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Shahjahanpur News: राम-भरत मिलाप के साक्षी बने हजारों श्रद्धालु, जयकारों से गूंज उठा नगर
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चौक में राम-भरत मिलाप लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
- फोटो : Samvad
शाहजहांपुर। खिरनीबाग की ऐतिहासिक रामलीला की राजगद्दी का समापन बृहस्पतिवार सुबह श्रीराम-भरत मिलाप लीला के मंचन के साथ हुआ। चौक स्थित श्रीराम जानकी मंदिर के सामने भरत मिलाप देखने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। चारों भाइयों के मिलन का भावुक दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
रामलीला समिति के संरक्षक और वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभाई। उन्होंने प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक कर आरती उतारी। इसके बाद श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के स्वरूपों को मंदिर ले जाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
भरत मिलाप के लिए मंदिर के सामने सड़क पर भव्य मंच सजाया गया था। हनुमान जी ने जब भरत और शत्रुघ्न को श्रीराम-लक्ष्मण के वनवास से लौटने की सूचना दी तो दोनों भाई नंगे पैर उनसे मिलने दौड़ पड़े। चारों भाइयों के गले मिलते ही श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की। सियापति रामचंद्र की जय, वीर हनुमान की जय और जय श्रीराम की गूंज रही।
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भरत मिलाप देखने के लिए महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मंदिर परिसर के साथ आसपास की दुकानों और घरों की छतों पर भी जमा रहे। इसके बाद श्रीराम मंदिर में आरती और भोग लगाया गया। राजगद्दी नगर के प्रमुख मंदिरों में पहुंची, जहां आरती और भोग का आयोजन हुआ। शोभायात्रा का समापन दलेलगंज स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में हुआ। यहां आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
इस दौरान मेला समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेश सिंघल, कोषाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, केसी मिश्रा, अजय प्रताप यादव, सचिन बाथम, सुरेंद्र सिंह सेठ, राममोहन वर्मा, नरेंद्र मिश्रा गुरु, नीरज वाजपेयी, मनीष खन्ना, नितेश गुप्ता, संजीव सक्सेना, राहुल खन्ना आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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रामलीला समिति के संरक्षक और वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभाई। उन्होंने प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक कर आरती उतारी। इसके बाद श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के स्वरूपों को मंदिर ले जाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
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भरत मिलाप के लिए मंदिर के सामने सड़क पर भव्य मंच सजाया गया था। हनुमान जी ने जब भरत और शत्रुघ्न को श्रीराम-लक्ष्मण के वनवास से लौटने की सूचना दी तो दोनों भाई नंगे पैर उनसे मिलने दौड़ पड़े। चारों भाइयों के गले मिलते ही श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की। सियापति रामचंद्र की जय, वीर हनुमान की जय और जय श्रीराम की गूंज रही।
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भरत मिलाप देखने के लिए महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मंदिर परिसर के साथ आसपास की दुकानों और घरों की छतों पर भी जमा रहे। इसके बाद श्रीराम मंदिर में आरती और भोग लगाया गया। राजगद्दी नगर के प्रमुख मंदिरों में पहुंची, जहां आरती और भोग का आयोजन हुआ। शोभायात्रा का समापन दलेलगंज स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में हुआ। यहां आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
इस दौरान मेला समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेश सिंघल, कोषाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, केसी मिश्रा, अजय प्रताप यादव, सचिन बाथम, सुरेंद्र सिंह सेठ, राममोहन वर्मा, नरेंद्र मिश्रा गुरु, नीरज वाजपेयी, मनीष खन्ना, नितेश गुप्ता, संजीव सक्सेना, राहुल खन्ना आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।

चौक में राम-भरत मिलाप लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद- फोटो : Samvad