{"_id":"68ec1188f1ef5a0ccc0bdc48","slug":"puwaiyan-police-could-not-trace-gurusevak-shahjahanpur-news-c-4-bly1052-745251-2025-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: गुरुसेवक का सुराग नहीं लगा पाई थी पुवायां पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: गुरुसेवक का सुराग नहीं लगा पाई थी पुवायां पुलिस
विज्ञापन
पुवायां (शाहजहांपुर)। कार लूटकर चालक अवनीश दीक्षित की हत्या कर शव झाड़ियों में फेंके जाने के मामले में ढेर हुए इनामी शातिर बदमाश गुरुसेवक सिंह पर पुवायां थाने में हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज थी। पुवायां पुलिस ने इस मामले को शुरुआत से गंभीरता से तो लिया, मगर गुरुसेवक के बारे में कोई सुराग नहीं मिला। इसलिए रविवार को जब उसके मारे जाने की खबर मिली तो वह उसके लिए राहत देने वाली थी।
पुवायां से छह अक्तूबर को कार बुकिंग पर ले जाने के बाद चालक मोहल्ला कसभरा तकिया निवासी अवनीश की हत्या करके शव को रोजा के रेलवे मैदान की झाड़ियों में फेंक दिया गया था। बदमाश कार लेकर भाग निकले थे। पुवायां से कार को गांव पटई निवासी गुरूसेवक सिंह ही बुकिंग करके ले गया था। इसलिए आठ अक्तूबर को तहरीर मिलने के बाद से ही पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में भी इसी तरीके से घटना होने के बाद वहां की पुलिस गहनता से काम कर रही थी और दस अक्तूबर की रात को लखनऊ पुलिस ने एक बदमाश हरदोई के पिहानी थाना क्षेत्र निवासी अजय के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का दावा था कि इस दौरान गुरूसेवक अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकला था। पुवायां पुलिस की कार्रवाई पर गौर करें तो अभी तक कोई ऐसा सुराग हासिल नहीं कर सकी थी। यहां की पुलिस लखनऊ पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रही थी।
-- --
लखनऊ और पुवायां की घटनाएं थीं एक जैसी
पुवायां। लखनऊ और पुवायां में एक जैसी दो घटनाएं हुई। लखनऊ के थाना पारा थाना क्षेत्र से योगेश की हत्या कर गाड़ी लूट की घटना की पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट लिखी लेकिन मेहनत करके कुछ ही दिनों में लूटी गई कार को बरामद करते हुए एक अभियुक्त को भी गिरफ्तार कर लिया था। वहीं पुवायां पुलिस गुरुसेवक तक नहीं पहुंच पाई।
विज्ञापन
-- --
तीन बदमाश रहे थे अवनीश की हत्या में शामिल
पुवायां। लखनऊ में एक बदमाश अजय के पकड़े जाने के बाद पुवायां के अवनीश हत्याकांड का पूरा खुलासा वहां हो गया है। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि लखनऊ पुलिस ने अजय से हुई पूछताछ के बाद बताया कि पुवायां से गाड़ी ले जाने के बाद गुरूसेवक, अजय और शाहजहांपुर के कांट थाना क्षेत्र के एक बदमाश ने अवनीश की हत्या कर कार को लूटा था। एक बदमाश अजय की गिरफ्तारी और दूसरे बदमाश गुरुसेवक के एनकाउंटर में ढ़ेर होने के बाद एक बदमाश अभी शेष रह गया है। उसकी भी तलाश की जा रही है।
00000000000
नशे की लत में शातिर अपराधी बन गया था गुरुसेवक...चार साल में ही हुआ अंत
पुवायां। जिस 30 वर्षीय गुरुसेवक सिंह को लखनऊ पुलिस ने एनकाउंटर में मारा है, वह नशे की लत में घिरा हुआ था। शातिर अपराधी बनने के बाद चार साल में ही वह मौत तक पहुंच गया। लखनऊ और पुवायां की बड़ी घटनाओं से पहले उस पर चार मुकदमे दर्ज थे।
गांव पटई के लोगों के अनुसार, गुरुसेवक के पिता के नाम लगभग 12 एकड़ जमीन थी और रहने के लिए अच्छा मकान बना हुआ था। कुछ वर्षों से गुरुसेवक को नशे की लत लग गई और वह शराब पीने लगा। गांव से लेकर आसपास के गांवों के कुछ युवा उसके दोस्त बन गए। इसके बाद उसने अपने पिता के नाम की पूरी जमीन धीरे-धीरे बिक्री करा दी और रुपये नशे में उड़ा दिए। मकान सहित सब कुछ बिकने के बाद माता-पिता उत्तराखंड के सितारगंज में जाकर रहने लगे। थाना प्रभारी रवि करन सिंह के अनुसार, गुरुसेवक ने पुवायां में चोरी की एक घटना को अंजाम दिया था। पुलिस मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुवायां में एक मुकदमा उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम का भी एक मुकदमा दर्ज है। इससे पूर्व लखीमपुर खीरी में वह दुष्कर्म के मामले में भी जेल भेजा जा चुका था। गांव के लोगों का कहना है कि उसने अपनी नशे की लत के कारण अपना सब कुछ बेच दिया और बाद में शातिर अपराधी बनकर अपनी जिंदगी भी गंवा दी। संवाद
