{"_id":"67c3618b6cc44bc27d096d38","slug":"strong-wind-rain-and-hailstorm-farmers-hard-work-ruined-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-138679-2025-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि... किसानों की मेहनत पर फिरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि... किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
Sun, 02 Mar 2025 01:05 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 02 Mar 2025 01:05 AM IST
विज्ञापन
शुक्रवार की रात बारिश और तेज हवा से कुर्रियाकलां के खेत में गिरी गेहूं की फसल। संवाद
शाहजहांपुर। तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से जिले में कई जगह किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। गेहूं और सरसों की फसल खेतों में गिर गई। ऐसे में किसानों की लागत निकलनी भी कठिन लग रही है। हालांकि, शनिवार को दोपहर बाद धूप निकलने से बारिश में भीगी फसल सूखने की उम्मीद है, लेकिन उनकी बालियों का दाना काला पड़ने की आशंका है। विभाग ने रविवार को भी बादल छाए रहने का अनुमान जताया है।
वायुदाब में भारी गिरावट के कारण बारिश के आसार शुक्रवार शाम से ही बन गए थे। रात दस बजे के बाद तेज हवा और गरज के साथ बौछारें पड़नी शुरू हो गईं। शनिवार को सुबह आठ बजे तक 1.5 मिमी बारिश हुई। इससे न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री घटकर 16.1 डिग्री सेल्सियस हो गया। दोपहर तक बादल छाए रहने से अधिकतम तापमान भी 0.2 डिग्री घटकर 27.6 डिग्री सेल्सियस हो गया।
बारिश के दौरान कुर्रियाकलां में कुछ देर के लिए ओले गिरे। इससे वहां फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। पास के गांव मल्हपुर में ओले नहीं गिरे, लेकिन वहां हवा के तेज झोंकों से तमाम किसानों की फसलें गिर गईं। नियामतपुर में कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि फार्म पर भी सात-आठ फीसदी गेहूं की फसल खेतों में गिर गई हैं।
विज्ञापन
कांट, जलालाबाद, जैतीपुर, खुदागंज आदि क्षेत्रों के कई गांवों की फसल को बारिश से क्षति हुई है। यही नहीं, परौर क्षेत्र के कई गांवों में गेहूं के अलावा सरसों की पकी फसल भी गिर गई। कलान के प्रभारी तहसीलदार पंकज कुमार ने बताया कि बारिश से खराब हुईं फसलों का जल्द सर्वे कराकर मुआवजा योग्य किसानों को चिह्नित किया जाएगा।
000
गत वर्ष से इस बार फरवरी में कम हुई बारिश
गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष फरवरी में कम बारिश हुई है। इसलिए चालू मार्च माह में भी बारिश के आसार बने हुए हैं। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि बीते पांच वर्ष में केवल फरवरी, 2023 में बारिश नहीं हुई। फरवरी 2019 में 26 एमएम, 2020 में 12 एमएम, 2021 में 0.6 एमएम, 2022 में 36 एमएम और फरवरी 2024 में 12 एमएम बारिश हो चुकी है। उनका कहना है कि सुबह से हवा की गति थोड़ी कम होने के साथ उसकी दिशा उत्तर-पश्चिम हो गई है, लेकिन बैरोमीटर सूचकांक में सामान्य से कम स्तर पर उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इस वजह से रविवार को भी आसमान बादलों से घिरा रहेगा।
000
