{"_id":"580d0af84f1c1bc24dbc1fc4","slug":"canceled-orders-to-pay-claims","type":"story","status":"publish","title_hn":"निरस्त दावे पर भुगतान करने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निरस्त दावे पर भुगतान करने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 24 Oct 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा एक पीड़िता का बीमा क्लेम निरस्त करने के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को हितलाभ धनराशि दो लाख 20 हजार 750 रूपये एक अप्रैल 2011 से आठ प्रतिशत ब्याज और वाद खर्च के साथ देने का आदेश दिया है।
शहर के मोहल्ला गुजरातियान निवासी ऋषि कुमार के पुत्र रोहित प्रताप मंगल और पत्नी पूनम रानी ने शहर के ब़ुढाना रोड़ शामली की ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, मंडल प्रंबधक कार्यालय प्रकाश चौक मुजपफरनगर व कंपनी के प्रधान कार्यालय उद्योग विहार गुडगांव हरियाणा को आरोपी बनाकर वाद दायर किया था। वाद के अनुसार
एक मेडिक्लेम पोलिसी 21 अप्रैल को 2011 को ली गई थी। पीड़ित के अनुसार कुछ माह बाद माता पूनम रानी मधुमेह से बीमार हो गई। इसके चलते उसे आठ जून 2011 को भारती अस्पताल करनाल में भर्ती किया गया। यहां चिकित्सक के सुझाव पर भाटिया ग्लोबल हास्पिटल एंड सर्जरी इंस्टीट्यूट नई दिल्ली में दिखाया। यहां चले उपचार के बाद 23 जुलाई 2011 को डिस्चार्ज किया गया।
विज्ञापन
पीड़ित के अनुसार क्लेम के लिए बताए गए सभी प्रपत्रों को जमा कराने कके बावजूद दावा निरस्त कर दिया गया। इससे पीड़ित को आर्थिक और मानसिक क्षति हुई। इस मामले में सुनवाई पर फोरम के चेयरमैन एसके एस यादव, सदस्य श्रवण कुमार ने बीमा कंपनी को हित लाभ धनराशि दो लाख 20 हजार 750 रूपये एक अप्रेल 2011 से आठ प्रतिशत सलाना ब्याज भुगतान, मानसिक क्षतिपूर्ति के दस हजार रूपये, सेवा में कमी पर दस हजार रूपये, वाद व्यय के पांच हजार रूपये सहित पूरी धनराशि एक माह में भुगतान के आदेश दिए।
विज्ञापन
शहर के मोहल्ला गुजरातियान निवासी ऋषि कुमार के पुत्र रोहित प्रताप मंगल और पत्नी पूनम रानी ने शहर के ब़ुढाना रोड़ शामली की ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, मंडल प्रंबधक कार्यालय प्रकाश चौक मुजपफरनगर व कंपनी के प्रधान कार्यालय उद्योग विहार गुडगांव हरियाणा को आरोपी बनाकर वाद दायर किया था। वाद के अनुसार
विज्ञापन
एक मेडिक्लेम पोलिसी 21 अप्रैल को 2011 को ली गई थी। पीड़ित के अनुसार कुछ माह बाद माता पूनम रानी मधुमेह से बीमार हो गई। इसके चलते उसे आठ जून 2011 को भारती अस्पताल करनाल में भर्ती किया गया। यहां चिकित्सक के सुझाव पर भाटिया ग्लोबल हास्पिटल एंड सर्जरी इंस्टीट्यूट नई दिल्ली में दिखाया। यहां चले उपचार के बाद 23 जुलाई 2011 को डिस्चार्ज किया गया।
विज्ञापन
पीड़ित के अनुसार क्लेम के लिए बताए गए सभी प्रपत्रों को जमा कराने कके बावजूद दावा निरस्त कर दिया गया। इससे पीड़ित को आर्थिक और मानसिक क्षति हुई। इस मामले में सुनवाई पर फोरम के चेयरमैन एसके एस यादव, सदस्य श्रवण कुमार ने बीमा कंपनी को हित लाभ धनराशि दो लाख 20 हजार 750 रूपये एक अप्रेल 2011 से आठ प्रतिशत सलाना ब्याज भुगतान, मानसिक क्षतिपूर्ति के दस हजार रूपये, सेवा में कमी पर दस हजार रूपये, वाद व्यय के पांच हजार रूपये सहित पूरी धनराशि एक माह में भुगतान के आदेश दिए।