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Shahjahanpur News: वसंत उत्सव के तीसरे चरण की शुरुआत...हजारों अभ्यासियों ने किया गुरुसत्ता को प्रणाम
Fri, 20 Feb 2026 11:26 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 20 Feb 2026 11:26 PM IST
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श्रीरामचंद्र मिशन आश्रम में ध्यान करते अभ्यासी। स्रोत : आयोजक
शाहजहांपुर। श्री रामचंद्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडिटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल दाजी के मार्गदर्शन में आरसी मिशन आश्रम में आयोजित वसंत उत्सव-2026 के तीसरे चरण की शुक्रवार को शुरुआत हुई। इसमें हजारों अभ्यासियों ने हिस्सा लेकर गुरुसत्ता को प्रणाम किया।
प्रातः काल उत्सव का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश-विदेश से आए अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान कर मानव कल्याण और विश्व शांति की मंगल कामना की। आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना से आलोकित हो उठा।
इस अवसर पर दाजी ने अपने संदेश में कहा कि आध्यात्मिक मार्ग पर अहंकार सबसे सूक्ष्म अवरोध है, क्योंंकि वह स्वयंं को मार्ग के रूप मेंं ही प्रस्तुत कर देता है। इस दौरान दाजी ने लालाजी महाराज और बाबूजी महाराज की प्रतिमाओं को अभ्यासियों को वितरित किया। सायंकालीन ध्यान सत्र में भी दाजी ने साधकों को ध्यान कराया, जिससे वातावरण और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। आयोजन में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, सर्वेश चंद्रा, माधौगोपाल अग्रवाल, एके गर्ग, श्रीगोपाल अग्रवाल, सुयश सिन्हा, हर्षवर्धन अग्रवाल, ममता सिंह, राज गोपाल अग्रवाल, प्रमोद कुमार सिंह आदि साधकों का योगदान रहा।
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प्रातः काल उत्सव का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश-विदेश से आए अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान कर मानव कल्याण और विश्व शांति की मंगल कामना की। आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना से आलोकित हो उठा।
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इस अवसर पर दाजी ने अपने संदेश में कहा कि आध्यात्मिक मार्ग पर अहंकार सबसे सूक्ष्म अवरोध है, क्योंंकि वह स्वयंं को मार्ग के रूप मेंं ही प्रस्तुत कर देता है। इस दौरान दाजी ने लालाजी महाराज और बाबूजी महाराज की प्रतिमाओं को अभ्यासियों को वितरित किया। सायंकालीन ध्यान सत्र में भी दाजी ने साधकों को ध्यान कराया, जिससे वातावरण और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। आयोजन में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, सर्वेश चंद्रा, माधौगोपाल अग्रवाल, एके गर्ग, श्रीगोपाल अग्रवाल, सुयश सिन्हा, हर्षवर्धन अग्रवाल, ममता सिंह, राज गोपाल अग्रवाल, प्रमोद कुमार सिंह आदि साधकों का योगदान रहा।
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