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इलाज के दौरान युवक की मौत, पत्नी ने लगाया पुलिस पर पिटाई का आरोप
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खुटार (शाहजहांपुर)। जुआ खेलते पकड़े जाने के बाद गांव कुभियां माफी निवासी 52 वर्षीय जगदीश प्रसाद की हालत बिगड़ गई। इलाज के दौरान बुधवार रात जगदीश ने दम तोड़ दिया। पत्नी जमुना देवी का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से पति की हालत बिगड़ी और इलाज के दौरान मौत हो गई है। जगदीश का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस को कोई तहरीर भी नहीं दी गई है।
जमुना देवी ने बताया कि 21 अक्तूबर को उनके पति जगदीश प्रसाद को हलका दरोगा जुआ खेलने के आरोप में पकड़कर थाने ले गए थे। पुलिसकर्मियों ने उनके पति को पहले गांव में और फिर थाने में भी पिटाई की। इससे उनके पति की हालत बिगड़ गई थी। 22 अक्तूबर को उनका पुत्र कुलदीप कुमार थाने गया तो दो सिपाहियों पांच हजार रुपये लेने के बाद उनके पति को थाने से जमानत पर छोड़ा।
पुलिस की पिटाई के कारण जगदीश की हालत बिगड़ गई। पुत्र ने जगदीश को निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया। डॉक्टर ने जगदीश को सीएचसी ले जाने की सलाह दी। बाद में सीएचसी से जगदीश को जिला मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। 26 अक्टूबर की रात जगदीश की मौत हो गई। रात में ही शव घर ले जाया गया और बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। थाना प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि जगदीश को 21 अक्तूबर को थाने लाया गया था और कुछ ही देर बाद जमानत पर छोड़ दिया गया था। जगदीश की पत्नी कुछ लोगों के बरगलाने पर दरोगा पर झूठा आरोप लगा रही है। जगदीश को किसी पुलिसकर्मी ने नहीं पीटा है।
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जगदीश को 22 अक्तूबर को नहीं 26 अक्तूबर सुबह साढ़े नौ बजे सीएचसी लाया गया था। उसे सांस संबंधी बीमारी थी और सांस लेने में समस्या आ रही थी। जगदीश को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। - संदीप कुमार, अधीक्षक सीएचसी खुटार
इस तरह की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि शिकायत मिलेगी तो जांच कराई जाएगी। खुटार थाना पुलिस से मामले की जानकारी की जाएगी। - पंकज पंत, सीओ पुवायां
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जमुना देवी ने बताया कि 21 अक्तूबर को उनके पति जगदीश प्रसाद को हलका दरोगा जुआ खेलने के आरोप में पकड़कर थाने ले गए थे। पुलिसकर्मियों ने उनके पति को पहले गांव में और फिर थाने में भी पिटाई की। इससे उनके पति की हालत बिगड़ गई थी। 22 अक्तूबर को उनका पुत्र कुलदीप कुमार थाने गया तो दो सिपाहियों पांच हजार रुपये लेने के बाद उनके पति को थाने से जमानत पर छोड़ा।
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पुलिस की पिटाई के कारण जगदीश की हालत बिगड़ गई। पुत्र ने जगदीश को निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया। डॉक्टर ने जगदीश को सीएचसी ले जाने की सलाह दी। बाद में सीएचसी से जगदीश को जिला मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। 26 अक्टूबर की रात जगदीश की मौत हो गई। रात में ही शव घर ले जाया गया और बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। थाना प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि जगदीश को 21 अक्तूबर को थाने लाया गया था और कुछ ही देर बाद जमानत पर छोड़ दिया गया था। जगदीश की पत्नी कुछ लोगों के बरगलाने पर दरोगा पर झूठा आरोप लगा रही है। जगदीश को किसी पुलिसकर्मी ने नहीं पीटा है।
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जगदीश को 22 अक्तूबर को नहीं 26 अक्तूबर सुबह साढ़े नौ बजे सीएचसी लाया गया था। उसे सांस संबंधी बीमारी थी और सांस लेने में समस्या आ रही थी। जगदीश को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। - संदीप कुमार, अधीक्षक सीएचसी खुटार
इस तरह की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि शिकायत मिलेगी तो जांच कराई जाएगी। खुटार थाना पुलिस से मामले की जानकारी की जाएगी। - पंकज पंत, सीओ पुवायां