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बूंदाबांदी के बाद पारा लुड़का, उमस बढ़ी
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शाहजहांपुर। सोमवार को दिनभर बादल आते-जाते रहे। दोपहर कुछ देर बूंदाबांदी होने से वातावरण में नमी बढ़ी तो पारा दो डिग्री घटकर 34 डिग्री सेल्सियस रह गया। कुछ देर तेज बारिश हुई। बारिश के बाद धूप खिली तो उमस बढ़ गई। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि मंगलवार को सुबह से बादल छाए रहेंगे और दोपहर तक हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार बढ़ गए हैं।
रविवार शाम से हवा के दबाव में परिवर्तन आने के बाद से काले बादल छाए रहे। इससे गर्मी और उमस से बेहाल जनजीवन बारिश की आस में आसमान पर टकटकी लगाए रहा, लेकिन बीती शाम पानी गिरने के बनते हुए आसार तेज हवा ने मिटा दिए। बादल रात में भी छाए रहे और तब तक वातावरण में आद्रता बढ़कर 88 फीसदी हो चुकी थी, इसलिए ठंडी हवा के प्रभाव से रात में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री घटकर 26.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। इससे सुबह सूर्योदय के बाद कुछ देर तक लोगों को उमस में कमी महसूस हुई। दोपहर 12 बजे के आसपास बादल घने हुए तो एक बार फिर बारिश के आसार नजर आने लगे। बूंदाबांदी होने पर लोगो को लगा कि अब गर्मी से कुछ दिन तो राहत मिल जाएगी,लेकिन मुश्किल से 10 मिनट तक हल्की बौछारें गिरने के बाद बादल कमजोर पड़े तो धूप से उमस पैदा हो गयी।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार जनपद की उत्तरी सीमा पर पानी ज्यादा गिरा, लेकिन शहर और आसपास इतनी बूंदाबांदी नहीं हो सकी कि उसे रिकार्ड किया जा सके। उन्होंने बताया कि हवा का दबाव सामान्य से 15 अंक अधिक होने के बावजूद मानसूनी बादल जिस तरह छाए हुए हैं उसे देखते दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। यदि हवा के दबाव में कोई विचलन नही हुआ तो मंगलवार को सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
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रविवार शाम से हवा के दबाव में परिवर्तन आने के बाद से काले बादल छाए रहे। इससे गर्मी और उमस से बेहाल जनजीवन बारिश की आस में आसमान पर टकटकी लगाए रहा, लेकिन बीती शाम पानी गिरने के बनते हुए आसार तेज हवा ने मिटा दिए। बादल रात में भी छाए रहे और तब तक वातावरण में आद्रता बढ़कर 88 फीसदी हो चुकी थी, इसलिए ठंडी हवा के प्रभाव से रात में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री घटकर 26.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। इससे सुबह सूर्योदय के बाद कुछ देर तक लोगों को उमस में कमी महसूस हुई। दोपहर 12 बजे के आसपास बादल घने हुए तो एक बार फिर बारिश के आसार नजर आने लगे। बूंदाबांदी होने पर लोगो को लगा कि अब गर्मी से कुछ दिन तो राहत मिल जाएगी,लेकिन मुश्किल से 10 मिनट तक हल्की बौछारें गिरने के बाद बादल कमजोर पड़े तो धूप से उमस पैदा हो गयी।
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गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार जनपद की उत्तरी सीमा पर पानी ज्यादा गिरा, लेकिन शहर और आसपास इतनी बूंदाबांदी नहीं हो सकी कि उसे रिकार्ड किया जा सके। उन्होंने बताया कि हवा का दबाव सामान्य से 15 अंक अधिक होने के बावजूद मानसूनी बादल जिस तरह छाए हुए हैं उसे देखते दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। यदि हवा के दबाव में कोई विचलन नही हुआ तो मंगलवार को सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
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