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झमाझम बारिश से शहर हुआ तरबतर
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Fri, 29 Jul 2016 11:11 PM IST
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झमाझम बारिश से शहर हुआ तरबतर
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मानसूनी बादलों ने शुक्रवार को बारिश की झड़ी लगाकर शहर समेत जिले को तरबतर कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक हुई झमाझम बरसात से नाले-नालियां उफना चले और निचले स्थानों पर सड़कें-गलियां तालाब में तब्दील हो गईं। जगह-जगह जलभराव से घंटों जनजीवन ठहरा रहा और इस वजह से सरकारी दफ्तरों समेत स्कूल-कालेजों में उपस्थिति भी घट गई।
रिमझिम फुहारों का दौर कई दिन से जारी था, लेकिन झमाझम बरसात के लिए बादल तरसाते रहे। लोगों की यह मुराद मानसून की काली घटाओं ने शुक्रवार को पूरी कर दी। हालांकि, सुबह छह बजे आसमान पर छाए बादलों की परत हल्की पड़ने पर लोगों को थोड़ी निराशा हुई, लेकिन दो घंटे बाद काली घटाओं से अंधेरा छाने लगा। सुबह साढ़े नौ बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिसने कुछ ही देर में तेज बारिश का रूप ले लिया।
डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने के बाद भी बूंदाबांदी होती रही। नतीजा यह हुआ कि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी समय से नहीं पहुंच पाए। बाहर से आने वाले कर्मचारियों ने आकस्मिक अवकाश लेकर बारिश का लुत्फ लिया। उधर, सुबह से मौसम के बिगड़ैल तेवर देख स्कूल-कालेजों में छात्र-छात्राएं भी बहुत कम पहुंचे। जो बच्चे स्कूल गए भी, वह रेनी डे की छुट्टी हो जाने से बारिश में भीगते हुए घरों को पहुंचे।
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इन सभी स्थानों पर हो गया विकट जलभराव
मूसलाधार बरसात से शहर के अंटा चौराहा, लाल इमली चौराहा, रोडवेज स्टेशन के सामने, बीएसए कार्यालय कैंपस, पुराना एसपी कार्यालय, हुसैनपुरा, बिजलीपुरा, हयातपुरा, कनौजिया तिराहा, लोहारों का चौराहा, बहादुरगंज पचराहा तिराहा से टेलीफोन एक्सचेंज तक, बकसरिया, मतानी, बाला तिराही, अजीजगंज आदि क्षेत्रों में घंटों जलभराव बना रहने से इन सभी स्थानों पर आवागमन ठप रहा।
57.4 मिमी बारिश से 4.4 डिग्री लुढ़का पारा
दिन में झमाझम बरसात के बाद भी शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार शुक्रवार को सुबह से शाम तक 57.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। उन्होंने बताया कि दिन भर बारिश और आसमान पर बादलों के छाए रहने से पिछले 24 घंटे की तुलना में तापमान 4.4 डिग्री गिरकर 28.0 डिग्री सेल्सियस रह गया। बैरोमीटर से मिल रहे संकेत के आधार पर उन्होंने शनिवार को भी बारिश की झड़ी लगी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
गंगा समेत सभी सहायक नदियों में आया उफान
जिले से होकर बहने वाली गंगा-रामगंगा और अन्य सहायक नदियों के जल ग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा का असर नदियों में उफान के तौर पर दिखने लगा है। शहर के समीप गर्रा नदी का जल स्तर 40 सेमी बढ़कर 146.40 मीटर पर पहुंच गया। पिछले 24 घंटे की तुलना में खन्नौत का जलस्तर सुबह 10 सेमी घटकर 143.70 मीटर पर आ गया था, लेकिन बरसात के बाद अचानक नदी का पेटा बढ़ने लगा। खन्नौत के बहाव ने लोधीपुर की तराई में बने मकानों की ओर रुख करना शुरू कर दिया। उधर, कलान के भैंसार बांध पर गंगा पांच सेमी बढ़कर 142.65 मीटर पर पहुंच गई। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि बरेली के चौबारी में रामगंगा 11 सेमी बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि नरौरा समेत अन्य बैराजों से शुक्रवार को रिलीज हुए करीब 1.20 लाख क्यूसेक पानी से नदियों का जल स्तर और बढ़ने के आसार हैं।
