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रुहानी सत्संग में जुटे हजारों भक्त
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:17 AM IST
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जय गुरुदेव के शिष्य बाबा उमाकांत
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सोमवार को बाबा जयगुरुदेव के शिष्य बाबा उमाकांत महाराज के रुहानी सत्संग में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर बाबा ने कहा कि शरीर एक मंदिर है और उसकी पवित्रता बनाए रखना मनुष्य जीवन का एकमात्र उद्देश्य है। उन्होंने वाराणसी में सत्संग के दौरान हुए हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उससे जुड़ी खामियां तलाश कर उन्हें दूर किया जाना चाहिए।
साउथ सिटी के सामने मैदान पर हजारों अनुयायियों की उपस्थिति में सत्संग सभा को संबोधित करते हुए बाबा उमाकांत ने कहा कि मांसाहार और शराब के सेवन से बुद्धि भ्रष्ट होने के साथ पंच विकार अर्थात काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार प्रबल हो जाते हैं। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने जयगुरुदेव के उत्तराधिकार को लेकर विवाद और मथुरा के जवाहर बाग कांड से जुड़े सवालों को टालने का प्रयास किया। कहा-जब से मथुरा छोड़ी है, वहां नहीं गया। विवादोेें में फसेंगे तो गुरु महाराज ने जीवात्माओं को रास्ता दिखाने का जो काम सौंपा है, वह रुकेगा और समय व्यर्थ जाएगा।
नेताओं ने लगाई हाजिरी
जयगुरुदेव के अनुयायियों की सत्संग सभा में प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, कटरा के विधायक राजेश यादव और पुवायां की विधायक शकुंतला देवी भी पहुंची। इन सभी ने बाबा जयगुरुदेव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। धर्म विकास संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रह्मानंद पांडेय, यूपी इकाई अध्यक्ष सत्यदेव पाठक, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश प्रसाद शर्मा, सीपी खडोलिया, राजीव तिवारी, संजीव सिंह, गोकरन प्रसाद आदि ने व्यवस्था टोलियों का नेतृत्व किया।
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काबिले तारीफ रहा भक्तों का काफिला
राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित व्यस्त बरेली मोड़ पर डेढ़ घंटे में एक हजार से अधिक फोर व्हीलर समेत करीब तीन हजार वाहन गुजर गए और यातायात व्यवस्था में कोई व्यवधान नहीं आया। ऐसा हो सकता तो बाबा जयगुरुदेव के सैकड़ों अनुशासित अनुयायियों की वजह से।
काफिले के साथ चल रहे पांच से सात हजार भक्तों में एक सैकड़ा से अधिक लोगों ने ट्रैफिक कंट्रोलर की भूमिका निभाई। इनमें से वॉकी-टॉकी से लैस 20 वालिंटियर्स रास्ते में पास लेने की कोेशिश करने वाले अन्य वाहनों को आगे का रास्ता देने में जुटे रहे और काफिला अपनी चाल से चलता रहा। यही कारण रहा कि मुरादाबाद से यहां तक करीब 175 किमी रूट में काफिले को कहीं अवांछित रुकावट का सामना नहीं करना पड़ा। मुरादाबाद से यात्रा के साथ आए बाबा जयगुरुदेव धर्म विकास संस्था के प्रबंधक सुनील कौशिक कहते हैं कि वह अकेले कुछ नहीं कर रहे। सारी व्यवस्था का आधार है स्वानुशासन। काफिले में शामिल वाहन चलाने वालों को व्यवस्थापकों ने बाबा उमाकांत महाराज की ट्रैफिक नियमावली पुस्तिकाएं पहले उपलब्ध करा दी गईं। यह पुस्तिकाएं सत्संग स्थल पर आगंतुकों को भी बांटी गईं। इनमें काफिले के वाहनों को ओवरटेकिंग नहीं करने, सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से बांधने, अन्य वाहनों को शीघ्र रास्ता देने, गाड़ी पार्किंग आदि से संबंधित नसीहतें शामिल हैं। वजह रही कि हजारों वाहन एक साथ खड़े होने पर भी किसी को दिक्कत नहीं हुई।
सुकून में रहे ट्रैफिक पुलिस के जवान
काफिले के बरेली मोड़ पहुंचने से पहले तक पुलिस-प्रशासन के सारे अफसर हाईवे की यातायात व्यवस्था को लेकर काफी पसोपेश में रहे। 12.30 बजे काफिला के आगे चल रहे बाइक सवारों का हुजूम जैसे ही बरेली मोड़ पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद गुलाबी साफा बांधे डंडाधारी भक्त ट्रैफिक पुलिस के मोड में आ गए। वहां तैनात यातायात पुलिस के 13 जवानों के साथ उन्होंने स्वयं कतार बनाकर हाईवे से अपने वाहनों को करीब 20 बीघा क्षेत्रफल के आयोजन स्थल की ओर मुड़ने के पूर्व निर्धारित संकेत देने शुरू कर दिए। यातायात उप निरीक्षक आलोक मिश्रा भी मानते हैं अनुयायियों का सहयोग मिलने से ट्रैफिक को लेकर कोई तनाव नहीं रहा।
साथ चल रही सुरक्षा टोली और एंबुलेंस
इतने बड़े जनसमूह की रखवाली के लिए प्रशासन ने भले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, काफिले में शामिल सुरक्षा टोली भी मुस्तैद रही। बाबा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रह्मानंद पांडेय के अनुसार जो भक्त शस्त्र लाइसेंसी हैं, उन्हें सुरक्षा गारद में शामिल किया गया है। यही नहीं, विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं से लैस तीन एंबुलेंस भी साथ चल रही हैं।