विज्ञापन
पुवायां से छह अक्तूबर को कार बुकिंग पर ले जाने के बाद चालक मोहल्ला कसभरा तकिया निवासी अवनीश की हत्या करके शव को रोजा के रेलवे मैदान की झाड़ियों में फेंक दिया गया था। बदमाश कार लेकर भाग निकले थे। पुवायां से कार को गांव पटई निवासी गुरूसेवक सिंह ही बुकिंग करके ले गया था। इसलिए आठ अक्तूबर को तहरीर मिलने के बाद से ही पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में भी इसी तरीके से घटना होने के बाद वहां की पुलिस गहनता से काम कर रही थी और दस अक्तूबर की रात को लखनऊ पुलिस ने एक बदमाश हरदोई के पिहानी थाना क्षेत्र निवासी अजय के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का दावा था कि इस दौरान गुरूसेवक अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकला था। पुवायां पुलिस की कार्रवाई पर गौर करें तो अभी तक कोई ऐसा सुराग हासिल नहीं कर सकी थी। यहां की पुलिस लखनऊ पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रही थी।
विज्ञापन
लखनऊ और पुवायां की घटनाएं थीं एक जैसी
पुवायां। लखनऊ और पुवायां में एक जैसी दो घटनाएं हुई। लखनऊ के थाना पारा थाना क्षेत्र से योगेश की हत्या कर गाड़ी लूट की घटना की पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट लिखी लेकिन मेहनत करके कुछ ही दिनों में लूटी गई कार को बरामद करते हुए एक अभियुक्त को भी गिरफ्तार कर लिया था। वहीं पुवायां पुलिस गुरुसेवक तक नहीं पहुंच पाई।
विज्ञापन
तीन बदमाश रहे थे अवनीश की हत्या में शामिल
पुवायां। लखनऊ में एक बदमाश अजय के पकड़े जाने के बाद पुवायां के अवनीश हत्याकांड का पूरा खुलासा वहां हो गया है। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि लखनऊ पुलिस ने अजय से हुई पूछताछ के बाद बताया कि पुवायां से गाड़ी ले जाने के बाद गुरूसेवक, अजय और शाहजहांपुर के कांट थाना क्षेत्र के एक बदमाश ने अवनीश की हत्या कर कार को लूटा था। एक बदमाश अजय की गिरफ्तारी और दूसरे बदमाश गुरुसेवक के एनकाउंटर में ढ़ेर होने के बाद एक बदमाश अभी शेष रह गया है। उसकी भी तलाश की जा रही है।
00000000000
नशे की लत में शातिर अपराधी बन गया था गुरुसेवक...चार साल में ही हुआ अंत
पुवायां। जिस 30 वर्षीय गुरुसेवक सिंह को लखनऊ पुलिस ने एनकाउंटर में मारा है, वह नशे की लत में घिरा हुआ था। शातिर अपराधी बनने के बाद चार साल में ही वह मौत तक पहुंच गया। लखनऊ और पुवायां की बड़ी घटनाओं से पहले उस पर चार मुकदमे दर्ज थे।
गांव पटई के लोगों के अनुसार, गुरुसेवक के पिता के नाम लगभग 12 एकड़ जमीन थी और रहने के लिए अच्छा मकान बना हुआ था। कुछ वर्षों से गुरुसेवक को नशे की लत लग गई और वह शराब पीने लगा। गांव से लेकर आसपास के गांवों के कुछ युवा उसके दोस्त बन गए। इसके बाद उसने अपने पिता के नाम की पूरी जमीन धीरे-धीरे बिक्री करा दी और रुपये नशे में उड़ा दिए। मकान सहित सब कुछ बिकने के बाद माता-पिता उत्तराखंड के सितारगंज में जाकर रहने लगे। थाना प्रभारी रवि करन सिंह के अनुसार, गुरुसेवक ने पुवायां में चोरी की एक घटना को अंजाम दिया था। पुलिस मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुवायां में एक मुकदमा उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम का भी एक मुकदमा दर्ज है। इससे पूर्व लखीमपुर खीरी में वह दुष्कर्म के मामले में भी जेल भेजा जा चुका था। गांव के लोगों का कहना है कि उसने अपनी नशे की लत के कारण अपना सब कुछ बेच दिया और बाद में शातिर अपराधी बनकर अपनी जिंदगी भी गंवा दी। संवाद