{"_id":"6ae25204bb81fdd17f05cc17","slug":"cauliflower-prices-fall-farmers-forced-to-sell-their-crop-for-five-rupees-per-kilogram-shamli-news-c-26-1-sal1002-176939-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: गोभी के भाव गिरे, पांच रुपये किलो में फसल बेचने को मजबूर किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: गोभी के भाव गिरे, पांच रुपये किलो में फसल बेचने को मजबूर किसान
Thu, 29 Oct 2026 01:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:20 AM IST
विज्ञापन
गोभी हुई धड़ाम, किसान परेशान: नहीं मिल रहा सही दाम, लागत निकालना भी हुआ दूभर
जलालाबाद। फूलगोभी के दामों में भारी गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 20 दिन पहले तक मंडी में 25 से 30 रुपये किलो बिकने वाली गोभी अब आठ से 10 रुपये किलो रह गई है।
खेतों से व्यापारी इसे पांच रुपये किलो खरीद रहे हैं, जबकि बाजार में उपभोक्ताओं को 20 से 30 रुपये किलो तक मिल रही है। ऐसे में किसानों के लिए फसल की तुड़ाई, मजदूरी और ढुलाई का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।
जलालाबाद क्षेत्र में करीब तीन हजार बीघा जमीन पर फूलगोभी की खेती होती है। किसानों के मुताबिक बारिश और जलभराव से पहले ही कई खेतों में आधी फसल गल गई। बची हुई फसल के दाम गिरने से आर्थिक नुकसान और बढ़ गया है। जोलाई, खाद और सिंचाई समेत अन्य खर्चों पर प्रति बीघा 10 से 12 हजार रुपये तक लागत आई है।
विज्ञापन
किसान दर्शन रावड़ा ने बताया कि उन्होंने 30 बीघा में गोभी बोई थी। भाव गिरने से लागत निकालना मुश्किल हो गया है। राकेश सैनी ने कहा कि शुरुआत में अच्छे दाम मिल रहे थे, लेकिन अचानक आई गिरावट से बड़ा नुकसान हुआ है। फैसल चौधरी ने बताया कि बारिश से आधी फसल खराब हो गई और अब बची गोभी की तुड़ाई व ढुलाई का खर्च भी जेब से देना पड़ रहा है।
किसान मोहम्मद सलीम ने बताया कि उन्होंने 13 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से 38 बीघा जमीन ठेके पर लेकर खेती की थी। भाव गिरने से फसल की लागत और जमीन के ठेके की रकम जुटाना मुश्किल हो गया है।
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव के अनुसार सब्जियों के दाम मांग और बाजार में आवक के आधार पर घटते-बढ़ते हैं। किसानों को बुवाई से पहले बाजार की मांग का आकलन करना चाहिए और अलग-अलग सब्जियों की खेती अपनानी चाहिए, ताकि किसी एक फसल के दाम गिरने पर नुकसान कम हो सके।
विज्ञापन
खेतों से व्यापारी इसे पांच रुपये किलो खरीद रहे हैं, जबकि बाजार में उपभोक्ताओं को 20 से 30 रुपये किलो तक मिल रही है। ऐसे में किसानों के लिए फसल की तुड़ाई, मजदूरी और ढुलाई का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
जलालाबाद क्षेत्र में करीब तीन हजार बीघा जमीन पर फूलगोभी की खेती होती है। किसानों के मुताबिक बारिश और जलभराव से पहले ही कई खेतों में आधी फसल गल गई। बची हुई फसल के दाम गिरने से आर्थिक नुकसान और बढ़ गया है। जोलाई, खाद और सिंचाई समेत अन्य खर्चों पर प्रति बीघा 10 से 12 हजार रुपये तक लागत आई है।
विज्ञापन
किसान दर्शन रावड़ा ने बताया कि उन्होंने 30 बीघा में गोभी बोई थी। भाव गिरने से लागत निकालना मुश्किल हो गया है। राकेश सैनी ने कहा कि शुरुआत में अच्छे दाम मिल रहे थे, लेकिन अचानक आई गिरावट से बड़ा नुकसान हुआ है। फैसल चौधरी ने बताया कि बारिश से आधी फसल खराब हो गई और अब बची गोभी की तुड़ाई व ढुलाई का खर्च भी जेब से देना पड़ रहा है।
किसान मोहम्मद सलीम ने बताया कि उन्होंने 13 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से 38 बीघा जमीन ठेके पर लेकर खेती की थी। भाव गिरने से फसल की लागत और जमीन के ठेके की रकम जुटाना मुश्किल हो गया है।
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव के अनुसार सब्जियों के दाम मांग और बाजार में आवक के आधार पर घटते-बढ़ते हैं। किसानों को बुवाई से पहले बाजार की मांग का आकलन करना चाहिए और अलग-अलग सब्जियों की खेती अपनानी चाहिए, ताकि किसी एक फसल के दाम गिरने पर नुकसान कम हो सके।