन है। बच्चों में बीमारियां भी कम हैं, लेकिन मौसम में बदलाव होने पर खांसी, नजला, बुखार आदि हो सकता है। इससे बचने के लिए गर्म कपड़े पहने और ठंड से बचाव करें। अगर किसी को नजला, जुकाम या खांसी हो तो उससे दूरी बनाकर रखे ताकि संक्रमण फैलने से बचाया जा सके। अस्थमा, सांस, एलर्जी, दमा वाले मरीजों को तापमान में बदलाव होने पर ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में चिकित्सकों ने उन्हें जो दवा लेने की सलाह दी है, उन दवाओं को लेना शुरू कर दें।
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ये बरते सावधानियां
खानपान संतुलित रखें।
इम्यूनिटी पावर बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करें।
सर्दी से बचाव के लिए सुबह-शाम गरम कपड़े पहनें।
कमरे में पंखे का इस्तेमाल न करें।
सुबह-शाम गुनगुना पानी पीये, ठंडे पानी का सेवन न करें।
बच्चों को सुबह-शाम नंगे पैर फर्श पर न घूमने दें।
ताजी, हरी सब्जियों का सेवन करें।
तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।