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Shahjahanpur News: एसडीएम ने जताई थी बवाल की आशांका, फिर भी तमाशबीन बनी रही पुलिस
Sat, 07 Sep 2024 04:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 07 Sep 2024 04:44 AM IST
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पुवायां। एसडीएम के निर्देशों पर ध्यान दिया गया होता तो नाहिल में कोटेदार चयन को लेकर हुई बैठक के बाद बवाल टाला जा सकता था, लेकिन एसडीएम के पत्र को पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। मारपीट के मामले में कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।
गांव नाहिल की पुवायां से दूरी आठ किमी की है। गांव की आबादी लगभग 10,000 है। गांव के लोग और यहां का बाजार काफी समृद्ध है। 50 से अधिक छोटे-बड़े मंदिर होने के कारण नाहिल को लघु काशी और मंदिरों का गांव भी कहा जाता है। गांव के कोटेदार ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था। कोटेदार चयन को लेकर 24 जुलाई को बैठक बुलाई गई थी, लेकिन गांव में गुटबाजी के चलते बैठक नहीं हो सकी।
इसके बाद 22 अगस्त को बैठक बुलाई गई, बैठक के दौरान विवाद होने पर वह टाल दी गई थी। 22 अगस्त को ही गांव के सौ से अधिक लोगों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम को पत्र देकर कोटा चयन में धांधली कराने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इसके बाद कोटेदार के चयन के लिए खुली बैठक की तिथि पांच सितंबर तय की गई थी।
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बीडीओ संजय कुमार ने गांव में बवाल होने की आशंका पर एसडीएम को पत्र लिखा था। इस पर चार सितंबर को एसडीएम संजय पांडे ने बीडीओ, पुवायां के नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि पांच सितंबर को बैठक में पर्याप्त पुलिस बल के साथ पारदर्शी तरीके से खुली बैठक कराएं और प्रस्ताव भेजा जाए।
एसडीएम के पत्र के बाद भी नायब तहसीलदार ने मौके पर जाने की जरूरत नहीं समझी। उधर, थाना प्रभारी ने भी मामले को गंभीरता से न लेकर एक अंडर ट्रेनिंग दरोगा और सात सिपाही मौके पर भेज दिया। बैठक के बाद बवाल होने पर थाना प्रभारी गांव पहुंचे। बैठक में एडीओ पंचायत रमेश मिश्रा, एडीओ कोऑपरेटिव राजेश कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी सुनील कुमार ही मौजूद रहे। गांव के लोगों का कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाती तो बवाल को टाला जा सकता था।
- नाहिल में बवाल की आशंका पर अधिकारियों को पत्र जारी किया गया था। बीडीओ, थाना प्रभारी और नायब तहसीलदार की ड्यूटी लगाई गई थी। बीडीओ, थाना प्रभारी और नायब तहसीलदार बैठक में नहीं पहुंचे, जवाबदेही तय की जाएगी और रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी।
संजय पांडे, एसडीएम पुवायां
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गांव नाहिल की पुवायां से दूरी आठ किमी की है। गांव की आबादी लगभग 10,000 है। गांव के लोग और यहां का बाजार काफी समृद्ध है। 50 से अधिक छोटे-बड़े मंदिर होने के कारण नाहिल को लघु काशी और मंदिरों का गांव भी कहा जाता है। गांव के कोटेदार ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था। कोटेदार चयन को लेकर 24 जुलाई को बैठक बुलाई गई थी, लेकिन गांव में गुटबाजी के चलते बैठक नहीं हो सकी।
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इसके बाद 22 अगस्त को बैठक बुलाई गई, बैठक के दौरान विवाद होने पर वह टाल दी गई थी। 22 अगस्त को ही गांव के सौ से अधिक लोगों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम को पत्र देकर कोटा चयन में धांधली कराने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इसके बाद कोटेदार के चयन के लिए खुली बैठक की तिथि पांच सितंबर तय की गई थी।
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बीडीओ संजय कुमार ने गांव में बवाल होने की आशंका पर एसडीएम को पत्र लिखा था। इस पर चार सितंबर को एसडीएम संजय पांडे ने बीडीओ, पुवायां के नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि पांच सितंबर को बैठक में पर्याप्त पुलिस बल के साथ पारदर्शी तरीके से खुली बैठक कराएं और प्रस्ताव भेजा जाए।
एसडीएम के पत्र के बाद भी नायब तहसीलदार ने मौके पर जाने की जरूरत नहीं समझी। उधर, थाना प्रभारी ने भी मामले को गंभीरता से न लेकर एक अंडर ट्रेनिंग दरोगा और सात सिपाही मौके पर भेज दिया। बैठक के बाद बवाल होने पर थाना प्रभारी गांव पहुंचे। बैठक में एडीओ पंचायत रमेश मिश्रा, एडीओ कोऑपरेटिव राजेश कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी सुनील कुमार ही मौजूद रहे। गांव के लोगों का कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाती तो बवाल को टाला जा सकता था।
- नाहिल में बवाल की आशंका पर अधिकारियों को पत्र जारी किया गया था। बीडीओ, थाना प्रभारी और नायब तहसीलदार की ड्यूटी लगाई गई थी। बीडीओ, थाना प्रभारी और नायब तहसीलदार बैठक में नहीं पहुंचे, जवाबदेही तय की जाएगी और रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी।
संजय पांडे, एसडीएम पुवायां