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Shahjahanpur News: तिलहर में इंटर के बाद विज्ञान वर्ग की नहीं पढ़ाई, शिक्षकों के पद भी रिक्त
Mon, 27 May 2024 03:49 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 27 May 2024 03:49 AM IST
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय तिलहर। संवाद
तिलहर। तहसील क्षेत्र के एकमात्र राजकीय महाविद्यालय पं. दीनदयाल उपाध्याय में 28 वर्ष के बाद भी केवल बीए और बीकॉम की कक्षाएं ही संचालित हो रही हैं। विज्ञान वर्ग की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय या बरेली की दूरी नापनी पड़ती है। शिक्षकों के भी कई पद लंबे समय से रिक्त हैं।
तिलहर में इंटर के बाद आगे की पढ़ाई के लिए कोई साधन न होने पर डिग्री कॉलेज के लिए जनआंदोलन किया गया था। धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम और बाजार बंद करने के बाद 1992 में कछियानी खेड़ा में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 1996 में महाविद्यालय का उद्घाटन होने के बाद इस महाविद्यालय में बीए और बी. काम की कक्षाएं शुरू हुईं। कुछ वर्षों के बाद यहां पर विज्ञान वर्ग की कक्षाओं की मांग उठने लगी।
विभाग की ओर से यहां पर बीएससी की कक्षाएं प्रस्तावित की गईं, लेकिन शिक्षक की नियुक्ति न होने और लैब न बनने से प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया। इंटर करने के बाद आगे की शिक्षा के लिए छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। यहां पर समुचित व्यवस्था न होने से छात्र-छात्राओं को 12वीं के बाद ही अन्य शहरों में जाना पड़ता है।
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महाविद्यालय में छात्रों के खेलने के लिए व्यवस्थित मैदान का भी अभाव है। ऊबड़-खाबड़ छोटे से मैदान में छात्र किसी तरह खेल गतिविधियां संचालित करते हैं।
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2018 से नहीं हुई नियुक्तियां
महाविद्यालय में प्राचार्य और नौ शिक्षकों के पद हैं। इनमें से तीन शिक्षक और प्राचार्य के पद रिक्त हैं। वर्तमान में एसपी यादव कार्यवाहक प्राचार्य हैं। तीनों शिक्षकों के पद 2018 से खाली हैं। प्राचार्य का पद तीन साल से रिक्त है। वर्तमान में इस महाविद्यालय में बीए व बीकॉम में लगभग 1000 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां पर बीए में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र और अर्थशास्त्र विषय प्रस्तावित हैं। इसमें समाजशास्त्र और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक लंबे अरसे से नहीं हैं। पुस्तकालय और लिपिक पद भी खाली हैं।
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रिक्त पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों से लगातार मांग की जाती रही है। खेल का मैदान भी व्यवस्थित नहीं है, जिससे छात्रों को परेशानी होती है। एम. कॉम, बीएससी, एमएससी कक्षाओं की मांग लगातार हो रही है।
-एसपी यादव, कार्यवाहक प्राचार्य
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तिलहर में इंटर के बाद आगे की पढ़ाई के लिए कोई साधन न होने पर डिग्री कॉलेज के लिए जनआंदोलन किया गया था। धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम और बाजार बंद करने के बाद 1992 में कछियानी खेड़ा में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 1996 में महाविद्यालय का उद्घाटन होने के बाद इस महाविद्यालय में बीए और बी. काम की कक्षाएं शुरू हुईं। कुछ वर्षों के बाद यहां पर विज्ञान वर्ग की कक्षाओं की मांग उठने लगी।
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विभाग की ओर से यहां पर बीएससी की कक्षाएं प्रस्तावित की गईं, लेकिन शिक्षक की नियुक्ति न होने और लैब न बनने से प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया। इंटर करने के बाद आगे की शिक्षा के लिए छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। यहां पर समुचित व्यवस्था न होने से छात्र-छात्राओं को 12वीं के बाद ही अन्य शहरों में जाना पड़ता है।
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महाविद्यालय में छात्रों के खेलने के लिए व्यवस्थित मैदान का भी अभाव है। ऊबड़-खाबड़ छोटे से मैदान में छात्र किसी तरह खेल गतिविधियां संचालित करते हैं।
2018 से नहीं हुई नियुक्तियां
महाविद्यालय में प्राचार्य और नौ शिक्षकों के पद हैं। इनमें से तीन शिक्षक और प्राचार्य के पद रिक्त हैं। वर्तमान में एसपी यादव कार्यवाहक प्राचार्य हैं। तीनों शिक्षकों के पद 2018 से खाली हैं। प्राचार्य का पद तीन साल से रिक्त है। वर्तमान में इस महाविद्यालय में बीए व बीकॉम में लगभग 1000 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां पर बीए में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र और अर्थशास्त्र विषय प्रस्तावित हैं। इसमें समाजशास्त्र और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक लंबे अरसे से नहीं हैं। पुस्तकालय और लिपिक पद भी खाली हैं।
रिक्त पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों से लगातार मांग की जाती रही है। खेल का मैदान भी व्यवस्थित नहीं है, जिससे छात्रों को परेशानी होती है। एम. कॉम, बीएससी, एमएससी कक्षाओं की मांग लगातार हो रही है।
-एसपी यादव, कार्यवाहक प्राचार्य