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योजना की धनराशि हड़पने पर स्वच्छकारों ने किया प्रदर्शन
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते स्वच्छकार
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। मैला ढोने के बजाय आजीविका के अन्य साधन अपनाने के लिए जलालाबाद और मदनापुर के सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वच्छकार विमुक्ति योजना के तहत दी गई धनराशि कुछ लोगों ने जालसाजी कर हड़प ली। क्षेत्रीय अधिकारियों से शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं होने पर वाल्मीकि समाज के पीड़ित परिवारों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और एडीएम फाइनेंस को ज्ञापन देकर हड़पी गई रकम दिलाने की मांग की।
जलालाबाद क्षेत्र के गांव नौगवां रौली बौरी निवासी राकेश कुमार ने एडीएम को बताया कि मैला ढाने की प्रथा खत्म करने के लिए सरकार ने वाल्मीकि समाज तमाम परिवारों को स्वच्छकार विमुक्ति योजना के तहत 50 प्रतिशत अनुदान सहित 40-40 हजार रुपये स्वीकृत किए थे। खातों में धनराशि आने पर योजना से जुड़े एक कर्मचारी ने लाभार्थियों के खातों से जालसाजी करके पूरी रकम खुद निकाल ली। उसने योजनाबद्ध तरीके से ठगी करने के लिए एक जनसेवा केंद्र के संचालक को लैपटॉप लेकर लाभार्थियों के घर ले जाकर उनके अंगूठा निशान लगवा लिए।
ज्ञापन में कहा है कि कर्मचारी ने लाभार्थियों की पासबुकें पहले से ही अपने पास रख ली थीं। यही नहीं, उसने लाभार्थी सूची में तमाम फर्जी नाम कराकर उनकी धनराशि भी हड़प ली। निष्पक्ष जांच की जाए तो सैकड़ों लाभार्थियों से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला उजागर हो सकता है। एडीएम ने संबंधित तहसीलों के अधिकारियों से जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान संगीता देवी, अनीता, गामा, देवकी, बबलू, राजवीर आदि मौजूद रहे।
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जलालाबाद क्षेत्र के गांव नौगवां रौली बौरी निवासी राकेश कुमार ने एडीएम को बताया कि मैला ढाने की प्रथा खत्म करने के लिए सरकार ने वाल्मीकि समाज तमाम परिवारों को स्वच्छकार विमुक्ति योजना के तहत 50 प्रतिशत अनुदान सहित 40-40 हजार रुपये स्वीकृत किए थे। खातों में धनराशि आने पर योजना से जुड़े एक कर्मचारी ने लाभार्थियों के खातों से जालसाजी करके पूरी रकम खुद निकाल ली। उसने योजनाबद्ध तरीके से ठगी करने के लिए एक जनसेवा केंद्र के संचालक को लैपटॉप लेकर लाभार्थियों के घर ले जाकर उनके अंगूठा निशान लगवा लिए।
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ज्ञापन में कहा है कि कर्मचारी ने लाभार्थियों की पासबुकें पहले से ही अपने पास रख ली थीं। यही नहीं, उसने लाभार्थी सूची में तमाम फर्जी नाम कराकर उनकी धनराशि भी हड़प ली। निष्पक्ष जांच की जाए तो सैकड़ों लाभार्थियों से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला उजागर हो सकता है। एडीएम ने संबंधित तहसीलों के अधिकारियों से जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान संगीता देवी, अनीता, गामा, देवकी, बबलू, राजवीर आदि मौजूद रहे।
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