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इसबार अर्धनारीश्वर शिवरात्रि का विशेष संयोग
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:30 AM IST
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शामली। इस बार दिन में त्रयोदशी और रात में चौदस आने से अर्धनारीश्वर शिव पार्वती का संयोग बन रहा है। शिवरात्रि का बृहस्पतिवार से लेकर शुक्रवार दोनों दिन भगवान आशुतोष की विशेष पूजा-अर्चना के साथ साथ जलाभिषेक होगा। द्वादशी बुधवार सुबह आठ बजे से शुरू होकर मध्यरात्रि के बाद बृहस्पतिवार सुबह 2.10 बजे तक रहेगी। दो बजकर 11 मिनट में त्रयोदशी शुरू हो जाएगी। मगर शिवरात्रि का पूजन व जलाभिषेक सुबह पांच बजे से शुरू हो जाएगा।
बृहस्पतिवार रात्रि 10.40 मिनट तक त्रयोदशी बाद में चौदस आ जाएगी। रात्रि 10.41 बजे से लेकर शुक्रवार शाम सात बजे से लेकर चौदस रहेगी। पंडित कुशलानंद जोशी के अनुसार शिवरात्रि की पूजा-जलाभिषेक बृहस्पतिवार प्रथम पहर का पूजन सुबह पांच बजे से लेकर 6.15 बजे तक, दूसरे पहर का पूजन सुबह नौ बजे से 11 बजे तक, तीसरे पहर का पूजन तीन बजे से लेकर पांच बजे तक, चौथे पहर का पूजन शाम 7.30 बजे से लेकर रात्रि नौ बजे तक होगा।
कैैैैसे करें भगवान आशुतोष का विशेष पूजन, जलाभिषेक
पंडित कुशलांनद जोशी के अनुसार भगवान का आशुतोष एवं शिव परिवार की पूजा-अर्चना ओमनम शिवाय, हर-हर महादेव का जाप, शिव स्त्रोत चालीसा महामृत्युंजय पाठ के बाद आरती का उच्चारण करें। आशुतोष का जलाभिषेक गंगाजल, दूध, दही, घी शहद से करें। पुष्प और फल मिष्ठान अर्पित करके मनोकामना मांगे।
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शिवरात्रि की पूजा-जलाभिषेक का समय
1. बृहस्पतिवार प्रथम पहर का पूजन सुबह पांच बजे से लेकर 6.15 बजे तक।
2. दूसरे पहर का पूजन सुबह नौ बजे से 11 बजे तक।
3. तीसरे पहर का पूजन तीन बजे से लेकर पांच बजे तक।
4. चौथे पहर का पूजन शाम 7.30 बजे से लेकर रात्रि नौ बजे तक।
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बृहस्पतिवार रात्रि 10.40 मिनट तक त्रयोदशी बाद में चौदस आ जाएगी। रात्रि 10.41 बजे से लेकर शुक्रवार शाम सात बजे से लेकर चौदस रहेगी। पंडित कुशलानंद जोशी के अनुसार शिवरात्रि की पूजा-जलाभिषेक बृहस्पतिवार प्रथम पहर का पूजन सुबह पांच बजे से लेकर 6.15 बजे तक, दूसरे पहर का पूजन सुबह नौ बजे से 11 बजे तक, तीसरे पहर का पूजन तीन बजे से लेकर पांच बजे तक, चौथे पहर का पूजन शाम 7.30 बजे से लेकर रात्रि नौ बजे तक होगा।
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कैैैैसे करें भगवान आशुतोष का विशेष पूजन, जलाभिषेक
पंडित कुशलांनद जोशी के अनुसार भगवान का आशुतोष एवं शिव परिवार की पूजा-अर्चना ओमनम शिवाय, हर-हर महादेव का जाप, शिव स्त्रोत चालीसा महामृत्युंजय पाठ के बाद आरती का उच्चारण करें। आशुतोष का जलाभिषेक गंगाजल, दूध, दही, घी शहद से करें। पुष्प और फल मिष्ठान अर्पित करके मनोकामना मांगे।
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शिवरात्रि की पूजा-जलाभिषेक का समय
1. बृहस्पतिवार प्रथम पहर का पूजन सुबह पांच बजे से लेकर 6.15 बजे तक।
2. दूसरे पहर का पूजन सुबह नौ बजे से 11 बजे तक।
3. तीसरे पहर का पूजन तीन बजे से लेकर पांच बजे तक।
4. चौथे पहर का पूजन शाम 7.30 बजे से लेकर रात्रि नौ बजे तक।