फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The administration is giving only Rs 4,000 as compensation to the farmers ruined by the flood

Shahjahanpur News: बाढ़ से बर्बाद हुए किसानों को प्रशासन दे रहा सिर्फ चार हजार रुपये मुआवजा

Tue, 30 Jul 2024 02:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2024 02:02 AM IST
विज्ञापन
The administration is giving only Rs 4,000 as compensation to the farmers ruined by the flood
किसान अवधेश कुमार वर्मा गांव उटहा। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। गर्रा, खन्नौत और रामगंगा नदियों की बाढ़ के बाद दो हफ्ते बीतने के बावजूद अब तक केवल 1288 किसानों को फसल के नुकसान का 50 लाख 83 हजार मुआवजा मिल सका है। यानी किसान को सबसे अधिक करीब चार हजार रुपये ही मुआवजा मिला है जो कि नुकसान के सापेक्ष काफी कम है। किसानों का कहना है कि राजस्वकर्मी हवाहवाई सर्वे कर रहे हैं। प्रशासन तिलहर तहसील में नुकसान की बात नहीं स्वीकार रहा जबकि वहां के कई गांव बाढ़ से प्रभावित रहे हैं।
विज्ञापन

प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक सदर तहसील में अब तक 2507 फसल नुकसान की प्रविष्टियां लेखपालों को मिली हैं। इनमें 1847 किसानों की डाटा फीडिंग कर दी गई है। प्रशासन के मुताबिक रविवार तक हुए फसल सर्वे के अनुसार सदर तहसील में 431.60 हेक्टेयर कृषि भूमि पर 33 प्रतिशत से अधिक फसलों को नुकसान हुआ है। इनमें 902 किसानों के खातों में 36.81 लाख रुपये का मुआवजा किसानों के खातों में भेजा जा चुका है। सोमवार को 90 गांवों में 649 किसानों की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक डाटा फीडिंग करके उनके खातों में 24 लाख 67 हजार 927 रुपये की रकम भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन

जलालाबाद तहसील में लेखपालों ने नुकसान के आधार पर 331 प्रविष्टियां तैयार कीं। इनमें 330 किसानों का डाटा फीड कर दिया गया है। प्रशासन के मुताबिक जलालाबाद में 78.12 हेक्टेयर कृषि भूमि पर 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। 317 किसानों के खातों में 13.58 लाख रुपये की रकम भेजी जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कलान तहसील में लेखपालों ने 14 प्रविष्टियों की जांच की। इसमें 14 किसानों की डाटा फीडिंग हो गई है। प्रशासन के मुताबिक कलान में 4.44 हेक्टेयर कृषि भूमि पर 33 प्रतिशत से अधिक फसल का नुकसान हुआ है। नौ किसानों के खातों में 44 हजार रुपये मुआवजा भेजा जा चुका है।
-----
सदर में मकानों में हुई क्षति का भेजा गया मुआवजा
सदर तहसील में सर्वे के दौरान आंशिक रूप से 35 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए थे। प्रति मकान चार हजार रुपये के हिसाब से 1.40 लाख रुपये, आंशिक पक्के मकान 29 क्षतिग्रस्त मिले। इनमें 6500 रुपये मकान के हिसाब से 1,88,500 रुपये दिए गए हैं। 34 झोंपड़ी बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुईं। इनमें आठ हजार रुपये के हिसाब से 2,72,000 रुपये भेजे गए। दो गो आश्रय स्थल नष्ट हो गए। इसके लिए प्रति गो आश्रय स्थल तीन हजार रुपये दिया गया। कुल क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रशासन की ओर से 6,06,500 रुपये मुआवजा दिया जा चुका है। यह मुआवजा भी काफी कम है।
-------

सर्वे की औपचारिकता निभा रहे राजस्व कर्मचारी
सेहरामऊ दक्षिणी। विकास खंड भावलखेड़ा की ग्राम पंचायत गुआंरी के मजरा उटहा और ग्राम पंचायत कुतुआपुर के मजरा मियांपुर गौंटिया में बाढ़ में सैकड़ों बीघा जमीन कट गई थी। हजारों रुपये लगाकर तैयार की गई गन्ना, उर्द, धान, तिल, सब्जी आदि की फसलें भी नष्ट हो गईं। जिन किसानों के खेत नहीं कटे, उन्हें फसलें डूबकर खराब हो जाने से काफी नुकसान हो गया। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि हल्का लेखपाल उनसे कृषि भूमि के अभिलेख, बैंक पासबुक व आधार कार्ड आदि की कापी मुआवजा राशि दिलाने को चार दिन पहले ले गए हैं, लेकिन खेतों पर जाकर फसलों का नुकसान देखने की जरूरत नहीं समझी।


000

बाढ़ पीड़ित किसानों का दर्द

दो एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी गन्ने और तिल की फसल नष्ट होने से करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। नुकसान की कितनी भरपाई हो सकेगी, कुछ पता नहीं।

-बहादुर लाल वर्मा, उटहा (सेहरामऊ दक्षिणी)

-----

आठ बीघा जमीन पर खड़े गन्ने की फसल बाढ़ में डूबने से बर्बाद हो गई और करीब दस बीघा भूमि गर्रा नदी में कट जाने से लाखों का नुकसान हो गया है। लेखपाल सिर्फ फसलों के नुकसान का हिसाब लगा रहे हैं।
-श्रीकृष्ण, उटहा (सेहरामऊ दक्षिणी)
----

हमारी पांच बीघा परमल, 16 बीघा गन्ना और 10 बीघा धान की फसल डूबने से खराब हो गई। सालभर के घरेलू खर्च पूरे करने को दूसरे जिले से महंगे दामों पर धान की पौध लाकर रोपाई की है।
-सुरेंद्र पाल, गुलरहा उर्फ नौगवां (सेहरामऊ दक्षिणी)
----
हमने 12 बीघा जमीन पर गन्ना और तिल की फसल की थी। पालतू जानवरों का पेट भरने के लिए एक बीघा में ज्वार की फसल की थी। फसलें गर्रा नदी से हुए कटान के कारण नदी में समा गईं।
-अवधेश कुमार वर्मा, उटहा (सेहरामऊ दक्षिणी)
---

बाढ़ में हुए नुकसान के सर्वे अभी चल रहा है। जिन किसानों की प्रक्रिया पूरी होती जा रही है, उन किसानों के खातों में रकम भेजी चुकी है। बाकी फीडिंग का काम जारी है। अभी मुआवजा पाने वालों की संख्या और बढ़ेगी।


- डॉ. सुरेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

किसान अवधेश कुमार वर्मा गांव उटहा। स्रोत: स्वयं

किसान अवधेश कुमार वर्मा गांव उटहा। स्रोत: स्वयं

किसान अवधेश कुमार वर्मा गांव उटहा। स्रोत: स्वयं

किसान अवधेश कुमार वर्मा गांव उटहा। स्रोत: स्वयं

किसान अवधेश कुमार वर्मा गांव उटहा। स्रोत: स्वयं

किसान अवधेश कुमार वर्मा गांव उटहा। स्रोत: स्वयं

किसान अवधेश कुमार वर्मा गांव उटहा। स्रोत: स्वयं

किसान अवधेश कुमार वर्मा गांव उटहा। स्रोत: स्वयं

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed