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लखनऊ-दिल्ली हाईवे: यातायात के लिए मुसीबत बना रोजा का रेलवे ओवरब्रिज

Sat, 20 Aug 2022 01:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 20 Aug 2022 01:12 AM IST
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Rosa's railway overbridge became a problem for traffic
शाहजहांपुर। ब्रिटिश काल में लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर रोजा में बनाया गया रेलवे ओवरब्रिज जर्जर हालत में है। वर्ष 1938 में जब इसे बनाया गया तब हाईवे पर ट्रैफिक बेहद कम था, इसलिए चौड़ाई एक लेन रखी गई। अब हाईवे पर यातायात कई गुना बढ़ने के कारण सिंगल लेन पुल भारी वाहनों का बोझ उठाने लायक नहीं रहा। इसीलिए पुल के आसपास अक्सर दुर्घटनाओं के साथ जाम की समस्या पैदा हो रही है। रेल प्रशासन पुराने ओवरब्रिज का सर्वे करने के बावजूद मरम्मत में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है।
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जनवरी में पुल की कराई जा चुकी मरम्मत
इसी साल जनवरी में रोजा में मंडी समिति के सामने रेलवे मैदान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा से पहले निरीक्षण करने लखनऊ से सड़क मार्ग से आए रेल अभियंताओं की कार ओवरब्रिज पर उछल गई। अभियंताओं की टीम ने वहीं पर स्थानीय रेल अधिकारियों और अभियंताओं को बुलाकर पुल का मुआयना किया तो उसकी भौतिक दशा बेहद जर्जर पाई। बाद में पुल के निचले हिस्से के दो गर्डर बदलकर उन पर इस्पात की नई चादरें डालकर रोड तैयार कर दी गई। बाद में भारी वाहनों का पुल पर दबाव बढ़ा तो उसकी दशा फिर से बिगड़ने लगी। पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड की मिट्टी कट जाने से विपरीत दिशा से आने वाले भारी वाहनों के साइड लेने पर उनके पलटने का खतरा बना रहता है।
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रोजा-अटसलिया बाईपास चालू होने पर मिलेगी राहत
रोजा के संकरे रेलवे पुल से हाईवे के भारी वाहनों का बोझ कम करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दो वर्ष पहले रोजा मंडी समिति-पुत्तूलाल चौराहे के बीच से बाईपास निकालकर उसे अटसलिया के निर्माणाधीन पुल से जोड़ने का काम शुरू कराया था। कई कारणों से बाईपास के निर्माण में बाधा पड़ती रही। पिछले वर्ष बारिश के दौरान रोजा रेलवे ब्रिज पर जाम लगना शुरू हुआ तो एनएचएआई के अधिकारियों को 10.2 किमी लंबे रोजा बाईपास के निर्माण की याद आई। इस बाईपास की कार्य पूर्ति अवधि 31 मार्च 2021 नियत की गई थी लेकिन इसे बनकर चालू होने में अभी एक वर्ष लग सकता है। आसपास के लोगों का मानना है कि पुल बनने के बाद बाईपास चालू होने पर रोजा मेें रेलवे के संकरे पुल पर आए दिन यातायात जाम की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
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रोजा के रेलवे पुल की मरम्मत का प्रस्ताव करीब सात-आठ माह पूर्व उच्चाधिकारियों को भेजा गया था। पिछले माह उत्तर रेलवे और एनएचएआई के अभियंताओं की टीम यहां आकर पुल का संयुक्त रूप से सर्वे कर चुकी है। पुल को चौड़ा करने का कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया लेकिन संयुक्त सर्वे के बाद पुल का बड़े स्तर पर अनुरक्षण कार्य जल्द शुरू करा दिया जाएगा। - ऋषभ दत्त, मंडल अभियंता, उत्तर रेलवे
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