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सेटेलाइट बस स्टेशन: भीषण गर्मी में पेयजल को तरस रहे मुसाफिर

Sat, 25 Apr 2026 12:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 12:03 AM IST
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Satellite Bus Station: Passengers Thirsting for Drinking Water Amidst Scorching Heat
रोजा ​​स्थित सैटलाइट बस अड्डे पर पसरा सन्नाटा। संवाद - फोटो : संवाद
रोजा। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए करोड़ों की लागत से नवनिर्मित लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर सेटेलाइट बस स्टेशन पर यात्रियों की प्यास बुझाने का कोई इंतजाम नहीं किया गया।
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सोमवार को प्रदेश के परिवहन मंत्री और वित्त मंत्री ने इसका उद्घाटन किया था। दो वर्ष से अधिक समय में बनकर तैयार हुए सेटेलाइट स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया, लेकिन वहां न तो वाटर कूलर का इंंतजाम किया गया और न ही पानी के स्टैंड पोस्ट बनाए गए।
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वहां कई खामियां दूर नहींं किए जाने से यात्री बहुत कम पहुंच रहे हैं और जो लोग वहां सफर के लिए जा रहे हैं, उन्हें भीषण गर्मी में पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है।
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सेटेलाइट स्टेशन पर बसों को ठहराव देने और यात्रियों के चढ़ने के लिए सात प्लेटफार्म बनाए गए हैं। इनमें से सातवें प्लेटफार्म के सामने बस के घूमने की जगह पर एक हैंडपंप काफी पहले से लगा हुआ है। निर्माण कार्य के दौरान उसका आधा हिस्सा जमीन में दब चुका हैं और ऊपर का केवल तीन फुट हिस्सा ही ऊपर दिख रहा है।
यह हैंडपंप भी खराब होने के कारण बंद है। बस चालकों की जरा सी असावधानी से हैंडपंप से टकराकर बसों को नुकसान हो सकता है। आसपास कोई कैंटीन या ऐसी दुकान भी नहीं है, जहां पीने के पानी की ठंडी बोतल मिल सके।

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स्टेशन की खामियों से बस चालक भी परेशान
सेटेलाइट बस स्टैंड के सामने बने सर्विस रोड से बस अड्डे तक बसों के आने-जाने के लिए खाली पड़ी लगभग 50 फुट चौड़ी जमीन पर न तो सड़क बनाई गई और न ही इंटरलॉकिंग का काम कराया गया। बसों की आवाजाही को जमीन भी समतल नहीं कराई गई। सर्विस रोड के किनारे बने डिवाइडर भी नहीं हटाए गए और न ही सर्विस रोड और बस अड्डे के बीच बनी खाई को समतल कराया गया। इस कारण बसों को घूमकर आना पड़ता है। सेटेलाइट स्टेशन के सामने सौंदर्यीकरण को लगाई गई स्ट्रीट लाइटें भी बसों के आवागमन में बाधक बन रही हैं। कर्मचारियों की नियुक्ति के नाम पर केवल दो लोगों की तैनाती की गई है। यह कर्मचारी केवल वहांं आने-जाने वाली बसों का लेखा-जोखा रखते हैं। उन्हें यात्रियों और बस चालकों को हो रही दिक्कतों से कोई सरोकार नहींं है।
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अव्यवस्थाओं के कारण नहीं मिल रहे मुसाफिर
सेटेलाइट बस स्टेशन की देखरेख कर रहे रोहित पांडेय ने बताया कि शहर के रोडवेज बस स्टैंड से दिल्ली, फर्रुखाबाद, हरदोई, कानपुर, बरेली, आगरा, बदायूं, सीतापुर, पिहानी, परौर और लखनऊ रूट की 50 से अधिक बसें आती हैं लेकिन यात्रियों का आवागमन बहुत कम रहा।

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सेटेलाइट बस स्टेशन पर सभी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। पेयजल व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में संबंधित को निर्देशित किया गया है।
-अरुण कुमार, एआरएम

रोजा स्थित सैटलाइट बस अड्डे पर पसरा सन्नाटा। संवाद

रोजा स्थित सैटलाइट बस अड्डे पर पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : संवाद

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