{"_id":"588101f04f1c1b632aefe6be","slug":"bjp-ki-badh-sakti-hai-muskil","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा की मुश्किल बढ़ा सकता है भीतरघात ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा की मुश्किल बढ़ा सकता है भीतरघात
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Jan 2017 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली (आनंद प्रकाश)। चुनावी बिसात पर शह और मात का खेल शुरू हो गया है। भाजपा ने प्रत्याशियों की घोषणा में देरी की, जिस कारण भीतरघात और बगावत की स्थिति दुश्वारियां बढ़ा सकती है। कुछ नेता टिकट न मिलने से मायूस हैं। खुलकर कोई बोल नहीं रहा, मगर सक्रियता में कमी, भीतरघात होने की ओर इशारा कर रही है। इस कारण जिले की तीन सीटों में से दो सीटों पर भाजपा को अंदरूनी कलह का सामना करना पड़ सकता है।
कैराना विधानसभा सीट पर बगावत के तेवर खुलकर सामने आ रहे हैं। भाजपा ने अभी कैराना सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, लेकिन टिकट के दावेदारों की लाइन में एक तरफ सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह हैं, तो उन्हीं के परिवार के अनिल चौहान भी खुद की दावेदारी मजबूत मान रहे हैं। बृहस्पतिवार को सांसद हुकुम सिंह के मायापुर फार्म हाउस पर पंचायत भी हुई, जिसमें कैराना सीट से भाजपा के प्रत्याशी को लेकर बातचीत हुई। उसमें अनिल चौहान के समर्थकों ने अपने दावे पेश किए, तो सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को चुनाव लड़ाने की पैरवी करने वाले भी कम नहीं थे।
सांसद हुकुम सिंह का कहना है कि पार्टी हाईकमान जिसे भी प्रत्याशी बनाएगी, वह उसी के साथ रहेंगे। वहीं, अनिल चौहान का कहना है कि अभी पार्टी ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। कल (शुक्रवार) को वह पार्टी पदाधिकारियों से दिल्ली जाकर मुलाकात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कैराना सीट पर बाहरी प्रत्याशी को स्वीकार नहीं किया जाएगा, यदि पार्टी बाहरी प्रत्याशी उतारती है, तो उस पर विचार करेंगे।
विज्ञापन
इसी तरह शामली सीट पर भाजपा ने तेजेंद्र निर्वाल को प्रत्याशी घोषित कर दिया है, जबकि टिकट के दावेदारों में सात नाम और भी थे। उनमें छह जाट बिरादरी से, जबकि एक वैश्य बिरादरी का नेता भी टिकट मांग रहा था। टिकट के दावेदारों ने भाजपा की परिवर्तन यात्रा से लेकर युवा सम्मेलन और अन्य अवसरों पर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रमों में खूब जान लगाई थी। ताकि पार्टी हाईकमान तक मैसेज दिया जा सके, लेकिन ऐन वक्त पर जब सूची जारी हुई, तो उसमें तेजेंद्र निर्वाल को प्रत्याशी बना दिया गया। शामली सीट पर टिकट न मिलने के कारण दावेदारों में मायूसी हुई।
विज्ञापन
कैराना विधानसभा सीट पर बगावत के तेवर खुलकर सामने आ रहे हैं। भाजपा ने अभी कैराना सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, लेकिन टिकट के दावेदारों की लाइन में एक तरफ सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह हैं, तो उन्हीं के परिवार के अनिल चौहान भी खुद की दावेदारी मजबूत मान रहे हैं। बृहस्पतिवार को सांसद हुकुम सिंह के मायापुर फार्म हाउस पर पंचायत भी हुई, जिसमें कैराना सीट से भाजपा के प्रत्याशी को लेकर बातचीत हुई। उसमें अनिल चौहान के समर्थकों ने अपने दावे पेश किए, तो सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को चुनाव लड़ाने की पैरवी करने वाले भी कम नहीं थे।
विज्ञापन
सांसद हुकुम सिंह का कहना है कि पार्टी हाईकमान जिसे भी प्रत्याशी बनाएगी, वह उसी के साथ रहेंगे। वहीं, अनिल चौहान का कहना है कि अभी पार्टी ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। कल (शुक्रवार) को वह पार्टी पदाधिकारियों से दिल्ली जाकर मुलाकात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कैराना सीट पर बाहरी प्रत्याशी को स्वीकार नहीं किया जाएगा, यदि पार्टी बाहरी प्रत्याशी उतारती है, तो उस पर विचार करेंगे।
विज्ञापन
इसी तरह शामली सीट पर भाजपा ने तेजेंद्र निर्वाल को प्रत्याशी घोषित कर दिया है, जबकि टिकट के दावेदारों में सात नाम और भी थे। उनमें छह जाट बिरादरी से, जबकि एक वैश्य बिरादरी का नेता भी टिकट मांग रहा था। टिकट के दावेदारों ने भाजपा की परिवर्तन यात्रा से लेकर युवा सम्मेलन और अन्य अवसरों पर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रमों में खूब जान लगाई थी। ताकि पार्टी हाईकमान तक मैसेज दिया जा सके, लेकिन ऐन वक्त पर जब सूची जारी हुई, तो उसमें तेजेंद्र निर्वाल को प्रत्याशी बना दिया गया। शामली सीट पर टिकट न मिलने के कारण दावेदारों में मायूसी हुई।