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पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रहे शिक्षक ओमवीर
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:00 AM IST
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शामली। शिक्षक ओमवीर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने शनिवार को बरसात के चलते स्कूल में गिरे पेड़ को ग्रामीणों की सहायता से फिर से खड़ा कर दिया। जिससे ग्रामीण पेड़ों की देखभाल के प्रति काफी जागरूक हुए और पेड़ों का ऐसे ही ध्यान रखने का संकल्प लिया।
शिक्षक ओमवीर कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ीश्याम स्थित कन्या उच्च प्राथमिक स्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात है। वह बचपन से ही पर्यावरण को लेकर जागरूक हैं। उन्होंने स्कूल प्रांगण में भी सुंदरता के लिए अशोक व अन्य काफी पेड़ लगा रखे है। शनिवार सुबह बरसात के चलते शिक्षक जब स्कूल पहुंचा तो उन्हें स्कूल प्रांगण में तीन वर्ष पूर्व लगाया गया अशोक का पेड़ काफी नीचे झुकते हुए जमीन से लगा मिला। जिसे देखकर उन्हें काफी दुख महसूस हुआ। शिक्षक का कहना है कि उसने सभी पेड़ अपने बच्चों की तरह पाले है, वह उन्हें गिरते हुए नहीं दे सकता। सभी पेड़ों का उन्होंने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दिनों में भी ध्यान रखा है। स्कूल प्रांगण में भी काफी जलभराव हो रखा था। शिक्षक ने बरसात के चलते चलते ही पेड़ को सीधा करने के लिए रस्सी और सीढ़ी मंगाई। वहीं ग्रामीणों को एकत्र करते हुए पेड़ को सीधा कराया। पेड़ों से शिक्षक का प्रेमभाव देखकर ग्रामीण भी काफी जागरूक हुए। ग्रामीणों ने भी भविष्य में कोई भी पेड़ गिरने पर उसे जीवित करने की कोशिश करने का संकल्प लिया।
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शिक्षक ओमवीर कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ीश्याम स्थित कन्या उच्च प्राथमिक स्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात है। वह बचपन से ही पर्यावरण को लेकर जागरूक हैं। उन्होंने स्कूल प्रांगण में भी सुंदरता के लिए अशोक व अन्य काफी पेड़ लगा रखे है। शनिवार सुबह बरसात के चलते शिक्षक जब स्कूल पहुंचा तो उन्हें स्कूल प्रांगण में तीन वर्ष पूर्व लगाया गया अशोक का पेड़ काफी नीचे झुकते हुए जमीन से लगा मिला। जिसे देखकर उन्हें काफी दुख महसूस हुआ। शिक्षक का कहना है कि उसने सभी पेड़ अपने बच्चों की तरह पाले है, वह उन्हें गिरते हुए नहीं दे सकता। सभी पेड़ों का उन्होंने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दिनों में भी ध्यान रखा है। स्कूल प्रांगण में भी काफी जलभराव हो रखा था। शिक्षक ने बरसात के चलते चलते ही पेड़ को सीधा करने के लिए रस्सी और सीढ़ी मंगाई। वहीं ग्रामीणों को एकत्र करते हुए पेड़ को सीधा कराया। पेड़ों से शिक्षक का प्रेमभाव देखकर ग्रामीण भी काफी जागरूक हुए। ग्रामीणों ने भी भविष्य में कोई भी पेड़ गिरने पर उसे जीवित करने की कोशिश करने का संकल्प लिया।
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