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500, 1000 के नोट बंद, मची खलबली

Wed, 09 Nov 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Wed, 09 Nov 2016 12:14 AM IST
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500, 1000 closing note, there was turmoil
public news - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। केंद्र सरकार की ओर से पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट पर पाबंदी लगाने के निर्णय से खलबली मच गई। एकाएक जैसे ही यह खबर न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई, तो लोग हैरान परेशान हो गए। व्यापारियों का मानना है कि इस तरह के निर्णय से व्यापारी  बर्बाद हो जाएगा। 
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लोगों का कहना है कि इस निर्णय के बाद जब भी कोई व्यक्ति बाजार में सामान खरीदने जाएगा और पांच सौ या हजार रुपये का नोट व्यापारी को देगा, तो व्यापारी नोट नहीं लेगा। इससे आम आदमी को भी बहुत परेशानी झेलनी पड़ेगी। 
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग का कहना है कि भाजपा ने विदेश से काला धन भारत लाने का वादा किया था, लेकिन अब देशवासियों का रुपया ही निकलवाया जा रहा है। व्यापारी को समय दिया जाना चाहिए था। सीमा निर्धारित कर नोट बदलने की व्यवस्था करनी चाहिए थी। खातों में जमा कराने का निर्णय खराब है। इससे व्यापार चौपट हो जाएगा। 
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि इस तरह का निर्णय एकदम से लेना ठीक नहीं है। केंद्र सरकार का यह फैसला व्यापारी विरोधी है। उधर, सपा व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष महेश बंसल का कहना है कि भाजपा व्यापारी विरोधी है, तभी ऐसे फैसले किए जा रहे हैं। पुराने नोट प्रचलन में बंद करने से पहले बाजार में नए नोट लाने चाहिए थे।
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