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Shahjahanpur News: संविदा लाइनमैन का शव रखकर स्टेट हाईवे किया जाम
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कलान में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर जाम के दौरान पुलिस से होती परिजनों की कहासुनी। स्रोत : ज
कलान। बालाजी नगर में शनिवार की शाम बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हुए लाइनमैन सुदेश की सोमवार को देर रात दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। रात में ही दिल्ली से शव लेकर चले परिजन मंगलवार को सुबह चार बजे सीधे स्थानीय विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पांच घंटे बाद अधिकारियों ने घरवालों को समझाकर जाम खुलवाया।
पृथ्वीपुर कुबेरपुर गांव के रहने वाले संविदा लाइनमैन सुदेश गत शनिवार की शाम लगभग सात बजे वार्ड संख्या पांच, बालाजी नगर में 11 केवीए की हाइटेंशन लाइन में आई खराबी ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़े थे। इसी दौरान उपकेंद्र से लाइन चालू कर दिए जाने से वह करंट लगते ही खंभे से नीच गिरकर गंभीर रूप से घायल होने से बेहोश हो गए।
उनके साथी कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस से सीएचसी भेजा। वहां से उन्हें बदायूं और फिर बरेली रेफर कर दिया गया। बरेली के अस्पताल में हालत नाजुक देखकर डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली ले जाने की सलाह दी। दिल्ली में सोमवार की रात करीब नौ बजे उपचार के दौरान सुदेश की मौत हो गई।
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परिजनों का सवाल- शटडाउन लेने के बाद लाइन में कैसे आया करंट
संविदा लाइनमैन सुदेश ने उपचार के दौरान अपने बयान में कहा था कि उन्होंने चारों लाइनों का शटडाउन स्वयं लिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि उपकेंद्र पर उनका किसी से कोई विवाद भी नहीं था, फिर भी बंद कराई गई लाइन चालू कर दी गई। उनके इसी बयान के बाद परिजन विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे। उनका आरोप है कि निगम के अभियंताओं की लापरवाही से सुदेश की जान चली गई। नाराज घरवालों ने उपकेंद्र पर पहुंचकर जेई को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए हंगामा किया और बाद में हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। तहसीलदार सगीर अहमद के साथ निगम के एसडीओ संजय कुमार और जेई नरेंद्र कुमार नायर मौके पर पहुंचे। परिजनों ने उनसे मुआवजा देने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रभारी निरीक्षक प्रभाष चंद्र के अनुसार परिजनों से तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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सुदेश की मौत से परिवार के लोग हुए बदहवास
लाइनमैन सुदेश की मौत से उनके परिवार के सदस्य बदहवास हो गए हैं। पिता सत्यराम गुमसुम हैं और मां निर्मला बार-बार पछाड़ खाकर बेहोश हो रही हैं। उनकी पत्नी मायके में सदमे की हालत में है। बेटा अक्षय अबोध होने के कारण मां को रोता देखकर रो रहा है। उनके भाई हृदय, अंजेश और विकेश के आंसू भी थम नहीं रहे हैं।
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मामले की विभागीय स्तर पर गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि जिस लाइन से सुदेश के साथ हादसा हुआ, उसका शटडाउन लिया गया था अथवा नहीं। जांच में यह बिंदु भी शामिल किया जाएगा कि बंद कराई गई लाइन किसके कहने पर चालू की गई। निगम की तरफ से मुआवजा का जो भी प्रावधान होगा, उसके अनुरूप परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
-संजय कुमार, उपखंड अभियंता, विद्युत निगम
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पृथ्वीपुर कुबेरपुर गांव के रहने वाले संविदा लाइनमैन सुदेश गत शनिवार की शाम लगभग सात बजे वार्ड संख्या पांच, बालाजी नगर में 11 केवीए की हाइटेंशन लाइन में आई खराबी ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़े थे। इसी दौरान उपकेंद्र से लाइन चालू कर दिए जाने से वह करंट लगते ही खंभे से नीच गिरकर गंभीर रूप से घायल होने से बेहोश हो गए।
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उनके साथी कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस से सीएचसी भेजा। वहां से उन्हें बदायूं और फिर बरेली रेफर कर दिया गया। बरेली के अस्पताल में हालत नाजुक देखकर डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली ले जाने की सलाह दी। दिल्ली में सोमवार की रात करीब नौ बजे उपचार के दौरान सुदेश की मौत हो गई।
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परिजनों का सवाल- शटडाउन लेने के बाद लाइन में कैसे आया करंट
संविदा लाइनमैन सुदेश ने उपचार के दौरान अपने बयान में कहा था कि उन्होंने चारों लाइनों का शटडाउन स्वयं लिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि उपकेंद्र पर उनका किसी से कोई विवाद भी नहीं था, फिर भी बंद कराई गई लाइन चालू कर दी गई। उनके इसी बयान के बाद परिजन विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे। उनका आरोप है कि निगम के अभियंताओं की लापरवाही से सुदेश की जान चली गई। नाराज घरवालों ने उपकेंद्र पर पहुंचकर जेई को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए हंगामा किया और बाद में हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। तहसीलदार सगीर अहमद के साथ निगम के एसडीओ संजय कुमार और जेई नरेंद्र कुमार नायर मौके पर पहुंचे। परिजनों ने उनसे मुआवजा देने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रभारी निरीक्षक प्रभाष चंद्र के अनुसार परिजनों से तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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सुदेश की मौत से परिवार के लोग हुए बदहवास
लाइनमैन सुदेश की मौत से उनके परिवार के सदस्य बदहवास हो गए हैं। पिता सत्यराम गुमसुम हैं और मां निर्मला बार-बार पछाड़ खाकर बेहोश हो रही हैं। उनकी पत्नी मायके में सदमे की हालत में है। बेटा अक्षय अबोध होने के कारण मां को रोता देखकर रो रहा है। उनके भाई हृदय, अंजेश और विकेश के आंसू भी थम नहीं रहे हैं।
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मामले की विभागीय स्तर पर गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि जिस लाइन से सुदेश के साथ हादसा हुआ, उसका शटडाउन लिया गया था अथवा नहीं। जांच में यह बिंदु भी शामिल किया जाएगा कि बंद कराई गई लाइन किसके कहने पर चालू की गई। निगम की तरफ से मुआवजा का जो भी प्रावधान होगा, उसके अनुरूप परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
-संजय कुमार, उपखंड अभियंता, विद्युत निगम

कलान में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर जाम के दौरान पुलिस से होती परिजनों की कहासुनी। स्रोत : ज