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त्याग का मनुष्य के जीवन में होता है अलग ही महत्व
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:25 AM IST
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त्याग का मनुष्य के जीवन में अहम रोल
शामली।
आदिनाथ जिन्नालय धर्मपुरा मंदिर में चल रहे दशलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की चर्चा की गई और भगवान शांतिनाथ का पाठ सुनाया।
शनिवार को दशलक्षण पर्व का आठवां दिन रहा। मुख्य यज्ञमान पंडित कोमल चंद जैन, जिनेंद्र जैन, रमेश चंद जैन ने चावल, लौंग, इलायची और हल्दी से विधि विधान से पूजा करते हुुए भगवान की आराधना की। पंडित कोमल चंद जैन ने उत्तम त्याग कर्म के बारे में बताते हुए कहा कि त्याग का हमारे जीवन में बड़ा ही महत्व है, जिसमें राग द्वेष के साथ का त्याग करना ही उत्तम त्याग है। इसके अलावा चार प्रकार का दान चार संघ को करना चाहिए, जिसमें सभी को औषधि दान, शास्त्र दान, अभय दान और आहार दान करना चाहिए। जबकि करुणा दान किसी दुखी व्यक्ति की सहायता करना जैसा है। इस दौरान अंकित जैन, सुनील जैन, गौरव जैन, अभिषेक जैन, सुधा जैन, कविता जैन, मंजू जैन, पूनम जैन, रेणू जैन आदि मौजूद रहीं।
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शामली।
आदिनाथ जिन्नालय धर्मपुरा मंदिर में चल रहे दशलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की चर्चा की गई और भगवान शांतिनाथ का पाठ सुनाया।
शनिवार को दशलक्षण पर्व का आठवां दिन रहा। मुख्य यज्ञमान पंडित कोमल चंद जैन, जिनेंद्र जैन, रमेश चंद जैन ने चावल, लौंग, इलायची और हल्दी से विधि विधान से पूजा करते हुुए भगवान की आराधना की। पंडित कोमल चंद जैन ने उत्तम त्याग कर्म के बारे में बताते हुए कहा कि त्याग का हमारे जीवन में बड़ा ही महत्व है, जिसमें राग द्वेष के साथ का त्याग करना ही उत्तम त्याग है। इसके अलावा चार प्रकार का दान चार संघ को करना चाहिए, जिसमें सभी को औषधि दान, शास्त्र दान, अभय दान और आहार दान करना चाहिए। जबकि करुणा दान किसी दुखी व्यक्ति की सहायता करना जैसा है। इस दौरान अंकित जैन, सुनील जैन, गौरव जैन, अभिषेक जैन, सुधा जैन, कविता जैन, मंजू जैन, पूनम जैन, रेणू जैन आदि मौजूद रहीं।