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Shahjahanpur News: मेडिकल कॉलेज में फिलहाल इलाज नहीं... जाइए भावलखेड़ा सीएचसी
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कांट के गांव जिगनेरा में स्थापित राजकीय मेडिकल कॉलेज के गेट पर भरा पानी। संवाद
शाहजहांपुर। शहर के अजीजगंज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में अब भी काफी जलभराव है। ऐसे में विकल्प के तौर पर शनिवार को कांट के जिगनेरा में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू की जानी थी लेकिन यहां भी पानी भर गया। ऐसे में मरीजों को चिकित्सीय लाभ देने के लिए भावलखेड़ा में इमरजेंसी सेवाएं शुरू कर दीं गईं। यहां पर 20 बेड का इंतजाम करते हुए मरीजों को भर्ती करने की सुविधा दी गई है। ट्राॅमा सेंटर का स्टाफ लगाया गया है।
अजीजगंज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सेवाओं की सुविधा है जबकि एमबीबीएस छात्र-छात्राएं कांट के जिगनेरा स्थित भवन में पढ़ाई करते हैं। बृहस्पतिवार की सुबह गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अजीजगंज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में जलभराव होने पर करीब तीन सौ मरीजों को शिफ्ट कर दिया गया था। 40 मरीजों को निजी अस्पतालाें में भर्ती कराया गया। अस्पताल में जलभराव होने से चिकित्सीय सुविधा ध्वस्त हो गईं।
शुक्रवार को प्राचार्य राजेश कुमार ने कांट के जिगनेरा में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के भवन में ओपीडी की सुविधा को शुरू कराने का दावा किया था। शाम को आए एक मरीज को डॉक्टर ने देखा भी था। देर रात गर्रा नदी का पानी जिगनेरा गांव तक पहुंचने के चलते जलभराव हो गया।
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काफी ज्यादा पानी होने के चलते ओपीडी की सुविधा को शुरू नहीं कराया जा सका। वहां जलभराव होने के बाद सीएमओ डॉ.आरके गौतम सक्रिय हुए। उन्होंने भावलखेड़ा सीएचसी में तीन डॉक्टर और राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी ड्यूटी करने वाले स्टाफ को बुलाकर इमरजेंसी सेवाओं को बहाल कर दिया।
दो स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट आदि की अतिरिक्त व्यवस्था की गई। उनकी निगरानी के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ.घनश्याम की ड्यूटी लगाई गई है। सीएचसी पर डॉक्टरों ने सामान्य बुखार, जुकाम, खांसी आदि के मरीजों परीक्षण किया।
सीएमओ ने दोपहर में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मरीजों को भर्ती करने के लिए 20 बेड का इंतजाम कराया गया है। महिला चिकित्सा अधिकारी व मेडिकोलीगल टीम को भी तैनात कर दिया है।
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मेडिकल कॉलेज से पानी की निकासी बड़ी चुनौती, डीएम से मिलेंगे प्राचार्य
दो दिन से बाढ़ के पानी से घिरे राजकीय मेडिकल कॉलेज से पानी की निकासी कराना बड़ी चुनौती है। गर्रा नदी के तेवर शांत होने के बाद अस्पताल से पानी की निकासी का इंतजाम कराया जाएगा। मार्ग से नीचे अस्पताल होने के चलते जरा-सी बारिश में जलभराव की स्थिति हो जाती है। ऐसे में मोटर लगाकर ही पानी निकासी होना संभव है। प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में वह रविवार को डीएम से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
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छह स्थानों पर लगवाए स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग ने नगरीय क्षेत्र में छह स्थानों पर शिविर का आयोजन किया। इसमें मरीजाें का परीक्षण कर दवाएं दी गईं। मोहल्ला ककरा में अधिक भीड़ रही। इसी तरह सुभाषनगर जाने वाले मार्ग पर स्थित एक स्कूल में कैंप लगा। यहां पर मरीजों का परीक्षण किया गया। सीएमओ ने बताया कि वह भ्रमण कर कैंप का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देख रहे हैं।
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ऑपरेशन में आई बाधा तो बरेली से बुलाया डॉक्टर
