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Shahjahanpur News: बारिश से खुली नाला सफाई की पोल
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जजी कचहरी के पास सड़क किनारे हुआ जलभराव। संवाद
- फोटो : Samvad
शाहजहांपुर। बारिश ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। नाला-नालियों के चोक होने की वजह से बारिश होते ही जलभराव हो गया। इसका खमियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा।
पिछले वर्ष 15 अप्रैल से नाले-नालियों की सफाई का कार्य शुरू हो गया था। इस बार अब तक निविदा प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। संभावना जताई जा रही है कि 15 मई से 15 जून तक नाले-नालियों की सफाई का काम शुरू हो पाएगा। ऐसे में सोमवार को हुई थोड़ी सी बारिश से कई स्थानों पर नाला-नाली ओवरफ्लो होने के कारण सड़क पर पानी भर गया।
नगर निगम वर्ष में एक बार नाले-नाली की सफाई कराता है। पिछले वर्ष सफाई में करीब एक करोड़ रुपये का बजट खर्च हुआ था। इसके बाद नगर निगम ने नाले और नलियों की सफाई पर ध्यान नहीं दिया। इतना मोटा बजट खर्च होने के बाद भी शहरवासियों को राहत नहीं मिली। इस सत्र में अब तक नाले-नालियों की सफाई शुरू नहीं हो पाई है। सोमवार सुबह हुई बारिश में शहर की कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं। इसकी वजह से राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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शहर में नालों की स्थिति
- 28 बड़े नाले
- 155 छोटे नाले
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65 लाख रुपये में हुआ था बड़े नालों की सफाई का ठेका
गत वर्ष नगर निगम ने शहर में 26 बड़े नालों की सफाई के लिए 65 लाख रुपये में टेंडर किया था। इस वर्ष टेंडर की लागत बढ़ने की संभावना है। बाकी नालों की सफाई नगर निगम ने अपने संसाधनों से कराई थी। नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि 155 छोटे नालों की सफाई का कार्य शुरू हो गया है लेकिन शहर में कहीं सफाई कार्य होता दिखाई देता। बताया जा रहा है कि छोटे नालों की सफाई के लिए 200 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लगाया गया है। प्रत्येक कर्मचारी का एक दिन का मानदेय 423 रुपये निर्धारित किया गया है। अभी एक माह के लिए इन कर्मचारियों को कार्य करने की स्वीकृति मिली है।
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अधिकतर नाला-नालिया मिले चोक
बहादुरगंज में जेल रोड से गुजरने वाला नाला चोक है। बारिश होने पर इस नाले में पानी भर जाता है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसी तरह से महमंद हद्दफ से गुजरने वाला नाला कूड़े और पॉलीथिन की वजह से चोक हो गया है। बारिश होने पर यह नाला उफनाने लगता है। सड़क से लेकर लोगों के घरों तक पानी पहुंच जाता है। इसकी वजह से राहगीरों को परेशानी होती है। इसी तरह बिजलीपुरा और अंटा चौराहा के पास नाले चोक हैं। थोड़ी सी बारिश होने पर जलभराव हो जाता है। टेलीफोन एक्सचेंज, मोहल्ला चमकनी और अलीजई में नालियां चोक हैं। इनकी वजह से सड़कों पर जलभराव हो जाता है।
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छोटी नालियों की सफाई का कार्य शुरू हो गया है। बड़े नालों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया का कार्य चल रहा है। जल्द ही इनकी सफाई का भी कार्य शुरू हो जाएगा।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
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पिछले वर्ष 15 अप्रैल से नाले-नालियों की सफाई का कार्य शुरू हो गया था। इस बार अब तक निविदा प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। संभावना जताई जा रही है कि 15 मई से 15 जून तक नाले-नालियों की सफाई का काम शुरू हो पाएगा। ऐसे में सोमवार को हुई थोड़ी सी बारिश से कई स्थानों पर नाला-नाली ओवरफ्लो होने के कारण सड़क पर पानी भर गया।
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नगर निगम वर्ष में एक बार नाले-नाली की सफाई कराता है। पिछले वर्ष सफाई में करीब एक करोड़ रुपये का बजट खर्च हुआ था। इसके बाद नगर निगम ने नाले और नलियों की सफाई पर ध्यान नहीं दिया। इतना मोटा बजट खर्च होने के बाद भी शहरवासियों को राहत नहीं मिली। इस सत्र में अब तक नाले-नालियों की सफाई शुरू नहीं हो पाई है। सोमवार सुबह हुई बारिश में शहर की कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं। इसकी वजह से राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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शहर में नालों की स्थिति
- 28 बड़े नाले
- 155 छोटे नाले
65 लाख रुपये में हुआ था बड़े नालों की सफाई का ठेका
गत वर्ष नगर निगम ने शहर में 26 बड़े नालों की सफाई के लिए 65 लाख रुपये में टेंडर किया था। इस वर्ष टेंडर की लागत बढ़ने की संभावना है। बाकी नालों की सफाई नगर निगम ने अपने संसाधनों से कराई थी। नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि 155 छोटे नालों की सफाई का कार्य शुरू हो गया है लेकिन शहर में कहीं सफाई कार्य होता दिखाई देता। बताया जा रहा है कि छोटे नालों की सफाई के लिए 200 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लगाया गया है। प्रत्येक कर्मचारी का एक दिन का मानदेय 423 रुपये निर्धारित किया गया है। अभी एक माह के लिए इन कर्मचारियों को कार्य करने की स्वीकृति मिली है।
अधिकतर नाला-नालिया मिले चोक
बहादुरगंज में जेल रोड से गुजरने वाला नाला चोक है। बारिश होने पर इस नाले में पानी भर जाता है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसी तरह से महमंद हद्दफ से गुजरने वाला नाला कूड़े और पॉलीथिन की वजह से चोक हो गया है। बारिश होने पर यह नाला उफनाने लगता है। सड़क से लेकर लोगों के घरों तक पानी पहुंच जाता है। इसकी वजह से राहगीरों को परेशानी होती है। इसी तरह बिजलीपुरा और अंटा चौराहा के पास नाले चोक हैं। थोड़ी सी बारिश होने पर जलभराव हो जाता है। टेलीफोन एक्सचेंज, मोहल्ला चमकनी और अलीजई में नालियां चोक हैं। इनकी वजह से सड़कों पर जलभराव हो जाता है।
छोटी नालियों की सफाई का कार्य शुरू हो गया है। बड़े नालों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया का कार्य चल रहा है। जल्द ही इनकी सफाई का भी कार्य शुरू हो जाएगा।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त

जजी कचहरी के पास सड़क किनारे हुआ जलभराव। संवाद- फोटो : Samvad

जजी कचहरी के पास सड़क किनारे हुआ जलभराव। संवाद- फोटो : Samvad

जजी कचहरी के पास सड़क किनारे हुआ जलभराव। संवाद- फोटो : Samvad