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Shahjahanpur News: जलालाबाद तहसील के गांवों में बारिश से गिरे कच्चे मकान
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गांव कहार गौटिया में गिरी कच्चे मकान की दीवार। पीड़ित
जलालाबाद। लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्र में फसली नुकसान के अलावा लोगों को कई अन्य तरह की दुश्वारियों से भी जूझना पड़ रहा है। रविवार शाम विभिन्न बैराजों से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद रामगंगा के फिर से उफनाने के आसार बढ़ गए हैं।
शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश चौथे दिन सोमवार सुबह तक जारी रही। हालांकि दोपहर के समय बूंदाबादी थम गई। बारिश से खंडहर क्षेत्र व कोलाघाट पुल के करीब बहगुल और रामगंगा नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों की दिक्कतें बढ़ गईं हैं। पहले बाढ़ के पानी से जलमग्न होकर खराब हो चुकीं फसलों को लगातार हो रही बारिश ने बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है।
हथिनापुर समेत ग्रामीण इलाकों के कई रास्ते कीचड़युक्त होने से चलने लायक नहीं बचे हैं। फरीदापुर, कहार गौंटिया, मड़ैया व काजरबोझी आदि गांवों में रामनिवास, मोरपाल, राजवीर, राजेश व रमनपाल आदि ग्रामीणों के कच्चे मकानों की दीवारें गिर जाने से परिवार के सामने सिर छुपाने की समस्या खड़ी हो गई है। खंडहर क्षेत्र के कई गांवों में ठप पड़ी बिजली सप्लाई तीसरे दिन सोमवार को भी बहाल नहीं हो सकी है। तहसील स्थित बाढ़ कंट्रोल रूम के मुताबिक खो खो, हरेली समेत अन्य बैराजों से करीब एक लाख क्यूसेक पानी रामगंगा में छोड़े जाने की सूचना मिली है, जिसके मंगलवार तक पहुंचने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में बहगुल व रामगंगा नदियां मिल जाती हैं जिस कारण रामगंगा में बढ़ने वाला पानी बहगुल नदी का साथ पाकर उफना जाता है। इस पानी के आने के बाद क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में दुश्वारियां बढ़ेंगी।
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शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश चौथे दिन सोमवार सुबह तक जारी रही। हालांकि दोपहर के समय बूंदाबादी थम गई। बारिश से खंडहर क्षेत्र व कोलाघाट पुल के करीब बहगुल और रामगंगा नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों की दिक्कतें बढ़ गईं हैं। पहले बाढ़ के पानी से जलमग्न होकर खराब हो चुकीं फसलों को लगातार हो रही बारिश ने बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है।
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हथिनापुर समेत ग्रामीण इलाकों के कई रास्ते कीचड़युक्त होने से चलने लायक नहीं बचे हैं। फरीदापुर, कहार गौंटिया, मड़ैया व काजरबोझी आदि गांवों में रामनिवास, मोरपाल, राजवीर, राजेश व रमनपाल आदि ग्रामीणों के कच्चे मकानों की दीवारें गिर जाने से परिवार के सामने सिर छुपाने की समस्या खड़ी हो गई है। खंडहर क्षेत्र के कई गांवों में ठप पड़ी बिजली सप्लाई तीसरे दिन सोमवार को भी बहाल नहीं हो सकी है। तहसील स्थित बाढ़ कंट्रोल रूम के मुताबिक खो खो, हरेली समेत अन्य बैराजों से करीब एक लाख क्यूसेक पानी रामगंगा में छोड़े जाने की सूचना मिली है, जिसके मंगलवार तक पहुंचने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में बहगुल व रामगंगा नदियां मिल जाती हैं जिस कारण रामगंगा में बढ़ने वाला पानी बहगुल नदी का साथ पाकर उफना जाता है। इस पानी के आने के बाद क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में दुश्वारियां बढ़ेंगी।

गांव कहार गौटिया में गिरी कच्चे मकान की दीवार। पीड़ित
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