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केंद्र निर्धारण में डीआईओएस की जांच हुई पूरी, संसोधन कर भेजा डाटा
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:54 AM IST
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शामली।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में कॉलेजों की मूलभूत सुविधाओं सहित सीसीटीवी का पेच फंस गया है। इस बार सरकार ने विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से ऑनलाइन जानकारी मांगी थी। जिले के 94 कॉलेजों ने ऑनलाइन के माध्यम से जानकारी दी, मगर कुछ ने फर्जी रिपोर्ट लगा दी थी। जब डीआईओएस ने 15 टीम बनाकर स्थलीय निरीक्षण किया तो उसकी पोल खुल गई।
बोर्ड द्वारा केंद्र निर्धारण के लिए कॉलेजों से मांगी गई 18 बिंदुओं पर ऑनलाइन सूचना का बोर्ड के निर्देशों के बाद डीआईओएस ने स्थलीय निरीक्षण कराया। जिला विद्यालय निरीक्षक एसएम सिद्दीकी ने जांच के लिए 15 टीमें गठित की गई थी। सभी टीमों ने सोमवार को जनपद के 94 कॉलेजों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। भेजी गई ऑनलाइन सूचना से मिलान किया गया तो उसमें केवल 94 कॉलेजों में से केवल चार कॉलेजों की सूचना ही ठीक पाई गई। ज्यादातर कॉलेजों ने वर्ग मीटर में मांगी गई कमरों की दूूरी फुटों में मापकर भेजी गई है। वहीं कॉलेजों में सीसीटीवी की काफी कमी है। कमरों की संख्या में भी अंतर मिला है।
इसके साथ ही संपर्क मार्ग से कॉलेज की दूूरी भी अधिक दर्शायी गई है। खामियां मिलने पर सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को डीआईओएस ने फटकार लगाई। वहीं, मंगलवार को कार्यालय में भेजी गई सूचनाओं को ऑनलाइन फिर से फीड कर बोर्ड को भेजी गई। इस बार सही सूचना के अनुसार ही परीक्षा केंद्रों का निर्धारण होगा। परीक्षा केंद्र निर्धारण में इस बार कोई सिफारिश या फिर जुगाड़ नहीं चलेगा। मानक के अनुसार ही केंद्रों का निर्धारण होगा।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में कॉलेजों की मूलभूत सुविधाओं सहित सीसीटीवी का पेच फंस गया है। इस बार सरकार ने विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से ऑनलाइन जानकारी मांगी थी। जिले के 94 कॉलेजों ने ऑनलाइन के माध्यम से जानकारी दी, मगर कुछ ने फर्जी रिपोर्ट लगा दी थी। जब डीआईओएस ने 15 टीम बनाकर स्थलीय निरीक्षण किया तो उसकी पोल खुल गई।
बोर्ड द्वारा केंद्र निर्धारण के लिए कॉलेजों से मांगी गई 18 बिंदुओं पर ऑनलाइन सूचना का बोर्ड के निर्देशों के बाद डीआईओएस ने स्थलीय निरीक्षण कराया। जिला विद्यालय निरीक्षक एसएम सिद्दीकी ने जांच के लिए 15 टीमें गठित की गई थी। सभी टीमों ने सोमवार को जनपद के 94 कॉलेजों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। भेजी गई ऑनलाइन सूचना से मिलान किया गया तो उसमें केवल 94 कॉलेजों में से केवल चार कॉलेजों की सूचना ही ठीक पाई गई। ज्यादातर कॉलेजों ने वर्ग मीटर में मांगी गई कमरों की दूूरी फुटों में मापकर भेजी गई है। वहीं कॉलेजों में सीसीटीवी की काफी कमी है। कमरों की संख्या में भी अंतर मिला है।
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इसके साथ ही संपर्क मार्ग से कॉलेज की दूूरी भी अधिक दर्शायी गई है। खामियां मिलने पर सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को डीआईओएस ने फटकार लगाई। वहीं, मंगलवार को कार्यालय में भेजी गई सूचनाओं को ऑनलाइन फिर से फीड कर बोर्ड को भेजी गई। इस बार सही सूचना के अनुसार ही परीक्षा केंद्रों का निर्धारण होगा। परीक्षा केंद्र निर्धारण में इस बार कोई सिफारिश या फिर जुगाड़ नहीं चलेगा। मानक के अनुसार ही केंद्रों का निर्धारण होगा।
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