सिंचाई के कारण नमी वाले खेतों में हुआ ज्यादा नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि फसलें उन खेतों मेंं ज्यादा गिर गईं, जहां एक-दो दिन पहले सिंचाई किए जाने से खेत की मिट्टी पहले से नम थी। बारिश के साथ हवा चलने से पहले से गीले खेतों की फसल के पौधे जड़ कमजोर होने से गिर गए। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के खेतों में भी उसी हिस्से की फसल गिरी है, जहां दो दिन पहले सिंचाई की गई थी। बारिश थमने और धूप निकलने पर नमी खत्म होने के साथ गिरी हुई फसल फिर से पनपने लगेगी।
000
हमने दस एकड़ खेत में गेहूं की फसल बोई है। रात में बारिश कम हुई, लेकिन ओले गिरने और तेज हवा से करीब दो एकड़ गेहूं की फसल गिरने से नुकसान हो गया।
-राम नारायण पांडेय, कुर्रियाकलां
-- -
हमारे चार एकड़ खेत में गेहूं की फसल लगी है। सर्द रातों में भी खेतों पर रहकर फसल छुट्टा जानवरों से बचाई, लेकिन कुदरत की मार ने एक एकड़ गेहूं को खराब कर दिया।
-ब्रज किशोर दुबे, मल्हपुर (कांट)
-- -
पिछले वर्ष भी बारिश में गेहूं की फसल गिर गई थी, लेकिन न तो फसली बीमा की रकम मिली और न मुआवजा। अब फिर से वही हालात बन रहे हैं। हवा से खेत में कई जगह फसल गिर गई।
-अवधेश कश्यप, नारायण नगर पश्चिमी (परौर)
-- -
हमारे पास ज्यादा खेती नहीं है। कटरी में जमीन का पट्टा मिलने पर उसमें गेहूं की फसल बोई थी, लेकिन रात में हुई बारिश के साथ हवा चलने से फसल गिर गई। अब नाम मात्र को गेहूं पैदा होगा।
-श्रीकृष्ण, परौर
-- -
गेहूं की फसल तैयार होने के दौरान हुई बेमौसम बारिश किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रही है। हमारी जो फसल रात में गिरी, उससे गेहूं की उपज घटना तय है।
-ललित मोहन यादव, नगरिया खुर्द (जैतीपुर)
-- -
फोटो: 08
बेमौसम बरसात से गेहूं की फसल को नुकसान हो गया है। फसल में दाना मजबूती ले रहा है। जिस खेत में दो दिन पहले सिंचाई की, वहां कई जगह फसल गिर गई।
-ओमप्रकाश सिंह, महमूदापुर (जैतीपुर)
विज्ञापन
वायुदाब में भारी गिरावट के कारण बारिश के आसार शुक्रवार शाम से ही बन गए थे। रात दस बजे के बाद तेज हवा और गरज के साथ बौछारें पड़नी शुरू हो गईं। शनिवार को सुबह आठ बजे तक 1.5 मिमी बारिश हुई। इससे न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री घटकर 16.1 डिग्री सेल्सियस हो गया। दोपहर तक बादल छाए रहने से अधिकतम तापमान भी 0.2 डिग्री घटकर 27.6 डिग्री सेल्सियस हो गया।
विज्ञापन
बारिश के दौरान कुर्रियाकलां में कुछ देर के लिए ओले गिरे। इससे वहां फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। पास के गांव मल्हपुर में ओले नहीं गिरे, लेकिन वहां हवा के तेज झोंकों से तमाम किसानों की फसलें गिर गईं। नियामतपुर में कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि फार्म पर भी सात-आठ फीसदी गेहूं की फसल खेतों में गिर गई हैं।
विज्ञापन
कांट, जलालाबाद, जैतीपुर, खुदागंज आदि क्षेत्रों के कई गांवों की फसल को बारिश से क्षति हुई है। यही नहीं, परौर क्षेत्र के कई गांवों में गेहूं के अलावा सरसों की पकी फसल भी गिर गई। कलान के प्रभारी तहसीलदार पंकज कुमार ने बताया कि बारिश से खराब हुईं फसलों का जल्द सर्वे कराकर मुआवजा योग्य किसानों को चिह्नित किया जाएगा।
000
गत वर्ष से इस बार फरवरी में कम हुई बारिश
गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष फरवरी में कम बारिश हुई है। इसलिए चालू मार्च माह में भी बारिश के आसार बने हुए हैं। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि बीते पांच वर्ष में केवल फरवरी, 2023 में बारिश नहीं हुई। फरवरी 2019 में 26 एमएम, 2020 में 12 एमएम, 2021 में 0.6 एमएम, 2022 में 36 एमएम और फरवरी 2024 में 12 एमएम बारिश हो चुकी है। उनका कहना है कि सुबह से हवा की गति थोड़ी कम होने के साथ उसकी दिशा उत्तर-पश्चिम हो गई है, लेकिन बैरोमीटर सूचकांक में सामान्य से कम स्तर पर उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इस वजह से रविवार को भी आसमान बादलों से घिरा रहेगा।
000
सिंचाई के कारण नमी वाले खेतों में हुआ ज्यादा नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि फसलें उन खेतों मेंं ज्यादा गिर गईं, जहां एक-दो दिन पहले सिंचाई किए जाने से खेत की मिट्टी पहले से नम थी। बारिश के साथ हवा चलने से पहले से गीले खेतों की फसल के पौधे जड़ कमजोर होने से गिर गए। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के खेतों में भी उसी हिस्से की फसल गिरी है, जहां दो दिन पहले सिंचाई की गई थी। बारिश थमने और धूप निकलने पर नमी खत्म होने के साथ गिरी हुई फसल फिर से पनपने लगेगी।
000
हमने दस एकड़ खेत में गेहूं की फसल बोई है। रात में बारिश कम हुई, लेकिन ओले गिरने और तेज हवा से करीब दो एकड़ गेहूं की फसल गिरने से नुकसान हो गया।
-राम नारायण पांडेय, कुर्रियाकलां
हमारे चार एकड़ खेत में गेहूं की फसल लगी है। सर्द रातों में भी खेतों पर रहकर फसल छुट्टा जानवरों से बचाई, लेकिन कुदरत की मार ने एक एकड़ गेहूं को खराब कर दिया।
-ब्रज किशोर दुबे, मल्हपुर (कांट)
पिछले वर्ष भी बारिश में गेहूं की फसल गिर गई थी, लेकिन न तो फसली बीमा की रकम मिली और न मुआवजा। अब फिर से वही हालात बन रहे हैं। हवा से खेत में कई जगह फसल गिर गई।
-अवधेश कश्यप, नारायण नगर पश्चिमी (परौर)
हमारे पास ज्यादा खेती नहीं है। कटरी में जमीन का पट्टा मिलने पर उसमें गेहूं की फसल बोई थी, लेकिन रात में हुई बारिश के साथ हवा चलने से फसल गिर गई। अब नाम मात्र को गेहूं पैदा होगा।
-श्रीकृष्ण, परौर
गेहूं की फसल तैयार होने के दौरान हुई बेमौसम बारिश किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रही है। हमारी जो फसल रात में गिरी, उससे गेहूं की उपज घटना तय है।
-ललित मोहन यादव, नगरिया खुर्द (जैतीपुर)
फोटो: 08
बेमौसम बरसात से गेहूं की फसल को नुकसान हो गया है। फसल में दाना मजबूती ले रहा है। जिस खेत में दो दिन पहले सिंचाई की, वहां कई जगह फसल गिर गई।
-ओमप्रकाश सिंह, महमूदापुर (जैतीपुर)

शुक्रवार की रात बारिश और तेज हवा से कुर्रियाकलां के खेत में गिरी गेहूं की फसल। संवाद

शुक्रवार की रात बारिश और तेज हवा से कुर्रियाकलां के खेत में गिरी गेहूं की फसल। संवाद

शुक्रवार की रात बारिश और तेज हवा से कुर्रियाकलां के खेत में गिरी गेहूं की फसल। संवाद

शुक्रवार की रात बारिश और तेज हवा से कुर्रियाकलां के खेत में गिरी गेहूं की फसल। संवाद

शुक्रवार की रात बारिश और तेज हवा से कुर्रियाकलां के खेत में गिरी गेहूं की फसल। संवाद

शुक्रवार की रात बारिश और तेज हवा से कुर्रियाकलां के खेत में गिरी गेहूं की फसल। संवाद

शुक्रवार की रात बारिश और तेज हवा से कुर्रियाकलां के खेत में गिरी गेहूं की फसल। संवाद