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सीवर लाइन परियोजना का दस प्रतिशत काम पूरा
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सीवर लाइन डालने का काम करते कर्मचारी
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। गंदगी और जलभराव की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए शहर में सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। इस कार्य को साल 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यदायी संस्था जल निगम के अनुसार परियोजना के तहत अब तक दस प्रतिशत कार्य पूरा करा लिया गया है।
पिछले साल 18 सितंबर को कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मघई टोला स्थित पुरानी अस्थाई गोशाला परिसर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व सीवर लाइन परियोजना का शिलान्यास किया था। जहां पर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न मोहल्लों, घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले दूषित पानी और सीवर की समस्या का समाधान करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का काम चल रहा है। इसके साथ ही गली-मोहल्लों में सीवर लाइन डालने का काम भी जारी है।
सीवर लाइन पड़ने से लोगों को सोकपिट से निजात मिलेगी और मलमूत्र का निस्तारण सुनिश्चत हो सकेगा। वहीं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से स्वच्छ एवं शोधित जल का प्रयोग कृषि व धुलाई आदि कार्यों में प्रयोग होगा। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व मेन पंपिंग स्टेशन बनाने के साथ ही सीवर लाइन बिछाने का काम नोएडा की मेसर्स टेक्रोक्राफ्ट कांस्ट्रशन प्रावइेट लिमिटेड को दिया गया है। यही कंपनी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, मेन पंपिंग स्टेशन बनाने के साथ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में प्रशासनिक भवन व लैब बनाएगी।
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असुविधा से बचने को छोटी गलियों में डाली जा रही सीवर लाइन
शहर में सीवर लाइन डालने के लिए सड़क को खोदने की जरूरत होती है। परियोजना के तहत जब मुख्य मार्गों पर सड़क को खोदकर सीवर लाइन डाले जाने का काम शुरू किया गया, तो राहगीरों और क्षेत्रीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस समस्या को समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया, जिसके बाद आननफानन में मुख्य मार्गों की मरम्मत करा दी गई। अब लोगों को असुविधा ना हो इसके लिए जल निगम की ओर से छोटी गलियों में सीवर लाइन डालवाई जा रही है। परियोजना के तहत दस प्रतिशत कार्य पूरा करने का दावा किया जा रहा है, जबकि साल 2023 तक काम को अंतिम रूप दिया जाना है।
इन मोहल्लों को किया शामिल
योजना के अंतर्गत लखनऊ-बरेली का रेल मार्ग, गर्रा व खन्नौत नदी के मध्यम का भाग शामिल है। नगर की लगभग 70 प्रतिशत आबादी योजना से लाभांवित होगी। इसमें मुख्य रूप से बाडूजई पेशावरी, महमंद जलालनगर प्रथम व द्वितीय, आवास विकास, सुभाषनगर, महमंद शाह, तिराही, किला, रंगमहला, मघईटोला, दीवान जोगराज, मक्कू बजरिया, खिरनीबाग, तारीन टिकली, बीबीजई चौराहा, हुंडाल खेल, गौरहपुरा, युनुसखेल, सिंजई, अंटा, खलीलशर्की, महमंदजई, बिजलीपुरा, बाबूजई, हयातपुरा, तारीन बहादुरगंज, लाला तेली बजरिया, महमंद हद्दफ, वाजिदखेल, बहादुरपुर, चमकनी करबला, सदर बाजार मोहल्लों को शामिल किया गया है।
377.51 करोड़ रुपये आएगी लागत
40 लाख लीटर क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और 55 लाख लीटर क्षमता के मेन पंपिंग प्लांट स्टेशन को बनाने के लिए शासन की ओर से 377.51 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। 248 करोड़ रुपये में परियोजना को पूरा करने के लिए एग्रीमेंट हुआ है। परियोजना के तहत 186 किलोमीटर की परिधि में सीवर लाइन बिछाने का काम होना है। इस परियोजना के पूरे होने से 2.77 लाख से भी ज्यादा की आबादी को इसका लाभ मिलेगा।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व सीवर लाइन परियोजना के अंतर्गत दस प्रतिशत कार्य को पूरा करा लिया गया है। अगर कोई रुकावट नहीं आती है, तो जनवरी 2023 तक कार्य को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। वर्तमान समय में एसटीपी का काम तीव्र गति से चल रहा है। लोगों को होने वाली असुविधाओं को ध्यान में रखकर अभी छोटी गलियों में सीवर लाइन बिछाने का काम करवाया जा रहा है।
