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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli: 170 crores frozen in 30 accounts, Nawab who runs a medical store became the owner of the hospital

Shamli: लविश के 30 खातों में 170 करोड़ फ्रीज... चंद दिनों में अस्पताल मालिक बना मेडिकल स्टोर चलाने वाला नवाब

Fri, 14 Feb 2025 12:30 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Fri, 14 Feb 2025 12:30 PM IST
सार

210 करोड़ रुपये की ठगी में ईडी जांच कर रही है। दुबई में बैठे गिरोह के सरगना लविश के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं शामली के नवाब की भी जांच जारी है।  

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Shamli: 170 crores frozen in 30 accounts, Nawab who runs a medical store became the owner of the hospital
गिरोह का सरगना लविश। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

क्यूएफएक्स और अन्य कंपनियों में रुपये निवेश कराने के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सरगना दुबई में बैठे लविश की कंपनियों के 30 से अधिक बैंक खातों में 170 करोड़ रुपये ईडी ने फ्रीज कराए हैं। क्योंकि उक्त रुपयों की जानकारी निदेशक और अन्य नहीं दे सके। उधर, शामली के गिरोह के एजेंट नवाब सलेक विहार में ही मौजूद प्राइवेट अस्पताल का मालिक निकला है। उसकी जांच शुरू की दी गई है।
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Shamli: 170 crores frozen in 30 accounts, Nawab who runs a medical store became the owner of the hospital
शामली का नवाब। - फोटो : अमर उजाला
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि 11 फरवरी को उनकी टीमों के अलग-अलग सदस्यों ने शामली के अलावा दिल्ली, हरियाणा के रोहतक, नोएडा आदि में छापा मारा था। शामली में गिरोह के सदस्य डांगरौल गांव के नवाब से पूछताछ की गई थी, जिसे बाद में नोटिस देकर छोड़ दिया गया था। उसके पास से 94 लाख रुपये भी बरामद किए गए थे।
बताया कि हिमाचल प्रदेश के मंडी थाने में क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। 210 करोड़ से अधिक की ठगी की बात सामने आई थी। कंपनी के निदेशकों में राजेंद्र सूद, विनीत कुमार, संतोष कुमार और मास्टरमाइंड मुजफ्फरनगर के नवाब अली उर्फ लविश के नाम सामने आए थे।
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जांच में सामने आया है कि लोगों को निवेश के नाम पर मोटा कमीशन देकर अपने चंगुल में फंसाया गया। यही नहीं, बाद में क्यूएफएक्स योजना का नाम बदलकर वाईएफएक्स कर दिया। इसके बाद लविश ने बॉटब्रो, टीएलसी कॉइन, यार्कर एफएक्स में भी लोगों से निवेश कराया। ईडी के अधिकारियों के अनुसार, शामली समेत विभिन्न शहरों से एजेंटों के पास से तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए।
 
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इन खातों का किया जा रहा था प्रयोग
ईडी की जांच से पता चला है कि लविश के कई बैंक खाते हैं। जिनमें एनपे बॉक्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स कैप्टर मनी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स टाइगर डिजिटल सर्विसेज प्राइवेट आदि हैं। सभी का उपयोग निवेश के किए गए रुपयों के लिए किया जा रहा था, जिन्हें फ्रीज कराया गया है।
 

सोशल मीडिया को बनाया हुआ है विज्ञापन का माध्यम
ईडी के अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया को कंपनी के निदेशकों और अन्य पदाधिकारियों ने विज्ञापन का माध्यम बनाया हुआ है। लुभावने विज्ञापन देकर लोगों को साथ जोड़ा जाता है। रकम सीधे दुबई में ही पहुंचती है।


 

चंद दिनों में करोड़पति बन गया नवाब
लविश का एजेंट शामली का नवाब चंद दिनों में ही करोड़पति बन गया। शामली में ही उसके नाम एक प्राइवेट अस्पताल के अलावा अन्य प्रॉपर्टी भी जांच में सामने आई है। जबकि पूर्व में नवाब मेडिकल स्टोर का संचालन करता था। इसके बाद निवेश कराने के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग कर संपत्ति खड़ी कर दी। हालांकि, अभी संपत्ति की जांच में ईडी जुटी हुई है।
 
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