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डीएम ने सिखाया! बच्चों को ऐसे पढ़ाते हैं
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:59 PM IST
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डीएम ने सिखाया! बच्चों को ऐसे पढ़ाते हैं
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करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद बेसिक स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता कैसी है, एक बार फिर इसकी पोल परौर प्राथमिक स्कूल के निरीक्षण में खुल गई। डीएम ने बच्चों की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और शिक्षकों की पढ़ाने की शैली देखी। संतोषजनक न पाने पर खुद बच्चों को पढ़ाया और शिक्षकों को सिखाया कि कैसे पढ़ाते हैं।
डीएम विजय किरन आनंद ने सीडीओ पुलकित खरे के साथ परौर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। डीएम ने कक्षा सात की सबसे मेधावी बताई गई छात्रा काजल से पाठ पढ़वाया तो वह हिंदी भी सही से नहीं पढ़ पाई। डीएम ने सीडीओ के साथ छात्रों की पंक्ति में बैठकर वहां के शिक्षक की शिक्षण शैली परखी तो उसे भी संतोषजनक नहीं पाया। इसके बाद डीएम ने बच्चों को पढ़ाया और उनसे पूछा तो बच्चों ने सही बताया। इस पर डीएम ने शिक्षकों को अपनी शिक्षण शैली सुधारने के लिए कहा। डीएम जूनियर स्कूल के शिक्षकों को कस्बे के सरस्वती बाल विद्या मंदिर ले गए वहां ढाई हजार रुपये वेतन पर पढ़ाने वाले शिक्षक की शिक्षण विधि और छात्रों के ज्ञान से तुलना करते हुए परिषदीय शिक्षकों को आइना दिखाया।
इसके अलावा डीएम को यहां के शौचालय क्षतिग्रस्त और दोनों हैंडपंप खराब मिले। अभिलेख भी ठीक नहीं पाए गए। रसोइया को जुलाई 2015 तक के मानदेय का ही भुगतान हुआ है लेकिन मौके पर मौजूद बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि दिसंबर 2015 तक का मानदेय भेज दिया गया है। क्षेत्र में विद्यालयों की संख्या नहीं बता पाने पर डीएम ने वहां के एबीएसए को शिक्षा संबंधी कार्यों में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
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44 शिक्षक गैरहाजिर, रोका वेतन
कलान/मिर्जापुर/परौर/शाहजहांपुर। डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर विभिन्न विभागों के 38 अफसरों की टीम ने कलान ब्लॉक के 193 प्राथमिक व जूनियर स्कूल, 145 आंगनबाड़ी केंद्रों पर छापा मारा। छापे में 44 शिक्षक गैरहाजिर मिले। डीएम ने गैरहाजिर शिक्षकों और आंगनबाड़ी वर्कर्स के वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। वहीं रखेली गांव के ग्रामीणों ने बताया कि प्राइमरी स्कूल के दो शिक्षक लंबे समय से गैरहाजिर हैं। डीएम ने इन्हें और बंद विद्यालयों के गैरहाजिर शिक्षकों को निलंबित करने का आदेश दिया है।
जिलाधिकारी सुबह सात बजे कलान पहुंच गए। उन्होंने जांच टीम में शामिल अधिकारियों को निरीक्षण के लिए गांव आवंटित किए और निर्धारित प्रारूप पर स्कूलों की जांच कर शाम तक अपनी रिपोर्ट ब्लॉक कार्यालय को देने के निर्देश दिए। टीम ने पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या, मिड डे मील पंजिका में अंकित छात्र संख्या, कनवर्जन कास्ट की स्थिति, रसोइया मानदेय भुगतान, शौचालय व हैंडपंप की स्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, पाठ्य पुस्तक वितरण आदि बिंदुओं पर निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचे अफसरों ने वहां के शौचालय, पेयजल उपलब्धता, ब्लैक बोर्ड की स्थिति, उपस्थिति रजिस्टर, लाभार्थी पंजिका, पुष्टाहार वितरण, हॉटकुक्ड वितरण, टीकाकरण, दवा वितरण, जन्म-मृत्यु रजिस्टर, कुपोषण आदि बिंदुओं पर जांच की।
स्वास्थ्य कर्मी को निलंबित करने के निर्देश
