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राइस मिल मालिक बोले, 40 साल पुरानी नीति बदले सरकार
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बंडा में हुई बैठक में मौजूद शाहजहांपुर और पीलीभीत के राइस मिलर्स
- फोटो : POWAYAN
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बंडा (शाहजहांपुर)। शाहजहांपुर और पीलीभीत के राइस मिल मालिकों ने सरकार की पुरानी नियमावली पर धान की कुटाई न करने का एलान किया है। मिल मालिकों ने कहा कि सरकार उनकी मांगें मानेगी, तभी धान की कुटाई की जाएगी।
सोमवार को पीलीभीत, पूरनपुर, शाहजहांपुर, पुवायां, बंडा के राइस मिल मालिकों की बैठक बंडा में पुवायां मार्ग पर हुई। मिल मालिकों ने कहा कि यदि सरकर उन पर दबाव बनाकर धान की कुटाई करने को कहेगी तो मिलों को बंद कर सरकार को मिलों की चाबियां सौंप दी जाएगी। अध्यक्षता करते हुए पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष रमाकांत मोदी ने कहा, 40 साल पहले सरकार मिल मालिकों को धान की कुटाई 10 रुपये प्रति क्विंटल देती थी, तब श्रमिक 20 रुपये रोजाना पर मिल जाते थे।
आज मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन है और डीजल 91 रुपये प्रति लीटर के आसपास मिल रहा है, लेकिन सरकार का कुटाई रेट 10 रुपये प्रति क्विंटल ही बना हुआ है। इससे मिल मालिकों को काफी नुकसान हो रहा है। शाहजहांपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिकिशोर गुप्ता ने कहा कि पहले धान में टूट कम होती थी और रिकवरी 67 प्रतिशत के हिसाब से ली जाती थी। अब धान में ज्यादा टूट होती है, लेकिन रिकवरी 67 प्रतिशत ही बनी हुई है। जबकि रिकवरी 55 से 60 प्रतिशत तक ही हो रही है। सरकार चावल की रिकवरी 60 प्रतिशत तक और कुटाई 250 रुपये प्रति क्विंटल देती है, तभी मिल मालिक धन की कुटाई करेंगे।
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मिल मालिकों की बात केंद्र और प्रदेश सरकार तक पहुंचाने के लिए पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी का धन्यवाद दिया गया। बैठक में अजमेर सिंह छीना, मोहन मित्तल, संजीव मिश्रा, रामसेवक, रोमी, सुखदेव सिंह, हर्ष गुप्ता, सोनू, गगनदीप, पवन कटियार, जसपाल मल्होत्रा, रूम सिंह, मनीष कटियार सहित तमाम मिल मालिक मौजूद रहे।
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सोमवार को पीलीभीत, पूरनपुर, शाहजहांपुर, पुवायां, बंडा के राइस मिल मालिकों की बैठक बंडा में पुवायां मार्ग पर हुई। मिल मालिकों ने कहा कि यदि सरकर उन पर दबाव बनाकर धान की कुटाई करने को कहेगी तो मिलों को बंद कर सरकार को मिलों की चाबियां सौंप दी जाएगी। अध्यक्षता करते हुए पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष रमाकांत मोदी ने कहा, 40 साल पहले सरकार मिल मालिकों को धान की कुटाई 10 रुपये प्रति क्विंटल देती थी, तब श्रमिक 20 रुपये रोजाना पर मिल जाते थे।
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आज मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन है और डीजल 91 रुपये प्रति लीटर के आसपास मिल रहा है, लेकिन सरकार का कुटाई रेट 10 रुपये प्रति क्विंटल ही बना हुआ है। इससे मिल मालिकों को काफी नुकसान हो रहा है। शाहजहांपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिकिशोर गुप्ता ने कहा कि पहले धान में टूट कम होती थी और रिकवरी 67 प्रतिशत के हिसाब से ली जाती थी। अब धान में ज्यादा टूट होती है, लेकिन रिकवरी 67 प्रतिशत ही बनी हुई है। जबकि रिकवरी 55 से 60 प्रतिशत तक ही हो रही है। सरकार चावल की रिकवरी 60 प्रतिशत तक और कुटाई 250 रुपये प्रति क्विंटल देती है, तभी मिल मालिक धन की कुटाई करेंगे।
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मिल मालिकों की बात केंद्र और प्रदेश सरकार तक पहुंचाने के लिए पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी का धन्यवाद दिया गया। बैठक में अजमेर सिंह छीना, मोहन मित्तल, संजीव मिश्रा, रामसेवक, रोमी, सुखदेव सिंह, हर्ष गुप्ता, सोनू, गगनदीप, पवन कटियार, जसपाल मल्होत्रा, रूम सिंह, मनीष कटियार सहित तमाम मिल मालिक मौजूद रहे।