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व्हाटसअप पर आपितजनक मैसेज की जांच साइबर सेल को सौंपी
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। गढ़ीपुख्ता क्षेत्र के गांव गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी किराना व्यापारी के मोबाइल पर अनजान व्हाट्सएप नंबर से आए आपत्तिजनक मेसेज की जांच एसपी ने साइबर सेल को सौंपी है।
गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी शाकिर के मोबाइल पर अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर एक मई को मेसेज आया था। मेसेज भेजने वाले ने अपने को पाकिस्तानी बताते हुए लिखा कि हम आपके यहां टेरेरिस्ट आर्गेनाइजेशन कैंप लगाना चाहते हैं क्या आप हमारा साथ दोगे। यह मेसेज पढ़ने के बाद परिवार में दहशत बनी हुई है। शुक्रवार को शाकिर ने गढ़ीपुख्ता थाने पर इस मामले की सूचना दी थी। एसपी अजय कुमार ने इस मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है। साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल ने पीड़ित का मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच कर रही है, ताकि उसके माध्यम से आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके। एसपी अजय कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह किसी की शरारत लग रही है। मोबाइल पर एप डाउन लोड कर इंटरनेट के माध्यम से वर्चुवल (फर्जी) नंबर लेकर असली नंबर को छिपाकर इस तरह के व्हाट्सएप मेसेज भेजे जा सकते हैं। इस तरह से असली नंबर सामने न आकर वर्चुवल नंबर दिखाई देता है। इस मामले की जांच चल रही है, जल्द ही आरोपी का पता चल जाएगा। उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लातविया देश का कोड है 37
शामली। गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी शाकिर को जिस व्हाट्सएप नंबर से मेसेज भेजा गया, उसका कोड 37 बताया गया है। साइबर सेल के इंचार्ज कर्मवीर सिंह ने बताया कि जांच करने पर पता चला कि यूएसए के कोड नंबर 37 कोड लातविया का है। उनका कहना है कि यह किसी की शरारत लग रही है, जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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शामली। गढ़ीपुख्ता क्षेत्र के गांव गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी किराना व्यापारी के मोबाइल पर अनजान व्हाट्सएप नंबर से आए आपत्तिजनक मेसेज की जांच एसपी ने साइबर सेल को सौंपी है।
गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी शाकिर के मोबाइल पर अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर एक मई को मेसेज आया था। मेसेज भेजने वाले ने अपने को पाकिस्तानी बताते हुए लिखा कि हम आपके यहां टेरेरिस्ट आर्गेनाइजेशन कैंप लगाना चाहते हैं क्या आप हमारा साथ दोगे। यह मेसेज पढ़ने के बाद परिवार में दहशत बनी हुई है। शुक्रवार को शाकिर ने गढ़ीपुख्ता थाने पर इस मामले की सूचना दी थी। एसपी अजय कुमार ने इस मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है। साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल ने पीड़ित का मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच कर रही है, ताकि उसके माध्यम से आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके। एसपी अजय कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह किसी की शरारत लग रही है। मोबाइल पर एप डाउन लोड कर इंटरनेट के माध्यम से वर्चुवल (फर्जी) नंबर लेकर असली नंबर को छिपाकर इस तरह के व्हाट्सएप मेसेज भेजे जा सकते हैं। इस तरह से असली नंबर सामने न आकर वर्चुवल नंबर दिखाई देता है। इस मामले की जांच चल रही है, जल्द ही आरोपी का पता चल जाएगा। उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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लातविया देश का कोड है 37
शामली। गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी शाकिर को जिस व्हाट्सएप नंबर से मेसेज भेजा गया, उसका कोड 37 बताया गया है। साइबर सेल के इंचार्ज कर्मवीर सिंह ने बताया कि जांच करने पर पता चला कि यूएसए के कोड नंबर 37 कोड लातविया का है। उनका कहना है कि यह किसी की शरारत लग रही है, जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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