परौर पीएचसी पहुंचे डीएम को पता चला कि यहां कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। यहां के चार अन्य कर्मचारी भी गैरहाजिर मिले। वहां मिले वार्ड ब्वॉय और सफाई कर्मचारी द्वारा सही जानकारी न देने और गुमराह करने का प्रयास करते हुए देख डीएम का पारा हाई हो गया। उन्होंने संबधित कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए।
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डीएम विजय किरन आनंद ने सीडीओ पुलकित खरे के साथ परौर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। डीएम ने कक्षा सात की सबसे मेधावी बताई गई छात्रा काजल से पाठ पढ़वाया तो वह हिंदी भी सही से नहीं पढ़ पाई। डीएम ने सीडीओ के साथ छात्रों की पंक्ति में बैठकर वहां के शिक्षक की शिक्षण शैली परखी तो उसे भी संतोषजनक नहीं पाया। इसके बाद डीएम ने बच्चों को पढ़ाया और उनसे पूछा तो बच्चों ने सही बताया। इस पर डीएम ने शिक्षकों को अपनी शिक्षण शैली सुधारने के लिए कहा। डीएम जूनियर स्कूल के शिक्षकों को कस्बे के सरस्वती बाल विद्या मंदिर ले गए वहां ढाई हजार रुपये वेतन पर पढ़ाने वाले शिक्षक की शिक्षण विधि और छात्रों के ज्ञान से तुलना करते हुए परिषदीय शिक्षकों को आइना दिखाया।
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इसके अलावा डीएम को यहां के शौचालय क्षतिग्रस्त और दोनों हैंडपंप खराब मिले। अभिलेख भी ठीक नहीं पाए गए। रसोइया को जुलाई 2015 तक के मानदेय का ही भुगतान हुआ है लेकिन मौके पर मौजूद बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि दिसंबर 2015 तक का मानदेय भेज दिया गया है। क्षेत्र में विद्यालयों की संख्या नहीं बता पाने पर डीएम ने वहां के एबीएसए को शिक्षा संबंधी कार्यों में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
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44 शिक्षक गैरहाजिर, रोका वेतन
कलान/मिर्जापुर/परौर/शाहजहांपुर। डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर विभिन्न विभागों के 38 अफसरों की टीम ने कलान ब्लॉक के 193 प्राथमिक व जूनियर स्कूल, 145 आंगनबाड़ी केंद्रों पर छापा मारा। छापे में 44 शिक्षक गैरहाजिर मिले। डीएम ने गैरहाजिर शिक्षकों और आंगनबाड़ी वर्कर्स के वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। वहीं रखेली गांव के ग्रामीणों ने बताया कि प्राइमरी स्कूल के दो शिक्षक लंबे समय से गैरहाजिर हैं। डीएम ने इन्हें और बंद विद्यालयों के गैरहाजिर शिक्षकों को निलंबित करने का आदेश दिया है।
जिलाधिकारी सुबह सात बजे कलान पहुंच गए। उन्होंने जांच टीम में शामिल अधिकारियों को निरीक्षण के लिए गांव आवंटित किए और निर्धारित प्रारूप पर स्कूलों की जांच कर शाम तक अपनी रिपोर्ट ब्लॉक कार्यालय को देने के निर्देश दिए। टीम ने पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या, मिड डे मील पंजिका में अंकित छात्र संख्या, कनवर्जन कास्ट की स्थिति, रसोइया मानदेय भुगतान, शौचालय व हैंडपंप की स्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, पाठ्य पुस्तक वितरण आदि बिंदुओं पर निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचे अफसरों ने वहां के शौचालय, पेयजल उपलब्धता, ब्लैक बोर्ड की स्थिति, उपस्थिति रजिस्टर, लाभार्थी पंजिका, पुष्टाहार वितरण, हॉटकुक्ड वितरण, टीकाकरण, दवा वितरण, जन्म-मृत्यु रजिस्टर, कुपोषण आदि बिंदुओं पर जांच की।
स्वास्थ्य कर्मी को निलंबित करने के निर्देश
परौर पीएचसी पहुंचे डीएम को पता चला कि यहां कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। यहां के चार अन्य कर्मचारी भी गैरहाजिर मिले। वहां मिले वार्ड ब्वॉय और सफाई कर्मचारी द्वारा सही जानकारी न देने और गुमराह करने का प्रयास करते हुए देख डीएम का पारा हाई हो गया। उन्होंने संबधित कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए।