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Shahjahanpur News: बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए रास्तों पर आवागमन हुआ खतरनाक

Tue, 26 Aug 2025 12:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 26 Aug 2025 12:13 AM IST
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Travelling on roads damaged by floods has become dangerous
कलान तहसील में बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त मार्ग। स्रोत : जागरूक पाठक
जलालाबाद। रामगंगा और बहगुल नदियों में पानी घटने के साथ ही बाढ़ से हुए नुकसान भी सामने आने लगे हैं। पानी के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हुए रास्ते आवागमन में दिक्कत पैदा करने के साथ ही कई जगहों पर बेहद खतरनाक हालत में पहुंच गए हैं।
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सबसे ज्यादा नुकसान तिकोला गांव और बहगुल नदी के पार बसे गांवों को जाने वाले रास्तों को हुआ है। इस क्षेत्र में रामगंगा और बहगुल दोनों नदियों का बहाव है। कुछ दिन पहले तक दोनों नदियां एक होकर बहने के कारण पूरे क्षेत्र में करीब 15 दिनों तक पानी भरा रहा। उन रास्तों को भी ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां लगातार कई दिन तक ऊपर से होकर पानी बहता रहा। इसी क्षेत्र में संगहा- चितरऊ मार्ग से निकले अतरी गांव के संपर्क मार्ग पर चारखंभा तिराहा के पास की पुलिया का एक हिस्सा टूटकर पानी में समा गया है।
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अब यह रास्ता आवागमन के लिए काफी खतरनाक हो गया है और वहां से वाहन निकालने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है। क्षेत्र के सूरज पाल सिंह, बृह्मेश यादव, चंद्रसेन पांडेय आदि ने बताया कि जिस तरफ पुलिया का हिस्सा धंसा है उसी तरफ कुछ फासले पर बहगुल नदी है। इस वजह से उधर से वाहन निकालना संभव नहीं रहा।
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गंगा में फिर बढ़ा पानी, बाढ़ प्रभावित गांवों में बुखार का प्रकोप
कलान। गंगा में सोमवार को पानी बढ़ने के साथ ही तटीय गांवों के ग्रामीणों को फिर से बाढ़ का खतरा परेशान करने लगा है। शमशाबाद-जलालाबाद स्टेट हाईवे पर चौरा और बसोला गांव के बीच फिर कई स्थानों पर पानी बहने लगा है। ग्रामीण खुद को खतरे में डालकर पैदल, बाइकों और तांगा बुग्गियों से हाईवे के जलमग्न हिस्से से निकल रहे हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में बुखार का प्रकोप बढ़ गया है।
शमशाबाद स्टेट हाईवे पर गत सप्ताह एक दंपती की बाइक बह जाने से महिला और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद पुलिस ने हाईवे पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया था। अब पानी कम होने पर फिर से लोग उधर से निकलने लगे हैं। यही नहीं, रविवार को हाईवे से निकल रही एक बैलगाड़ी भी पानी के तेज बहाव में बह गई। ग्रामीण बमुश्किल बैलों को पानी से निकाल सके। बावजूद इसके पुलिस ने सोमवार को हाईवे पर आवागमन रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। नगला वसूला गांव में बाढ़ से डूबा रास्ता पार कराने को बैलगाड़ी वाले प्रति व्यक्ति 50 रुपये किराया वसूल रहे हैं।

ग्रामीण बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब बीमारियों से जूझ रहे हैं। गंगा के तटवर्ती इस्लामनगर, आजादनगर, कमथरी, चितार, पंखिया नगला, खजुरी, गढी गिउड़ी, गणेशपुर, हरनोखा, नारायण नगर, चौकिया, पच देवरिया, बम्हनी चौकी, श्रीनगर, बाराकलां, बाराखुर्द, बिचौला, सेठा, जखिया, हरेली, नेकपुर, गंगोरा, विक्रमपुर आदि गांवों में हर घर में कोई न कोई सदस्य बीमार है। अभी तक इन गांवों में दवाएं बांटने को स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी ने बताया कि ओपीडी में एक सप्ताह पहले तक रोजाना 100 से 150 मरीज आते थे, लेकिन अब 400 मरीज रोज आ रहे हैं। संवाद

कलान तहसील में बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त मार्ग। स्रोत : जागरूक पाठक

कलान तहसील में बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त मार्ग। स्रोत : जागरूक पाठक

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