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Shahjahanpur News: सोशल मीडिया से जान पहचान के बाद ठगी का शिकार हुई महिला
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शाहजहांपुर। सिंधौली के गांव पैना बुजुर्ग की रमनदीप कौर ने थाना सदर बाजार में धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई है। यूके में वर्क परमिट वीजा दिलाने के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया है।
रमनदीप ने बताया कि उनकी जान पहचान दिल्ली के उत्तमनगर की शिवानी से सोशल मीडिया के जरिये हुई। उसने बताया था कि वह यूके से सर्टिफाइड इमीग्रेशन की कर्मचारी है। आरवीएसएस वीजा ट्रेनिंग एकेडमी चलाती है। ऑफलाइन और ऑनलाइन आठ लाख रुपये में पूरा कोर्स तय कर अंडर ट्रेनिंग वर्क परमिट की बात फाइनल की।
पिछले साल कई बार में हजारों रुपये ट्रांसफर किए। जब कोर्स सिखाने की बात कही तो शिवानी ने दो व्यक्तियों की फाइल और मांगी। तब उसने यूके वर्क परमिट के लिए रमनदीप व जितेंद्र सिंह का नाम आगे बढ़ाया। इनके लिए चार लाख एडवांस व 12 लाख वीजा आने के बाद तय किया। कुल 1,76,000 रुपया ऑनलाइन भेजा। तब शिवानी ने कहा कि जीएसटी बढ़ जाने के कारण 76,000 ज्यादा खर्चा आएगा। ऑनलाइन पेमेंट मना कर कैश मांगा।
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शिवानी ने कहा कि उसका एक व्यक्ति शाहजहांपुर में है। उसे दो लाख रुपया और दे दो। तब जितेंद्र व रमनदीप को सूचना दी। 10 अप्रैल को वह व्यक्ति जितेंद्र व रमनदीप की मौजूदगी में घर आया। उसने अपने मोबाइल से शिवानी से बात कराई। तीनों ने वीजा न होने पर शिवानी पर दबाव बनाया। शिवानी ने अपने ही किसी ट्रेनर को हंगरी यूनिवर्सिटी का टीचर बताकर फेक इंटरव्यू कराना शुरू कर दिया।
2,25,000 रुपये और देने की बात कही। रुपया व फाइलें वापस मांगने पर शिवानी ने फर्जी कागजात दिए। इंस्पेक्टर ब्रजेश सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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रमनदीप ने बताया कि उनकी जान पहचान दिल्ली के उत्तमनगर की शिवानी से सोशल मीडिया के जरिये हुई। उसने बताया था कि वह यूके से सर्टिफाइड इमीग्रेशन की कर्मचारी है। आरवीएसएस वीजा ट्रेनिंग एकेडमी चलाती है। ऑफलाइन और ऑनलाइन आठ लाख रुपये में पूरा कोर्स तय कर अंडर ट्रेनिंग वर्क परमिट की बात फाइनल की।
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पिछले साल कई बार में हजारों रुपये ट्रांसफर किए। जब कोर्स सिखाने की बात कही तो शिवानी ने दो व्यक्तियों की फाइल और मांगी। तब उसने यूके वर्क परमिट के लिए रमनदीप व जितेंद्र सिंह का नाम आगे बढ़ाया। इनके लिए चार लाख एडवांस व 12 लाख वीजा आने के बाद तय किया। कुल 1,76,000 रुपया ऑनलाइन भेजा। तब शिवानी ने कहा कि जीएसटी बढ़ जाने के कारण 76,000 ज्यादा खर्चा आएगा। ऑनलाइन पेमेंट मना कर कैश मांगा।
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शिवानी ने कहा कि उसका एक व्यक्ति शाहजहांपुर में है। उसे दो लाख रुपया और दे दो। तब जितेंद्र व रमनदीप को सूचना दी। 10 अप्रैल को वह व्यक्ति जितेंद्र व रमनदीप की मौजूदगी में घर आया। उसने अपने मोबाइल से शिवानी से बात कराई। तीनों ने वीजा न होने पर शिवानी पर दबाव बनाया। शिवानी ने अपने ही किसी ट्रेनर को हंगरी यूनिवर्सिटी का टीचर बताकर फेक इंटरव्यू कराना शुरू कर दिया।
2,25,000 रुपये और देने की बात कही। रुपया व फाइलें वापस मांगने पर शिवानी ने फर्जी कागजात दिए। इंस्पेक्टर ब्रजेश सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।