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दूसरे समुदाय के दंपती को बच्ची देने वाले डॉक्टर पर रिपोर्ट
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निगोही में नवजीवन हास्पिटल को सील करते पुलिस कर्मी
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। नवजात बच्ची को दूसरे समुदाय के व्यक्ति को देने के मामले में निगोही के नवजीवन अस्पताल संचालक डॉ. अशोक राठौर के खिलाफ पीड़ित रमाकांत की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस ने जांच भी शुरू कर दी है।
थाने के सामने नवजीवन अस्पताल में आर्थिक रूप से कमजोर त्रिलोकपुर निवासी रमाकांत की पत्नी संगीता का प्रसव हुआ और छठवीं बच्ची पैदा हुई। आरोप है कि पांच पुत्रियां पहले से होने के कारण अस्पताल के डॉ. अशोक राठौर ने संगीता को बरगलाकर बेटी को देने के लिए कहा। बच्ची को लेने के बाद अस्पताल का खर्चा नहीं लेने का वादा किया था। महिला के इन्कार करने पर डॉक्टर ने रमाकांत से बेटी को लौटान के बजाय दूसरे समुदाय के व्यक्ति को बेचने की बात बताई थी।
मामला विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेताओं तक पहुंचने के बाद हंगामा हुआ। विवाद बढ़ता देखकर दूसरे समुदाय के व्यक्ति ने बच्ची लौटा दी। रमाकांत की ओर से डॉ. अशोक राठौर और नवजीवन अस्पताल के अन्य स्टाफ के खिलाफ आईपीसी की धारा 342 व किशोर न्याय अधिनियम के तहत धारा 81 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अस्पताल शुक्रवार को ही सील कर दिया गया।
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एक महीने पहले भी हुई थी छापेमारी
अवैध रूप से संचालित नवजीवन अस्पताल में एक महीने पहले भी एसीएमओ डॉ. रोहिताश कुमार ने छापा मारा था। उन्होंने रजिस्ट्रेशन व अन्य कागजात मांगे थे तो डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए थे। अवैध रूप से संचालित अस्पताल को नोटिस जारी करते हुए प्रमाण पत्रों को पेश करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस मिलने के बाद भी डॉक्टर ने कोई संज्ञान नहीं लिया और अपने अस्पताल का संचालन करता रहा।
एडीएम के निर्देश पर सील किया अस्पताल
मामला तूल पकड़ा तो सत्ता पक्ष की बड़ी नेता ने एसडीएम को फोन कर कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ पहुंचे तो उन्हें अस्पताल खाली मिला। एसीएमओ के मुताबिक, अस्पताल का संचालन करने वाला बीयूएमएस डॉक्टर है।
स्वास्थ्य विभाग को अभी दोनों पक्षों ने कोई कागज नहीं दिए हैं। साक्ष्य उनके पास आते हैं तो अवैध रूप से अस्पताल चलाने के आरोप में केस दर्ज कराया जाएगा। -डॉ. रोहिताश, एसीएमओ
-तहरीर आने के बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मामले की विवेचना की जा रही है। -संजय कुमार, एसपी सिटी
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थाने के सामने नवजीवन अस्पताल में आर्थिक रूप से कमजोर त्रिलोकपुर निवासी रमाकांत की पत्नी संगीता का प्रसव हुआ और छठवीं बच्ची पैदा हुई। आरोप है कि पांच पुत्रियां पहले से होने के कारण अस्पताल के डॉ. अशोक राठौर ने संगीता को बरगलाकर बेटी को देने के लिए कहा। बच्ची को लेने के बाद अस्पताल का खर्चा नहीं लेने का वादा किया था। महिला के इन्कार करने पर डॉक्टर ने रमाकांत से बेटी को लौटान के बजाय दूसरे समुदाय के व्यक्ति को बेचने की बात बताई थी।
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मामला विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेताओं तक पहुंचने के बाद हंगामा हुआ। विवाद बढ़ता देखकर दूसरे समुदाय के व्यक्ति ने बच्ची लौटा दी। रमाकांत की ओर से डॉ. अशोक राठौर और नवजीवन अस्पताल के अन्य स्टाफ के खिलाफ आईपीसी की धारा 342 व किशोर न्याय अधिनियम के तहत धारा 81 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अस्पताल शुक्रवार को ही सील कर दिया गया।
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एक महीने पहले भी हुई थी छापेमारी
अवैध रूप से संचालित नवजीवन अस्पताल में एक महीने पहले भी एसीएमओ डॉ. रोहिताश कुमार ने छापा मारा था। उन्होंने रजिस्ट्रेशन व अन्य कागजात मांगे थे तो डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए थे। अवैध रूप से संचालित अस्पताल को नोटिस जारी करते हुए प्रमाण पत्रों को पेश करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस मिलने के बाद भी डॉक्टर ने कोई संज्ञान नहीं लिया और अपने अस्पताल का संचालन करता रहा।
एडीएम के निर्देश पर सील किया अस्पताल
मामला तूल पकड़ा तो सत्ता पक्ष की बड़ी नेता ने एसडीएम को फोन कर कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ पहुंचे तो उन्हें अस्पताल खाली मिला। एसीएमओ के मुताबिक, अस्पताल का संचालन करने वाला बीयूएमएस डॉक्टर है।
स्वास्थ्य विभाग को अभी दोनों पक्षों ने कोई कागज नहीं दिए हैं। साक्ष्य उनके पास आते हैं तो अवैध रूप से अस्पताल चलाने के आरोप में केस दर्ज कराया जाएगा। -डॉ. रोहिताश, एसीएमओ
-तहरीर आने के बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मामले की विवेचना की जा रही है। -संजय कुमार, एसपी सिटी