छपरा के नबी रसूल ने अपनाया शाकाहार
मन को साफ रखने और बेहतर सोच बनाने के लिए मांसाहार त्यागने की बाबा जी की नसीहत नबी रसूल को इतनी भाई कि 11 साल पहले वह भी शाकाहारी हो गए और अब ज्यादातर वक्त काफिले के साथ गुजारते हैं।
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साउथ सिटी के सामने मैदान पर हजारों अनुयायियों की उपस्थिति में सत्संग सभा को संबोधित करते हुए बाबा उमाकांत ने कहा कि मांसाहार और शराब के सेवन से बुद्धि भ्रष्ट होने के साथ पंच विकार अर्थात काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार प्रबल हो जाते हैं। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने जयगुरुदेव के उत्तराधिकार को लेकर विवाद और मथुरा के जवाहर बाग कांड से जुड़े सवालों को टालने का प्रयास किया। कहा-जब से मथुरा छोड़ी है, वहां नहीं गया। विवादोेें में फसेंगे तो गुरु महाराज ने जीवात्माओं को रास्ता दिखाने का जो काम सौंपा है, वह रुकेगा और समय व्यर्थ जाएगा।
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नेताओं ने लगाई हाजिरी
जयगुरुदेव के अनुयायियों की सत्संग सभा में प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, कटरा के विधायक राजेश यादव और पुवायां की विधायक शकुंतला देवी भी पहुंची। इन सभी ने बाबा जयगुरुदेव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। धर्म विकास संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रह्मानंद पांडेय, यूपी इकाई अध्यक्ष सत्यदेव पाठक, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश प्रसाद शर्मा, सीपी खडोलिया, राजीव तिवारी, संजीव सिंह, गोकरन प्रसाद आदि ने व्यवस्था टोलियों का नेतृत्व किया।
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काबिले तारीफ रहा भक्तों का काफिला
राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित व्यस्त बरेली मोड़ पर डेढ़ घंटे में एक हजार से अधिक फोर व्हीलर समेत करीब तीन हजार वाहन गुजर गए और यातायात व्यवस्था में कोई व्यवधान नहीं आया। ऐसा हो सकता तो बाबा जयगुरुदेव के सैकड़ों अनुशासित अनुयायियों की वजह से।
काफिले के साथ चल रहे पांच से सात हजार भक्तों में एक सैकड़ा से अधिक लोगों ने ट्रैफिक कंट्रोलर की भूमिका निभाई। इनमें से वॉकी-टॉकी से लैस 20 वालिंटियर्स रास्ते में पास लेने की कोेशिश करने वाले अन्य वाहनों को आगे का रास्ता देने में जुटे रहे और काफिला अपनी चाल से चलता रहा। यही कारण रहा कि मुरादाबाद से यहां तक करीब 175 किमी रूट में काफिले को कहीं अवांछित रुकावट का सामना नहीं करना पड़ा। मुरादाबाद से यात्रा के साथ आए बाबा जयगुरुदेव धर्म विकास संस्था के प्रबंधक सुनील कौशिक कहते हैं कि वह अकेले कुछ नहीं कर रहे। सारी व्यवस्था का आधार है स्वानुशासन। काफिले में शामिल वाहन चलाने वालों को व्यवस्थापकों ने बाबा उमाकांत महाराज की ट्रैफिक नियमावली पुस्तिकाएं पहले उपलब्ध करा दी गईं। यह पुस्तिकाएं सत्संग स्थल पर आगंतुकों को भी बांटी गईं। इनमें काफिले के वाहनों को ओवरटेकिंग नहीं करने, सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से बांधने, अन्य वाहनों को शीघ्र रास्ता देने, गाड़ी पार्किंग आदि से संबंधित नसीहतें शामिल हैं। वजह रही कि हजारों वाहन एक साथ खड़े होने पर भी किसी को दिक्कत नहीं हुई।
सुकून में रहे ट्रैफिक पुलिस के जवान
काफिले के बरेली मोड़ पहुंचने से पहले तक पुलिस-प्रशासन के सारे अफसर हाईवे की यातायात व्यवस्था को लेकर काफी पसोपेश में रहे। 12.30 बजे काफिला के आगे चल रहे बाइक सवारों का हुजूम जैसे ही बरेली मोड़ पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद गुलाबी साफा बांधे डंडाधारी भक्त ट्रैफिक पुलिस के मोड में आ गए। वहां तैनात यातायात पुलिस के 13 जवानों के साथ उन्होंने स्वयं कतार बनाकर हाईवे से अपने वाहनों को करीब 20 बीघा क्षेत्रफल के आयोजन स्थल की ओर मुड़ने के पूर्व निर्धारित संकेत देने शुरू कर दिए। यातायात उप निरीक्षक आलोक मिश्रा भी मानते हैं अनुयायियों का सहयोग मिलने से ट्रैफिक को लेकर कोई तनाव नहीं रहा।
साथ चल रही सुरक्षा टोली और एंबुलेंस
इतने बड़े जनसमूह की रखवाली के लिए प्रशासन ने भले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, काफिले में शामिल सुरक्षा टोली भी मुस्तैद रही। बाबा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रह्मानंद पांडेय के अनुसार जो भक्त शस्त्र लाइसेंसी हैं, उन्हें सुरक्षा गारद में शामिल किया गया है। यही नहीं, विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं से लैस तीन एंबुलेंस भी साथ चल रही हैं।
छपरा के नबी रसूल ने अपनाया शाकाहार
मन को साफ रखने और बेहतर सोच बनाने के लिए मांसाहार त्यागने की बाबा जी की नसीहत नबी रसूल को इतनी भाई कि 11 साल पहले वह भी शाकाहारी हो गए और अब ज्यादातर वक्त काफिले के साथ गुजारते हैं।