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दस विद्यालयों को निपुण बनाएंगे एआरपी
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शामली। निपुण भारत मिशन के तहत परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक सुधार के लिए ब्लाक स्तर पर तैनात एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) अपने क्षेत्र के दस विद्यालयों का चयन कर निपुण विद्यालय बनाएंगे। चयनित विद्यालयों में एआरपी अपनी देखरेख में विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की गतिविधियां कराएंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों में शैक्षिक गुणवत्ता और शैक्षिक वातावरण में सुधार के लिए निपुण भारत मिशन के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। निपुण भारत का लक्ष्य 2025-26 तक पूरा किया जाना है, ताकि आम नागरिकों और अन्य शिक्षकों के समक्ष आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।
निपुण लक्ष्य को पूरा करने के लिए शासन ने ब्लाक स्तर पर तैनात एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) को अपने क्षेत्र के दस विद्यालयों का चयन कर दिसंबर 2023 तक तय मानकों के अनुसार निपुण विद्यालय के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी दी है।
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एक ब्लाक में पांच एआरपी को नियुक्त किया है, जिनमें ऊन ब्लाक में एक पद रिक्त होने के कारण जिले में सभी पांच ब्लाक में 24 एआरपी कार्यरत है। शासन ने प्रत्येक एआरपी को दस नवंबर तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से राज्य परियोजना कार्यालय को चयनित दस विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि चयनित विद्यालय शिक्षक संकुल विद्यालय से अतिरिक्त होंगे।
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विद्यालयों में ये होंगी गतिविधियां
शासन की गाइड लाइन के अनुसार चयनित विद्यालयों में एआरपी को कक्षा तीन तक के सभी विद्यार्थियों को कक्षा के अनुसार भाषा व गणित विषयों के लिए शिक्षण योजना के अनुसार कक्षाओं में शिक्षण कार्य कराएंगे। रोजाना विद्यार्थियों के साथ एक गतिविधि अवश्य करानी होगी। कक्षा का वातावरण सुधारने और आकर्षक बनाने के लिए प्राथमिक विद्यालयों के लिए उपलब्ध कराई गई शैक्षणिक सामग्री आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका, प्रिंटरिच सामग्री, पुस्तकालय की पुस्तकें, निपुण लक्ष्य तालिका, गणित किट, ब्लूटुुथ इनबिल्ड स्पीकर व खेल सामग्री आदि का इस्तेमाल करने के लिए शिक्षकों को प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ शिक्षकों से वार्ता करके अग्रिम रणनीति विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। घर पर सीखने की प्रक्रिया को नियमित व प्रभावी बनाने के लिए अभ्यास कार्य व गृह कार्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों को दीक्षा व एलांग एप का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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कोट
शासन ने प्रत्येक एआरपी को अपने क्षेत्र के दस विद्यालयों को चयनित कर दिसंबर 2023 तक निपुण विद्यालय के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। सभी एआरपी को शासन के दिशा-निर्देशों से अवगत कराते हुए दस नवंबर तक चयनित विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। - अमित कुमार, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता बेसिक शिक्षा।
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बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों में शैक्षिक गुणवत्ता और शैक्षिक वातावरण में सुधार के लिए निपुण भारत मिशन के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। निपुण भारत का लक्ष्य 2025-26 तक पूरा किया जाना है, ताकि आम नागरिकों और अन्य शिक्षकों के समक्ष आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।
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निपुण लक्ष्य को पूरा करने के लिए शासन ने ब्लाक स्तर पर तैनात एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) को अपने क्षेत्र के दस विद्यालयों का चयन कर दिसंबर 2023 तक तय मानकों के अनुसार निपुण विद्यालय के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी दी है।
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एक ब्लाक में पांच एआरपी को नियुक्त किया है, जिनमें ऊन ब्लाक में एक पद रिक्त होने के कारण जिले में सभी पांच ब्लाक में 24 एआरपी कार्यरत है। शासन ने प्रत्येक एआरपी को दस नवंबर तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से राज्य परियोजना कार्यालय को चयनित दस विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि चयनित विद्यालय शिक्षक संकुल विद्यालय से अतिरिक्त होंगे।
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विद्यालयों में ये होंगी गतिविधियां
शासन की गाइड लाइन के अनुसार चयनित विद्यालयों में एआरपी को कक्षा तीन तक के सभी विद्यार्थियों को कक्षा के अनुसार भाषा व गणित विषयों के लिए शिक्षण योजना के अनुसार कक्षाओं में शिक्षण कार्य कराएंगे। रोजाना विद्यार्थियों के साथ एक गतिविधि अवश्य करानी होगी। कक्षा का वातावरण सुधारने और आकर्षक बनाने के लिए प्राथमिक विद्यालयों के लिए उपलब्ध कराई गई शैक्षणिक सामग्री आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका, प्रिंटरिच सामग्री, पुस्तकालय की पुस्तकें, निपुण लक्ष्य तालिका, गणित किट, ब्लूटुुथ इनबिल्ड स्पीकर व खेल सामग्री आदि का इस्तेमाल करने के लिए शिक्षकों को प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ शिक्षकों से वार्ता करके अग्रिम रणनीति विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। घर पर सीखने की प्रक्रिया को नियमित व प्रभावी बनाने के लिए अभ्यास कार्य व गृह कार्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों को दीक्षा व एलांग एप का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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कोट
शासन ने प्रत्येक एआरपी को अपने क्षेत्र के दस विद्यालयों को चयनित कर दिसंबर 2023 तक निपुण विद्यालय के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। सभी एआरपी को शासन के दिशा-निर्देशों से अवगत कराते हुए दस नवंबर तक चयनित विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। - अमित कुमार, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता बेसिक शिक्षा।