तिलहर सीएचसी में तैनात एनस्थीसिया के डॉक्टर नेशनल हाईवे पर बाढ़ का पानी आने के कारण अस्पताल नहीं पहुंच सके। उनके नहीं आने से सीएचसी में ऑपरेशन रुक गए। संज्ञान में आने के बाद सीएमओ ने बरेली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कॉल पर वार्ता करने के साथ पत्राचार किया। इसके बाद सीएचसी फरीदपुर में तैनात डॉ. अर्चना अग्रवाल को तिलहर भेजा गया। उनके आने के बाद रोली देवी का ऑपरेशन कराया गया।
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अजीजगंज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सेवाओं की सुविधा है जबकि एमबीबीएस छात्र-छात्राएं कांट के जिगनेरा स्थित भवन में पढ़ाई करते हैं। बृहस्पतिवार की सुबह गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अजीजगंज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में जलभराव होने पर करीब तीन सौ मरीजों को शिफ्ट कर दिया गया था। 40 मरीजों को निजी अस्पतालाें में भर्ती कराया गया। अस्पताल में जलभराव होने से चिकित्सीय सुविधा ध्वस्त हो गईं।
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शुक्रवार को प्राचार्य राजेश कुमार ने कांट के जिगनेरा में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के भवन में ओपीडी की सुविधा को शुरू कराने का दावा किया था। शाम को आए एक मरीज को डॉक्टर ने देखा भी था। देर रात गर्रा नदी का पानी जिगनेरा गांव तक पहुंचने के चलते जलभराव हो गया।
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काफी ज्यादा पानी होने के चलते ओपीडी की सुविधा को शुरू नहीं कराया जा सका। वहां जलभराव होने के बाद सीएमओ डॉ.आरके गौतम सक्रिय हुए। उन्होंने भावलखेड़ा सीएचसी में तीन डॉक्टर और राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी ड्यूटी करने वाले स्टाफ को बुलाकर इमरजेंसी सेवाओं को बहाल कर दिया।
दो स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट आदि की अतिरिक्त व्यवस्था की गई। उनकी निगरानी के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ.घनश्याम की ड्यूटी लगाई गई है। सीएचसी पर डॉक्टरों ने सामान्य बुखार, जुकाम, खांसी आदि के मरीजों परीक्षण किया।
सीएमओ ने दोपहर में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मरीजों को भर्ती करने के लिए 20 बेड का इंतजाम कराया गया है। महिला चिकित्सा अधिकारी व मेडिकोलीगल टीम को भी तैनात कर दिया है।
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मेडिकल कॉलेज से पानी की निकासी बड़ी चुनौती, डीएम से मिलेंगे प्राचार्य
दो दिन से बाढ़ के पानी से घिरे राजकीय मेडिकल कॉलेज से पानी की निकासी कराना बड़ी चुनौती है। गर्रा नदी के तेवर शांत होने के बाद अस्पताल से पानी की निकासी का इंतजाम कराया जाएगा। मार्ग से नीचे अस्पताल होने के चलते जरा-सी बारिश में जलभराव की स्थिति हो जाती है। ऐसे में मोटर लगाकर ही पानी निकासी होना संभव है। प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में वह रविवार को डीएम से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
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छह स्थानों पर लगवाए स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग ने नगरीय क्षेत्र में छह स्थानों पर शिविर का आयोजन किया। इसमें मरीजाें का परीक्षण कर दवाएं दी गईं। मोहल्ला ककरा में अधिक भीड़ रही। इसी तरह सुभाषनगर जाने वाले मार्ग पर स्थित एक स्कूल में कैंप लगा। यहां पर मरीजों का परीक्षण किया गया। सीएमओ ने बताया कि वह भ्रमण कर कैंप का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देख रहे हैं।
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ऑपरेशन में आई बाधा तो बरेली से बुलाया डॉक्टर
तिलहर सीएचसी में तैनात एनस्थीसिया के डॉक्टर नेशनल हाईवे पर बाढ़ का पानी आने के कारण अस्पताल नहीं पहुंच सके। उनके नहीं आने से सीएचसी में ऑपरेशन रुक गए। संज्ञान में आने के बाद सीएमओ ने बरेली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कॉल पर वार्ता करने के साथ पत्राचार किया। इसके बाद सीएचसी फरीदपुर में तैनात डॉ. अर्चना अग्रवाल को तिलहर भेजा गया। उनके आने के बाद रोली देवी का ऑपरेशन कराया गया।

कांट के गांव जिगनेरा में स्थापित राजकीय मेडिकल कॉलेज के गेट पर भरा पानी। संवाद

कांट के गांव जिगनेरा में स्थापित राजकीय मेडिकल कॉलेज के गेट पर भरा पानी। संवाद