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रिमझिम फुहारों का दौर कई दिन से जारी था, लेकिन झमाझम बरसात के लिए बादल तरसाते रहे। लोगों की यह मुराद मानसून की काली घटाओं ने शुक्रवार को पूरी कर दी। हालांकि, सुबह छह बजे आसमान पर छाए बादलों की परत हल्की पड़ने पर लोगों को थोड़ी निराशा हुई, लेकिन दो घंटे बाद काली घटाओं से अंधेरा छाने लगा। सुबह साढ़े नौ बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिसने कुछ ही देर में तेज बारिश का रूप ले लिया।
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डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने के बाद भी बूंदाबांदी होती रही। नतीजा यह हुआ कि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी समय से नहीं पहुंच पाए। बाहर से आने वाले कर्मचारियों ने आकस्मिक अवकाश लेकर बारिश का लुत्फ लिया। उधर, सुबह से मौसम के बिगड़ैल तेवर देख स्कूल-कालेजों में छात्र-छात्राएं भी बहुत कम पहुंचे। जो बच्चे स्कूल गए भी, वह रेनी डे की छुट्टी हो जाने से बारिश में भीगते हुए घरों को पहुंचे।
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इन सभी स्थानों पर हो गया विकट जलभराव
मूसलाधार बरसात से शहर के अंटा चौराहा, लाल इमली चौराहा, रोडवेज स्टेशन के सामने, बीएसए कार्यालय कैंपस, पुराना एसपी कार्यालय, हुसैनपुरा, बिजलीपुरा, हयातपुरा, कनौजिया तिराहा, लोहारों का चौराहा, बहादुरगंज पचराहा तिराहा से टेलीफोन एक्सचेंज तक, बकसरिया, मतानी, बाला तिराही, अजीजगंज आदि क्षेत्रों में घंटों जलभराव बना रहने से इन सभी स्थानों पर आवागमन ठप रहा।
57.4 मिमी बारिश से 4.4 डिग्री लुढ़का पारा
दिन में झमाझम बरसात के बाद भी शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार शुक्रवार को सुबह से शाम तक 57.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। उन्होंने बताया कि दिन भर बारिश और आसमान पर बादलों के छाए रहने से पिछले 24 घंटे की तुलना में तापमान 4.4 डिग्री गिरकर 28.0 डिग्री सेल्सियस रह गया। बैरोमीटर से मिल रहे संकेत के आधार पर उन्होंने शनिवार को भी बारिश की झड़ी लगी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
गंगा समेत सभी सहायक नदियों में आया उफान
जिले से होकर बहने वाली गंगा-रामगंगा और अन्य सहायक नदियों के जल ग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा का असर नदियों में उफान के तौर पर दिखने लगा है। शहर के समीप गर्रा नदी का जल स्तर 40 सेमी बढ़कर 146.40 मीटर पर पहुंच गया। पिछले 24 घंटे की तुलना में खन्नौत का जलस्तर सुबह 10 सेमी घटकर 143.70 मीटर पर आ गया था, लेकिन बरसात के बाद अचानक नदी का पेटा बढ़ने लगा। खन्नौत के बहाव ने लोधीपुर की तराई में बने मकानों की ओर रुख करना शुरू कर दिया। उधर, कलान के भैंसार बांध पर गंगा पांच सेमी बढ़कर 142.65 मीटर पर पहुंच गई। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि बरेली के चौबारी में रामगंगा 11 सेमी बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि नरौरा समेत अन्य बैराजों से शुक्रवार को रिलीज हुए करीब 1.20 लाख क्यूसेक पानी से नदियों का जल स्तर और बढ़ने के आसार हैं।