- सुनील कुमार यादव, एक्सईएन, जल निगम
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पिछले साल 18 सितंबर को कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मघई टोला स्थित पुरानी अस्थाई गोशाला परिसर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व सीवर लाइन परियोजना का शिलान्यास किया था। जहां पर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न मोहल्लों, घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले दूषित पानी और सीवर की समस्या का समाधान करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का काम चल रहा है। इसके साथ ही गली-मोहल्लों में सीवर लाइन डालने का काम भी जारी है।
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सीवर लाइन पड़ने से लोगों को सोकपिट से निजात मिलेगी और मलमूत्र का निस्तारण सुनिश्चत हो सकेगा। वहीं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से स्वच्छ एवं शोधित जल का प्रयोग कृषि व धुलाई आदि कार्यों में प्रयोग होगा। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व मेन पंपिंग स्टेशन बनाने के साथ ही सीवर लाइन बिछाने का काम नोएडा की मेसर्स टेक्रोक्राफ्ट कांस्ट्रशन प्रावइेट लिमिटेड को दिया गया है। यही कंपनी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, मेन पंपिंग स्टेशन बनाने के साथ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में प्रशासनिक भवन व लैब बनाएगी।
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असुविधा से बचने को छोटी गलियों में डाली जा रही सीवर लाइन
शहर में सीवर लाइन डालने के लिए सड़क को खोदने की जरूरत होती है। परियोजना के तहत जब मुख्य मार्गों पर सड़क को खोदकर सीवर लाइन डाले जाने का काम शुरू किया गया, तो राहगीरों और क्षेत्रीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस समस्या को समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया, जिसके बाद आननफानन में मुख्य मार्गों की मरम्मत करा दी गई। अब लोगों को असुविधा ना हो इसके लिए जल निगम की ओर से छोटी गलियों में सीवर लाइन डालवाई जा रही है। परियोजना के तहत दस प्रतिशत कार्य पूरा करने का दावा किया जा रहा है, जबकि साल 2023 तक काम को अंतिम रूप दिया जाना है।
इन मोहल्लों को किया शामिल
योजना के अंतर्गत लखनऊ-बरेली का रेल मार्ग, गर्रा व खन्नौत नदी के मध्यम का भाग शामिल है। नगर की लगभग 70 प्रतिशत आबादी योजना से लाभांवित होगी। इसमें मुख्य रूप से बाडूजई पेशावरी, महमंद जलालनगर प्रथम व द्वितीय, आवास विकास, सुभाषनगर, महमंद शाह, तिराही, किला, रंगमहला, मघईटोला, दीवान जोगराज, मक्कू बजरिया, खिरनीबाग, तारीन टिकली, बीबीजई चौराहा, हुंडाल खेल, गौरहपुरा, युनुसखेल, सिंजई, अंटा, खलीलशर्की, महमंदजई, बिजलीपुरा, बाबूजई, हयातपुरा, तारीन बहादुरगंज, लाला तेली बजरिया, महमंद हद्दफ, वाजिदखेल, बहादुरपुर, चमकनी करबला, सदर बाजार मोहल्लों को शामिल किया गया है।
377.51 करोड़ रुपये आएगी लागत
40 लाख लीटर क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और 55 लाख लीटर क्षमता के मेन पंपिंग प्लांट स्टेशन को बनाने के लिए शासन की ओर से 377.51 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। 248 करोड़ रुपये में परियोजना को पूरा करने के लिए एग्रीमेंट हुआ है। परियोजना के तहत 186 किलोमीटर की परिधि में सीवर लाइन बिछाने का काम होना है। इस परियोजना के पूरे होने से 2.77 लाख से भी ज्यादा की आबादी को इसका लाभ मिलेगा।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व सीवर लाइन परियोजना के अंतर्गत दस प्रतिशत कार्य को पूरा करा लिया गया है। अगर कोई रुकावट नहीं आती है, तो जनवरी 2023 तक कार्य को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। वर्तमान समय में एसटीपी का काम तीव्र गति से चल रहा है। लोगों को होने वाली असुविधाओं को ध्यान में रखकर अभी छोटी गलियों में सीवर लाइन बिछाने का काम करवाया जा रहा है।
- सुनील कुमार यादव, एक्सईएन, जल निगम